- Netizens hail Varun Dhawan’s acting in Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai call it a ‘Paisa Vasool Entertainer'
- June Calls for a Laugh: The Best Comedy Titles to Stream on Netflix
- एका मोबिलिटी ने पुणे प्लांट से 1,000वें एससीवी को हरी झंडी दिखाई
- मोटोरोला ने लॉन्च किया edge 70 pro+, जो 2026 का सबसे स्टाइलिश फ्लैगशिप किलर स्मार्टफोन है
- जावेद जाफरी ने सरोज खान को दिया श्रेय, कहा उन्होंने सिखाया कि डांस में एक्सप्रेशन कितनी अहम है
रेमडेशिविर की कालाबाजारी कर रहे थे 2 केयर टेकर व मेल नर्स
क्राइम ब्रांच और लसूड़िया की टीम ने पकड़ा
इन्दौर. क्राइम ब्रांच और लसूड़िया पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रेमडेशिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते दो केयर टेकर और एक मेल नर्स को पकड़ा है. आरोपी तीन रेमडेशिविर इंजेक्शन ऊंची कीमत पर बेचने के फिराक में थे.
जानकारी के अनुसार रेमडेशिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी एवं अवैध बिक्री के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियो को क्राईम वाच सेल पर शिकायत प्राप्त हुई थी. इसकी जांच गुप्त रूप से क्राईम ब्रांच की टीम ने की. जांच के दौरान सनराईज हास्पिटल पंचवटी कालोनी के सामने तीन व्यक्ति रेमडेशिविर इंजेक्शन के अवैध बिक्री की फिराक में घुमने की सूचना मिली. सूचना पर क्राईम ब्रांच और थाना लसुडिया की संयुक्त टीमों ने सनराइज हास्पिटल के सामने पंचवटी कालोनी पर अवैध रेमडशिविर इंजेक्शन बेचने वाले व्यक्तियों से रेमडेशिविर का सौदा किया और योजना के मुताबिक तीन व्यक्तियों को पकड़ा.
पकड़े गए आरोपियों के नाम है मानसिंह पिता स्व. मांगीलाल मीणा (26) निवासी विजय नगर, अंकित पिता जमनालाल पटवारी (25) निवासी विजय और बजरंग पिता रमेशचन्द्र राठौर (20) निवासी. इनके कब्जे से तीन रेमडेशिविर इंजेक्शन बरामद किए गए. इनकी कीमत 10 हजार रुपए हैं और इनको आरोपीगण 30 हजार रुपये प्रति इंजेक्शन के हिसाब से करीब 90 हजार रुपये में क्राइम ब्रांच की टीम से सौदा गिया था. उक्त तीनो आरोपियान योजनाबद्ध तरीके से रेमडेशिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहे थे. आरोपियों को गिरफ्तार कर रेमडेशिविर इंजेक्शन बेचने के लिये उपयोग की जाने वाली 2 मोटर सायकलें, 5 मोबाईल फोन एवं 9250 रुपये आरोपियों के कब्जे से जप्त किये गए.
अस्पताल प्रबंधन से ले रहे जानकारी
आरोपी बजरंग राठौर सनराईज हाँस्पिटल में मेल नर्स का काम करता है. रेमडेशिविर इंजेक्शन सनराईज हाँस्पिटल से ही मिलने की बात कही. इसके बाद सनराईज हास्पिटल के डायरेक्टर डॉ. राजेश उर्फ राजेश्वर योगी और हाँस्पिटल के अन्य स्टाफ की भूमिका की जांच की जा रही हैं. हॉस्पिटल को कितने रेमडेशिविर प्राप्त हुये, कितने का उपयोग मरीजो पर किया और कितना स्टॉक शेष हैं, प्राप्त रेमडेशिविर इंजेक्शन कहाँ से या किस संस्था से प्राप्त हुये हैं इसकी भी जानकारी हाँस्पिटल प्रबंधन से ली जा रही है.
पहले भी कर चुके हैं अवैध बिक्री
आरोपी अंकित पटवारी प्रायवेट एम्बुलेंस चलाता हैं तथा केयर टेकर का काम भी करता हैं. वह किस अस्पताल या संस्था की एम्बुलेंस चलाता था इसके संबंध में जानकारी निकाली जा रही हैं. इसी प्रकार आरोपी मानसिंह भी केयर टेकर का करता हैं. शहर के कई अस्पतालो एवं मेडिकल दुकानों पर भी काम कर चुका हैं. क्राईम वाँच पर मिली शिकायत की जांच सउनि बलरामसिंह तोमर को दी गई थी. शिकायत में मानसिंह मीणा द्वारा ही रेमडेशिविर इंजेक्शन की डील करने का शिकायत में उल्लेख किया गया हैं. आरोपी मानसिंह पूर्व में भी इंदौर शहर मे काफी ऊँची कीमतो पर कई रेमडेशिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर चुका हैं. जिसके संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही हैं.


