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ऐसे स्वस्थ हुआ कोरोना का वृद्ध मरीज- डॉ.सलिल भार्गव की जुबानी
इंदौर. एमआटीबी हॉस्पिटल से आज 74 वर्षीय मकमुद्दीन स्वस्थ्य होकर घर रवाना हुए। अधिक उम्र को देखते हुये उन्हें स्वस्थ करना डॉक्टरों के लिये बड़ी चुनौती था। हॉस्पिटल के प्रभारी डॉ. सलिल भार्गव की जुबानी इस तरह ठीक हुआ मरीज:-
“जैसा कि हम जानते हैं हमारे यहां एमआरटीवी सेंटर में कोविड पॉजिटिव पेशेंट को रखा जाता है। 4 अप्रैल की दोपहर को करीब 2:00 बजे के आसपास श्री मकमुद्दीन s/o जलालुद्दीन उम्र 74 वर्ष को एमआरटीवी के आईसीयू एक में भर्ती कराया गया। यहाँ केवल गंभीर मरीजों को भर्ती रखते हैं । भर्ती के समय मकमुद्दीन की हालत काफी गंभीर थी उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी। खांसी की समस्या गंभीर थी और बुखार की शिकायत थी। भर्ती के समय उनका ऑक्सीजन लेवल 76 प्रतिशत था।
मरीज को आईसीयू में आते ही इलाज चालू कर दिया गया। जिसमें तुरंत ऑक्सीजन के साथ non-invasive वेंटीलेटर पर रखा गया साथ ही एंटीबायोटिक, Hydroxychloroquine टेबलेट, azithromycin, steroids, low molecular weight heparin, high dose inj. Vitamin-c के साथ सपोर्टिव ट्रीटमेंट दिया गया। जब मरीज के ब्लड से स्पेशल जांच एबीजी कराया गया तो उसमें पेशेंट मॉडरेट एआरडीएस की कैटेगरी में पाया गया।
जब एक्सरे सामने आया तो वह काफी खराब था । दोनों फेफड़ों में निमोनिया और ग्राउंड ग्लास ऑपेसिटी थी। इस तरह के मरीजों को सारी (सीवियर एक्यूटरे स्पिरेट्री इंफेक्शन) मैं रखा जाता है। करीब 10 से 12 दिनों तक non-invasive ventilator पर रखने के बाद धीरे-धीरे हम उस से बाहर निकालने में सफल रहे हैं उसके बाद मरीज को अगले 10 दिनों तक ऑक्सीजन पर रखा गया । उसके बाद हमने मरीज को ऑक्सीजन से भी हटा दिया।
27 अप्रैल को मरीज की स्थिति काफी बेहतर रही। बिना ऑक्सीजन के मरीज का oxygen level 94 परसेंट है और एक्सरे भी पूर्णता सामान्य हो गया है। जिसके बाद हमने 24 घंटे के अंतराल पर दो को विडसैंपल टेस्ट के लिए भेजें । जो कि नेगेटिव पाए गए। आज 29 अप्रैल को उन्हें डिस्चार्ज किया गया।”
ये थे टीम में शामिल
एमआरटीबी हॉस्पिटल की टीम में डॉ.सलिल भार्गव, डॉ. संजय अवर्सिया, डॉ. दीपक बंसल, डॉ. मिलिंद बल्दी, डॉ. सुनील मुकाती, डॉ. दिलीप चावड़ा, डॉ. विजय अग्रवाल, डॉ. शैलेन्द्र जैन, डॉ. तपन, डॉ. सुदर्शन, श्वसन चिकित्सा, एनेथीशिया टीम, एम.वाय. हॉस्पिटल के सुपरिन्टेंडेंट डॉ. पी.एस.ठाकुर शामिल थे। टीम का नेतृत्व डॉ.ज्योति बिंदल कर रही थीं।


