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कैंसर से डरने की नहीं, जागरूक रहने की जरूरत है
वर्ल्ड कैंसर डे पर एचसीजी कैंसर सेंटर द्वारा वॉकथॉन, जागरूकता और उम्मीद के लिए एक साथ चले 200 से ज्यादा लोग।
इंदौर। कैंसर को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर करने और लोगों को समय पर जांच के लिए प्रेरित करने के मकसद से वर्ल्ड कैंसर डे पर वॉकथॉन का आयोजन किया गया। एचसीजी कैंसर सेंटर की ओर से आयोजित इस वॉकथॉन में करीब 200 लोग शामिल हुए।
इस वॉकथॉन में डॉक्टरों, हॉस्पिटल स्टाफ, कॉलेज स्टूडेंट्स, कैंसर सर्वाइवर और उनके परिवारों ने एक साथ कदम बढ़ाए। संदेश साफ था कि कैंसर से डरने की नहीं, जागरूक रहने की जरूरत है।
वॉकथॉन की शुरुआत एचसीजी कैंसर सेंटर से हुई और एलआईजी स्क्वायर, इंडस्ट्री हाउस, पलासिया होते हुए दोबारा एचसीजी कैंसर सेंटर पर समाप्त हुई। सुबह के समय आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों ने व्हाइट आउटफिट में हिस्सा लेकर एकजुटता और उम्मीद का प्रतीक पेश किया।
इस मौके पर एचसीजी कैंसर सेंटर इंदौर के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर नितिन बामनिया ने कहा कि जागरूकता ही सबसे बड़ी ताकत है। समय पर बीमारी की पहचान सुरक्षा है और स्वस्थ आदतें ही असली बचाव हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीद कैंसर से जंग में सबसे मजबूत सहारा है। इस वर्ल्ड कैंसर डे पर संदेश साफ है— जीवन चुनें, स्वास्थ्य चुनें और उम्मीद चुनें।
कार्यक्रम में सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ नयन गुप्ता, डॉ साकेत मित्तल, रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ अमित, मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ सुनीत लोकवाणी और कंसल्टेंट गायनिक सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ रेनू शर्मा मौजूद रहे। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर लक्षण पहचानना, नियमित जांच और सही जानकारी ही कैंसर के खिलाफ सबसे बड़ी ताकत है।
वॉकथॉन के जरिए यह संदेश दिया गया कि कैंसर से जंग अकेले नहीं लड़ी जाती। परिवार, समाज और डॉक्टरों के साथ मिलकर चलें तो उम्मीद और हौसला दोनों मजबूत होते हैं। आयोजन ने साफ कर दिया कि जागरूकता ही बचाव की पहली सीढ़ी है।


