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संधारण शुल्क और दोहरे करारोपण के विरोध में उद्योगपतियों ने किया प्रदर्शन
इंदौर, 4 मई. संधारण शुल्क और दोहरे करारोपण के विरोध में छोटे उद्योगपति खुलकर मैदान में आ गए है. शुक्रवार को इंदौर में रिगल तिराहे पर उद्योगपतियों ने दो घंटे तक धरना प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान उद्योगपतियों ने गांधी जी की प्रतीमा के चरणों में ज्ञापन रख शिवराज सरकार को सद़बुद्धि देने की प्रार्थना की.
शुक्रवार को मप्र में उद्योगपतियों के सबसे बड़े संगठन एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्ररीज मप्र और संघ से जुड़ी औद्योगिक इकाइ लघु उद्योग भारती के बैनर तले सांवेर रोड़ औद्योगिक क्षेत्र, पोलोग्राउंड, लक्ष्मीबाई नगर, पालदा, राऊ आदि औद्योगिक क्षेत्रों के 200 से अधिक उद्योगपतियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे उद्योगपतियों ने मप्र में लघु उद्योगों के विकास में सरकार की नीतियों को ही रोड़ा बताया. उद्योगपतियों ने कहा कि मेक इन एमपी का दावा करने वाली शिवराज सरकार खुद उद्योगों का विकास बाधक कर रही है। यदि प्रदेश सरकार ने संधारण शुल्क में की गई बढ़ोतरी के साथ ही उद्योगों पर लगने वाले दोहरे कर को समाप्त नहीं किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा. एआईएमपी के अध्यक्ष आलोक दवे का कहना है कि प्रदेश सरकार ने मध्य प्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2015 में उल्लेखित संधारण शुल्क की दरें उद्योग संगठनों को विश्वास में लिए बिना बढ़ा दी. शुल्क बढ़ाने से पहले छोटे उद्योगपतियों की राय तक नहीं ली गई. वहीं अब उद्योगपतियों से बढ़ा हुआ शुल्क ब्याज और पेनल्टी के साथ वसूला जा रहा.


