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क्षय रोग मिटाने के लिए विशेष मुहिम चलाएं: राज्यपाल
इंदौर. चिकित्सकों, स्वयं सेवी संगठनों और समाज सेवियों के सहयोग से हमें विशेष मुहिम चलाकर आने वाले वर्षों में देश को क्षय रोग से मुक्त करना हैं। इस कार्य के लिए हमें दूरदृष्टि, पक्का इरादा और दृढ़ इच्छाशक्ति से काम करना होगा। इस काम में आर्थिक रूप से संपन्न लोग भी स्वेच्छा से सहयोग कर सकते हैं.
यह बात राज्यपाल श्रीमती आंनदी बेन पटेल ने कही. सोमवार को राज्यपाल की अध्यक्षता में रेसीडेंसी सभा कक्ष में क्षय रोग के संबंध में बैठक आयोजित की गई.
बैठक में राज्यपाल ने कहा कि देश में जिस प्रकार से स्वच्छता अभियान चला और जनता का सहयोग मिला, इस अभियान में इंदौर देश में नंबर 1 आया. इसी तरह क्षय रोग उन्मूलन अभियान में भी इंदौर देश में नंबर 1 बने. उन्होने इंदौर जिले के सभी 10 विश्व विद्यालयों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वह इंदौर जिले में क्षय रोग से पीडि़त 20-20 बच्चों को गोद लें व उनका पूरा इलाज करवाएं. जिले में प्रोफेसर भी कक्षा में पढ़ाने के उपरांत टी.बी. रोगियों की सेवा कर सकते हैं. क्षय रोगियों को दूध, मूंगफली, गुड़ और केला आदि पूरक पोषण आहार के रूप में दिया जा सकता हैं। यह सब चीजें गरीब रोगियों को अमीरों के द्वारा दान में दी जा सकती हैं. सभी धर्मों में परोपकार को सर्वोत्तम कार्य बताया गया हैं. राजभवन ने भोपाल में 5 क्षय रोगी बच्चों को गोद लिया हैं.
गरीब रोगियों की मदद करें
उन्होने कहा है कि क्षय रोग का मूल कारण में गरीबी और कुपोषण हैं। क्षय रोगियों से किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। क्षय रोगी का वजन घटता जाता हैं और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती हैं। यदि समाज के 10 प्रतिशत परिवार भी क्षय रोगियों को गोद ले लेते हैं तो टीवी का उन्मूलन किया जा सकता हैं। हर अमीर व्यक्ति का यह नैतिक दायित्व है कि वे गरीब रोगियों की मदद करें.
मल्टीड्रग थैरेपी से उपचार
बैठक में कलेक्टर निशांत वरवड़े ने बताया कि इंदौर जिले में क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में ठोस प्रयास किये जा रहे हैं। स्वयं सेवी संगठनों का इस अभियान में विशेष सहयोग मिल रहा हैं. मल्टीड्रग थैरेपी से मरीजों का कारगर तरीके से इलाज किया जा रहा हैं. यह भी प्रयास किया जा रहा हैं कि मरीज सही समय पर नियमित रूप से दवा लें और उन्हे ठोस पोषण आहार भी नियमित रूप से मिले.
इलाज करने वाले चिकित्सक को प्रोत्साहन राशि
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन नायक ने बताया कि इंदौर जिले में 3 सरकारी और एक निजी अस्पताल में क्षय रोग का कारगर इलाज होता हैं. प्रति मरीज इलाज करने वाले चिकित्सक को एक हजार रूपये प्रोत्साहन राशि दी जाती हैं। जिले में कई स्वयं सेवी संगठन क्षय रोग उन्मूलन के लिए कारगर ढ़ंग से काम कर रहे हैं। इंदौर जिले में सन् 2020 तक क्षय रोग से पूरी तरह मुक्त कर दिया जायेगा. बैठक में देवी अहिल्या विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ. नरेन्द्र धाकड़, क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय छजलानी, बड़ी संख्या में रोटरी क्लब, लॉयंस क्लब और जैन सोशल ग्रुप के पदाधिकारी मौजूद थे.


