- जल संरक्षण पर डॉ. ए.के. द्विवेदी के सुझावों की मंत्री तुलसी सिलावट ने की सराहना, अधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही के दिए निर्देश
- Raj Kundra on the Ongoing Pornography Case: I am ready to give up my life if I am found guilty
- पुरी रथ यात्रा से पहले एयरटेल ने पूरे ओडिशा में अपने नेटवर्क को और मजबूत किया
- A Menstrual Hygiene Initiative Fueled Manushi Chhillar's Win for Miss India 2017 Crown
- जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने एमजी एडाप्ट का किया अनावरण
यूपीएससी में मप्र से हो रहा कम सिलेक्शन: मिश्रा
इंदौर. यूपीएससी में मध्यप्रदेश का रिजल्ट डाउन जा रहा है और कम सिलेक्शन हो रहे हैं, हिन्दी को लेकर भी उनका मनोबल थोड़ा कम हो रहा है क्योंकि उनका सोचना है कि यह परीक्षा अंग्रेजी विषय वालों के लिये हो गई है. पहले जहां मप्र से 27 प्रतिशत तक चयन होते थे जो कि अब लगभग 5 प्रतिशत के लभगभ पहुंच गए हैं. इसलिए हम हिन्दी भाषी क्षेत्रों में विद्यार्थियो को प्रोत्साहित कर रहे है. इंदौर में भी काफी पोटेंशियल है.
यह कहना है चाणक्य आईएएस एकेडमी के संस्थापक चेयरमेन सक्सेस गुरु ए.के. मिश्रा का. वे मीडिया से यूपीएसपी परीक्षा के विषय में चर्चा कर रहे थे. उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों में यह मिथ बैठ गया है कि हिंदी के विद्यार्थियों का सिलेक्शन कम हो रहा है. हम उन्हें यही बताना चाहते हैं कि वे हतोत्साहित न हो. हम उन्हें मोटिवेट करना चाहते हैं. हिंदी भाषी बैल्ट यूपी, बिहार, राजस्थान के मुकाबले मध्यप्रदेश रिजल्ट में काफी पीछे रह गया है. इसका कारण यही है कि उनमें अवेयरनेस नहीं है और उन्हेें अंग्रेजी का डर बैठा हुआ है. वे सिर्फ नये पैटर्न से मैच नहीं कर पा रहे है. सिर्फ पैटर्न ही बदला है और कुछ नहीं. परीक्षा टफ नहीं हुई है. एक डर के कारण ही बच्चे एक्जाम नहीं दे रहे हैं यही कारण है कि रिजल्ट कम आ रहा है. उन्होंने कहा कि मेरी यह इच्छा रही है कि पूरे देश में ज्यादा से ज्यादा विधार्थियों को मैं सिविल सेवा में चयन के लिए प्रेरित कर सकूँ, जिससे ये बच्चे अपने स्वर्णिम गौरव को पुन: हासिल कर सके.
छात्रवृत्त टेस्ट 8 को
श्री मिश्रा ने चाणक्य आईएएस एकेडमी के रजत जयंती वर्ष पर छात्रवृति की भी घोषणा करते हुए बताया कि रजत जयंती वर्ष पर संस्थान द्वारा 8 जुलाई को छात्रवृति टेस्ट लिया जा रहा है, जिसमें मेघावी छात्र टेस्ट देकर अपनी प्रतिभा के अनुसार प्रवेश शुल्क में छूट पा सकते हैं. छात्रवृति टेस्ट में शीर्ष तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले को संस्थान 100 फीसदी शुल्क में छूट देगा, वहीं शीर्ष दसवा स्थान प्राप्त करने पर 50 प्रतिशत, अगले 95 स्थान तक के विद्यार्थियों को 25 प्रतिशत और टेस्ट में भाग लेने वाले स्टूडेंट को 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. परीक्षा में भाग लेने वाली महिलाओं को 10 प्रतिशत अतिरिक्त छूट दी जाएगी. जो छात्र एवं छात्राएं यूपीएससी व सिविल सेवा में जाने के लिए सोच रहें है यह टेस्ट उन विद्यार्थियों को सुनहरा अवसर प्रदान करेगा.


