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20 दिवसीय निःशुल्क प्राकृतिक चिकित्सा परामर्श शिविर 1 से 20 नवंबर तक होगा
अब इंदौर शहर के मध्य मिल सकेगा प्रकृतिक उपचार व चिकित्सकों द्वारा परामर्श, एडवांस आयुष वेलनेस सेंटर और एडवांस योग एवं नेचुरोपैथी हॉस्पिटल द्वारा 20 दिवसीय निःशुल्क परामर्श शिविर 1 से 20 नवंबर 2022 तक लगाया जाएगा
ग्रेटर ब्रजेश्वरी, स्कीम-140 के सामने पिपल्याहाना स्थित सेंटर पर लगेगा 20 दिवसीय परामर्श शिविर
इंदौर। प्राकृतिक चिकित्सा के लिए अब आपको शहर से दूर जाने की जरूरत नहीं। इंदौर शहर के मध्य एक ही परिसर में सभी तरह के प्राकृतिक उपचार आपको सर्वश्रेष्ठ चिकित्सकों द्वारा ले सकेंगे। इसके लिए 18 नवंबर को होने वाले प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के उपलक्ष्य में एडवांस आयुष वेलनेस सेंटर और एडवांस योग एवं नेचुरोपैथी हॉस्पिटल द्वारा 1 नवंबर से 20 नवंबर 2022 तक 20 दिवसीय निःशुल्क प्राकृतिक चिकित्सक परामर्श शिविर का आयोजन किया जाएगा।
यह शिविर 28-ए, ग्रेटर ब्रजेश्वरी, करणावत भोजनालय के पास, स्कीम-140 के सामने पिपल्याहाना इंदौर पर लगाया जाएगा। शिविर में आने वाले लोगों को यहां उपस्थित चिकित्सकों द्वारा उनकी जिज्ञासाओं तथा उनकी बीमारी के बारे में विस्तार से जानने के बाद उसके बेहतर नेचरोपैपैथिक उपचार के लिए परामर्श व मार्गदर्शन दिया जाएगा। वहीं इस शिविर में मड थैरेपी (मिट्टी चिकित्सा), शिरोधारा, बॉडी मसाज, फूट बाथ, कटि स्नान, स्टीम बाथ और स्पाइन बाथ थैरेपी पर विशेष छूट प्रदान की जाएगी।
वैज्ञानिक सलाहाकर बोर्ड, केंद्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद, आयुष मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य एवं सेंटर के संचालक डॉ. एके द्विवेदी ने प्राकृतिक चिकित्सा को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि मरीजों को केवल दवाई दे देना ही उनका पर्याप्त इलाज नहीं है। यदि हम मरीजों को उनकी बीमारी के बारे में अच्छे से समझाते हैं और उससे बचाव के तरीके बताते हैं, तथा मेटेंनिंग कॉज के बारे में बताते हैं और ये भी
बताते हैं कि किस कारण से यह बीमारी हो रही है तभी हमारा ट्रीटमेंट कम्प्लीट होता है।

हम उनको यह भी बताएं कि ऐसा क्या करें जिससे उनको यह बीमारी बार-बार न हो। यदि हम ऐसे प्रयास करते हैं तो ही वह व्यक्ति और उसका परिवार लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है। ऐसा व्यक्ति ही अपने कार्यस्थल पर भी काफी बेहतर सेवाएं दे पाता है क्योंकि वो बार-बार बीमार नहीं पड़ता है। ऐसे में दूसरों के साथ-साथ अपने जीवन को भी और बेहतर बनाने के प्रयास शुरू करें और अच्छे स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और इसके लिए संबंधित आसन, योग, प्राणायाम, नेचुरोपैथी, प्राथमिक चिकित्सा और डाइट तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने इत्यादि पर विशेष ध्यान देकर खुद को सुदृढ़ बनाएं,और समाज तथा राष्ट्र को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका निभाएं.
मिट्टी चिकित्सा और शिरोधारा की थैरेपी तनाव आदि से देती है राहत
डॉ. एके द्विवेदी ने मिट्टी चिकित्सा एवं शिरोधारा के लाभ बताते हुए कहा कि मिट्टी चिकित्सा से पेट में जलन, कब्ज, सिर दर्द, उच्च रक्तचाप, मोटापा एवं सभी प्रकार के चर्म रोग का सफलतापूर्वक उपचार किया जाता है। वहीं शिरोधारा से तनाव दूर होता है, उच्च रक्तचाप सामान्य होता है, नीद अच्छी आती है, याददाश्त और एकाग्रता में वृद्धि होती है, दिमाग शांत होता है, सरदर्द कम होता है, माइग्रेन एवं डिप्रेशन से निजात दिलाने में लाभकारी होता है। शिविर में पंजीयन हेतु 07314989287 एवं 9893519287 पर संपर्क कीजिए


