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एससी-एसटी एक्ट के संशोधन के विरोध में सवर्णों का प्रदर्शन
इंदौर में दिखा मिला जुला असर, सवर्ण समाजों के साथ व्यापारियों ने भी दिया समर्थन
इंदौर. एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में सवर्ण वर्ग और सपाक्स समाज के भारत बंद का असर इंदौर और आसपास के क्षेत्र में भी देखने को मिला. सपाक्स समाज के तत्वावधान में आज भारत बंद समर्थकों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंच कर जोरदार प्रदर्शन किया.
सवर्ण समाज, पिछड़ा एंव अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े संगठनों के हजारों कार्यकर्ताओं ने पंढरीनाथ चौराहा स्थित हरसिद्धि मंदिर से कलेक्टर कार्यालय तक जंगी जुलूस निकाल कर केंद्र सरकार द्वारा अध्यादेश के माध्यम से लागू किये गये एससी एसटी एक्ट का अपने अपने तरीकों से जबर्दस्त विरोध व्यक्त किया और राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर निशांत बरवड़े को दिये गये ज्ञापन में इस काले कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की.
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल मैनेजमेंट ने स्कूल बंद रखे. सुरक्षा को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी तैनात रहे. सपाक्स के जिला अध्यक्ष जगदीश जोशी के नेतृत्व में इस अवसर पर शहर के 40 से अधिक समाजों और 25 से अधिक व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि, महिलाएं और आरक्षण के विरोध में हाथों में तख्तियां लिये अनेक बच्चे भी शामिल हुए. बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा. विभिन्न सवर्ण समाज संगठनों के आव्हान पर आज भारत बंद को सपाक्स समाज ने भी अपना समर्थन दिया था।
शहर के 40 समाजों और 25 से अधिक व्यापारी संगठनों ने इस आव्हान पर आज सुबह से दोपहर तक अपने अपने कारोबार एवं प्रतिष्ठान बंद रखे फलस्वरूप शहर के सियागंज, जवाहर मार्ग, एमजी रोड़, सुभाष मार्ग, क्लाथ मार्केट, सराफा, बर्तन बाजार, बंबई बाजार, मारोठिया, मल्हारगंज, मालवामील, पाटनीपुरा, छावनी सहित सभी प्रमुख कारोबारी क्षेत्र पूरी तरह स्वस्फूर्त बंद रहे.
कलेक्टर को दिया ज्ञापन
अधिकांश स्कूल एवं कॉलेज भी बंद रहे. सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी रोजाना की तुलना में बहुत कम रही. पेट्रोल पंप, सिनेमाघर, अनाज मंडी से ले कर बड़े शॉपिंग मॉल भी आधे दिन तक बंद रखे गये. व्यापारियों ने कारोबार बंद रख कर कलेक्टर कार्यालय की ओर कूच किया.रास्ते के बाजारों में भी जिन लोगों ने इक्का दुक्का दुकाने खुली रखी थी, उनसे आग्रह किया तो वे भी दुकान बंद कर कलेक्टर कार्यालय जा रहे काफिले में शामिल होते गये.
बंद का समर्थन सराफा, जेल रोड इलेक्ट्रिकल्स एंड इलेक्ट्रॉनिक मर्चेट्स एसोसिएशन, टाइल्स व्यापारी एसोसिएशन, महारानी रोड व्यापारी संगठन, लोहा मंडी, सीमेंट व्यापारी एसोसिएशन, छावनी अनाज मंडी, प्रॉपर्टी ब्रोकर एसोसिएसन, दवा बाजार व अहिल्या चेंबर्स ऑफ कॉमर्स सहित कई व्यापारी संगठनों ने पहले ही बंद का समर्थन कर दिया था. कई संगठन भी प्रदर्शन में शामिल हुए. कलेक्टर निशांत बरवड़े अपने कक्ष से उठ कर बाहर आए और उन्होने सपाक्स प्रतिनिधियों से ज्ञापन ले कर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया.
शांतिपूर्ण और स्वैच्छिक रहा
बंद शांतिपूर्ण और स्वैच्छिका रहा. मुख्य बाजार जहां बंद रहें वहीं मोहल्लों में इक्का-दुक्का दुकानें खुली रही. अध्यक्ष जगदीश जोशी एवं कार्यकारी अध्यक्ष सतीश शर्मा ने दावा किया कि भारत बंद को आज इंदौर में अभूतपूर्व सफलता मिली है। जिले के महू , सांवेर, देपालपुर, बेटमा, हातोद, गौतमपुरा, कम्पेल, हरसोला, घाटाबिल्लोद, मांगलिया सहित सभी गांवो और कस्बों में भी भारत बंद का व्यापक प्रभाव देखने को मिला हैं। सभी स्थानों पर शांतिपूर्ण ढंग से यह अभियान चलाया गया.
पुलिस बल रहा तैनात
आज सुबह से ही फोर्स तैनात कर दिया गया था. अफसरों को निर्देश दिए गए थे कि वे अपने इलाके में घूमकर व्यवस्था देखें. बाहर से अतिरिक्त फोर्स तो बुलाया नहीं गया है, लेकिन थाने के साथ ही डीआरपी लाइन के बल को भी लगाया गया है. इसके अलावा कंट्रोल रूम पर भी रिजर्व फोर्स रखा गया, ताकि जरूरत पडऩे पर शांति बहाली में इस्तेमाल किया जा सके.


