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डेयरी के नौकरों ने ही की थी लाखों की चोरी
क्राइम ब्रांच ने व्यापारी के यहां हुई नकबजनी का किया पर्दाफाश
इन्दौर.महू के एक बिल्डर एवं दूध व्यापारी के यहाँ हुई सनसनीखेज नकबजनी की वारदात का क्राईम ब्रांच ने पर्दाफाश कर दिया है. नकली चाबी बनाकर, डेयरी के नौकरों ने ही वारदात को अंजाम दिया था. चोरी गए करीब 20 लाख रुपये के जेवरात व 80 हजार नगद रुपयों के साथ दो आरोपी को गिरफ्तार किया है.
क्राइन ब्रांच ने महू के व्यापारी दिलीप अग्रवाल के यहां हुई नकबजनी की घटना की जांच व आरोपियों को पकडऩे के लिए महू पुलिस के साथ एक टीम का गठन किया था. टीम ने वारदात के बारे में सूक्ष्मता से जांच की तो आश्चर्यजनक बात यह सामने आयी कि जिस रात व्यापारी का पूरा परिवार महू से इंदौर शादी में गया हुआ था उसी रात घर व घर से लगी हुई डेयरी के बिना ताले तोड़े चोरी की गयी थी. घर के अंदर कीअलमारी के दरवाजे टूटे मिले थे. इस पर से घर के सदस्यों व नौकरों पर वारदात के विषय में शंका के आधार पर घर के सभी सदस्यों व काम करने वाले नौकरों से बारीकी से पुलिस टीम द्वारा अलग-अलग पूछताछ की गयी. घर व दुकान के नौकरों से पूछताछ में सामने आये तथ्यों के आधार पर डेयरी मे काम करने वाले भय्यू उर्फ साहिल पिता जाहुद्दीन (26) निवासी ग्राम केसरबर्डी तहसील महू पर टीम को शक हुआ. नजर रखने पर उसकी गतिविधियां भी संदिग्ध लगी. इसके चलते भय्यू उर्फ साहिल को हिरासत में लेकर पुलिस टीम द्वारा सखती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. आरोपी ने अपने साथ डेयरी मे काम करने वाले ड्राईवर अमजद पिता साब्बुद्दीन खान (25) साल नि ग्राम केसरबर्डी तहसील महू जिला के साथ मिलकर दिलीप अग्रवाल के यहां उक्त चोरी करना स्वीकार किया. आरोपी भय्यू उर्फ साहिल ने पूछताछ में बताया कि उस पर करीब 1 लाख रुपये का कर्ज था जिसके चलते उसे और रुपयों की जरूरत थी इसलिए उसने चोरी करने का प्लान बनाया.
डुप्लीकेट चाबी से खोले थे ताले
आरोपी भय्यू ने बताया कि चूंकि दिलीप अग्रवाल का घर हमने अच्छे से देखा हुआ था और साथ ही उनकी माता जीमाणकबाई अग्रवाल (जो दूध डेयरी का लेखा-जोखा संभालती है) रुपये व जेवर इत्यादि मूल्यवान वस्तुएं कहां रखती है यह भी दानों आरोपियों साहिल व अमजद को पता था. माणकबाई के पोते की शादी 18 अप्रैल को इंदौर मे होना थी जिसमें घर के सभी सदस्य ताला लगाकर इंदौर जाने वाले थे इसलिए 18-19 अप्रैल की रात को जब घर पर कोई नहीं था तो साहिल ने अमजद को साथ में लेकर डुप्लीकेट चाबी से डेयरी का ताला खोलकर घर मे घुसकर अलमारी मे रखे सोने के जेवर एवं नगदी रुपये चुरा लिये थे.
आधा माल देने का दिया था लालच
आरोपी अमजद ने बताया कि भय्यू उर्फ साहिल ने उसे उसी रात को चोरी करने पर चोरी का आधा माल देने का लालच दिया तो वो भी स्वयं के सेठ के यहां चोरी करने के लिए तैयार हो गया, चूंकि भय्यू उर्फ साहिल ने पहले से ही डुप्लीकेट चाबी बनवा रखी थी इसलिए चोरी करने मे आरोपियों को ज्यादा दिक्कत नहीं आई. चोरी करने के चार दिन बाद साहिल ने उसे वादे के मुताबिक 50 हजार रुपये दिये थे. सोने के जेवर मामला ठंडा होने के बाद आपस मे बांटने की बातहुई थी.


