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2 हजार डॉक्टर, 500 से अधिक रिसर्च और लाइव ऑपरेशन
USICON के साथ इंदौर बना मेडिकल नॉलेज हब
इंदौर, 29 जनवरी 2026। देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर अब चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है। USICON 2026 के पहले दिन गुरुवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में ऐसा माहौल देखने को मिला मानो पूरा शहर ‘हेल्थ और ह्यूमैनिटी’ के उत्सव में शामिल हो गया हो। कॉन्फ्रेंस में इंदौर के सांसद श्री शंकर लालवानी और मेयर पुष्यमित्र भार्गव भी मौजूद रहे| सुबह 9 बजे से ही देश-विदेश से आए 2000 से अधिक यूरोलॉजिस्ट, सर्जन, रिसर्चर और युवा डॉक्टर एक ही छत के नीचे जुटे। कहीं बड़े स्क्रीन पर जटिल सर्जरी के लाइव वीडियो चल रहे थे, कहीं कैंसर के नए इलाजों पर चर्चा हो रही थी, तो कहीं युवा डॉक्टर रिसर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सीखते नजर आए।
पहले दिन ‘USI बेस्ट वीडियो’ और ‘बेस्ट पेपर’ सत्रों में देश के नामी अस्पतालों के विशेषज्ञों ने अपनी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया। मेडिको-लीगल सत्रों में डॉक्टरों को कानूनी जागरूकता दी गई, जबकि IJU सेशन में क्लिनिकल रिसर्च, डेटा एनालिसिस और AI के उपयोग पर विशेष ट्रेनिंग हुई। खास आकर्षण रहा लाइव सर्जरी टेलीकास्ट, जिसमें ऑपरेशन थिएटर से सीधे जटिल सर्जरी का प्रसारण हुआ, जिससे सैकड़ों डॉक्टरों को रियल-टाइम में सीखने का मौका मिला। शाम को उद्घाटन समारोह के साथ सांस्कृतिक रंग भरने के लिए प्रसिद्ध कलाकार रागिनी मक्कड़ की प्रस्तुति रखी गई, जिसने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया।
इस आयोजन का उद्देश्य केवल डॉक्टरों की अकादमिक चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता तक सही इलाज और समय पर जांच का संदेश पहुंचाना भी है। विशेषज्ञों ने कहा कि किडनी स्टोन, प्रोस्टेट, ब्लैडर और यूरिन से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। आधुनिक लेजर और रोबोटिक तकनीक ने इलाज को पहले से अधिक सुरक्षित और कम दर्दनाक बना दिया है।
इंदौर के सांसद श्री शंकर लालवानी ने कहा , “इंदौर आज मेडिकल साइंस की अंतरराष्ट्रीय मेजबानी कर रहा है। यह सिर्फ डॉक्टरों का सम्मेलन नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए गर्व का पल है। यहां जो ज्ञान और तकनीक साझा होगी, उसका सीधा फायदा आम मरीजों को मिलेगा। हमारा इंदौर अब इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं का भी भरोसेमंद केंद्र बन रहा है।”
इंदौर के मेयर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने कहा, “USICON 2026 इंदौर के लिए सिर्फ एक मेडिकल सम्मेलन नहीं, बल्कि हमारी बढ़ती स्वास्थ्य क्षमता का प्रमाण है। शहर ने पिछले कुछ वर्षों में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर, अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों के नेटवर्क में महत्वपूर्ण प्रगति की है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन इंदौर की पहचान को और मजबूत बनाते हैं और यह साबित करते हैं कि हमारा शहर मेडिकल एजुकेशन, ट्रेनिंग और रिसर्च का उभरता हुआ नेशनल हब है। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में देश-विदेश के लोग उन्नत इलाज के लिए इंदौर को अपनी पहली पसंद बनाएं।”
ऑर्गनाइजिंग कमेटी के ट्रेज़रर डॉ. नितीश पाटीदार ने बताया कि “हमने पहले दिन को पूरी तरह ‘सीखो और देखो’ थीम पर डिजाइन किया है। लाइव सर्जरी, बेस्ट वीडियो और केस डिस्कशन इसलिए रखे ताकि डॉक्टर किताबों से नहीं, सीधे असली ऑपरेशन देखकर सीखें। जब यहां से कोई डॉक्टर अपने शहर लौटेगा तो वह बेहतर इलाज दे पाएगा। असली लाभ अंततः मरीज को ही मिलेगा।”
ऑर्गनाइजिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. संजय शिंदे ने बताया कि “हमारी सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग यूरोलॉजी की बीमारियों को गंभीर नहीं मानते। पेशाब में जलन, खून, रुकावट या बार-बार इंफेक्शन — ये छोटे संकेत नहीं, बड़े रोगों की चेतावनी हो सकते हैं। समय पर जांच और विशेषज्ञ से सलाह जीवन बचा सकती है। आज की रोबोटिक और लेजर तकनीक से सर्जरी कम दर्दनाक, जल्दी रिकवरी वाली और अधिक सुरक्षित हो गई है।”
ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. सुशील भाटिया ने कहा “USICON 2026 हमारे लिए केवल मेडिकल कॉन्फ्रेंस नहीं, बल्कि इंदौर की मेहमाननवाजी और क्षमता दिखाने का मौका है। हमने कोशिश की है कि यहां आने वाला हर डॉक्टर ज्ञान के साथ इंदौर की आत्मीयता भी महसूस करे। हमारा सपना है कि आने वाले समय में लोग इलाज के लिए भी इंदौर को पहली पसंद बनाएं। यह आयोजन उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।”
दिनभर चले वैज्ञानिक सत्रों के साथ ‘Urolympics’ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने डॉक्टरों के बीच दोस्ती और संवाद का माहौल बनाया। इंदौर के स्वाद, संस्कृति और आतिथ्य ने मेहमानों का दिल जीत लिया।


