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मेदांता में हुआ स्तन कैंसर जांच शिविर का आयोजन
एआई बेस्ड थर्मल सेंसर डिवाइस से की गई सैकड़ों महिलाओं की जांच
इंदौर, फरवरी 2024। भारत में कैंसर का खतरा पिछले कुछ वर्षों में काफी तेजी से बढ़ा है। डब्ल्यूएचओ की कैंसर एजेंसी, इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी) की रिपोर्ट के अनुसार पुरुषों में होंठ, ओरल कैविटी और फेफड़ों के कैंसर के मामले सबसे अधिक देखे जा रहे हैं, वहीं महिलाओं में स्तन और सर्वाइकल कैंसर के केस काफी आम हो गए हैं। नए कैंसर के मामलों में 27 फीसदी मामले केवल स्तन कैंसर हैं। इसके प्रति जागरूकता लाने के लिए हर साल चार फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। इस साल के विश्व कैंसर दिवस का इस साल का थीम “क्लोज द केयर गैप” है जो दुनियाभर में मौजूद कैंसर देखभाल में मौजूद विसंगतियों के बारे में बताता है।
इंदौर के मेदांता सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में गुरुवार, 08 फरवरी 2024 को महिलाओं में बढ़ते स्तन कैंसर के उपचार एवं निदान के लिए स्पेशल कैम्प का आयोजन किया गया। कैम्प में एआई बेस्ड थर्मल सेंसर डिवाइस की मदद से सैकड़ों महिलाओं के स्तन कैंसर की जांच की गई।
मेदांता सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल की कैंसर सर्जन डॉ. नम्रता कछारा ने बताया, “बीते सालों में महिलाओं में स्तन कैंसर काफी तेजी से बढ़ा है, लेकिन अगर समय रहते इसका निदान हो जाए तो इससे होने वाले नुकसानों से बचा जा सकता है। हाल के वर्षों में मेडिकल साइंस ने काफी तरक्की की है, अभी तक मेमोग्राफी से स्तन कैंसर को डिटेक्ट किया जाता है। लेकिन 45 साल से कम उम्र की महिलाओं में यह तरीका उतना सफल नहीं है। इसलिए अब थर्मोग्राफी के माध्यम से कैंसर की जांच की जाने लगी है। यह थर्मल सेंसर डिवाइस छाती के घटते-बढ़ते तापमान पर नजर रखती है, तस्वीरें लेती है उनका विश्लेषण कर असामान्यता की पहचान करती है। इसमें सिर्फ 10-15 मिनट लगते हैं। इस डिवाइस से 5 एमएम के छोटे ट्यूमर की पहचान भी आसानी से हो जाती है।
यह मशीन ना सिर्फ आकार में छोटी है बल्कि कम समय में कई मरीजों में कैंसर की पहचान कर सकती है, स्तन में छोटी गांठ या फुंसी, त्वचा में परिवर्तन जैसे सूजन, लालिमा, दोनों स्तनों के आकार में परिवर्तन, स्तन या निपल में दर्द, निपल से स्राव, बगल में गांठ पड़ना, निपल से खून निकलना, स्तन की त्वचा पर नारंगी धब्बे, गर्दन या बगल में लिम्फ नोड्स, लगातार कई दिनों तक स्तन में खुजली होना और स्तन की त्वचा का नीचे से सख्त होना स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। स्तन कैंसर की रोकथाम के लिए अपने खान-पान पर अधिक ध्यान दें, शराब का सेवन कम करें, स्वस्थ आहार का पालन करें, स्तन की एक्सरसाइज करें या हल्के हाथों से मसाज करें।


