‘मेरे को बेटियां मिल गईं’: दिशा केयर सेंटर के निवासी बताते हैं कैसे एक महिला ने उनकी ज़िंदगी बदल दी

मुंबई: तुम हो ना – घर की सुपरस्टार के मंच पर एक बेहद भावुक पल देखने को मिला जब कंटेस्टेंट दिशा शाह के केयर सेंटर से जुड़े निवासी खुलकर बोले कि किस तरह दिशा ने उनकी ज़िंदगी पर गहरा असर डाला है। जो बातचीत हल्के-फुल्के अंदाज़ में शुरू हुई थी, वह धीरे-धीरे अकेलेपन, नए मौके और अपनापन की भावनाओं पर दिल छू लेने वाली चर्चा में बदल गई।

एक निवासी ने बताया कि वह अपने जीवन के सबसे मुश्किल दौर में सेंटर पहुंचे थे। अपनी यात्रा को याद करते हुए उन्होंने साझा किया, “मुझे यहां आठ साल हो गए। घर में अकेला था। कोरोना में मुझे कैंसर हुआ था। मैं बहुत बीमार रहता था, मुझे चक्कर आते थे, गिर जाता था। लेकिन यहां आने के बाद जो पीरियड था वो छह महीने तक चला। छह महीने में एक आदमी को चक्कर आता है। अब ये लोग मेरा बहुत अच्छा ख्याल रखते हैं।”

एक और निवासी ने भी सेंटर में अपने अनुभव को याद किया और बताया कि कैसे वहां देखी गई देखभाल और अपनापन ने धीरे-धीरे उनकी ज़िंदगी के प्रति सोच बदल दी। अपनी यात्रा साझा करते हुए उन्होंने कहा, “पहले एक महीना उलझन में था। मैं संदेह करता था कि क्या हो पाएगा, क्या नहीं हो पाएगा। फिर धीरे-धीरे देखा कि परिवर्तन हो रहा है। दिशा मैडम नियमित रूप से आती थीं। सबका देखभाल करने वाला रवैया देखा। फिर मेरा सोच बदलने लगा।”

निवासी ने आगे बताया कि कैसे इस माहौल ने उन्हें ज़रूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए प्रेरित किया। “जो कुछ भी मैंने गलतियां की हैं, उनको सुधारने निकला हूं। जो मानसिक रूप से अक्षम लोग हैं, उनको सलाह करता हूं। उनकी मदद करता हूं। ये सब मैंने इन लोगों से ही सीखा है। अब जो मेरे लिए लोगों ने किया, मैं वही दूसरों के लिए करना चाहता हूं।”

बातचीत और भी भावुक हो गई जब एक अन्य निवासी, विमला जी, ने अपने दर्द और हिम्मत की कहानी साझा की। खुलकर बोलते हुए उन्होंने कहा, “मेरे पति मर गए। तीन बच्चे गए। तीन बच्चे चले गए। मैं अनाथ हो गई। मैं कहां जाऊं, कहां रहूं, मेरा कोई ठिकाना नहीं था। मैंने बहुत ठोकरें खाईं। बहुत ठोकरें खाईं।”

उन्होंने आगे बताया कि कैसे दिशा केयर सेंटर तक पहुंचने के बाद उनकी ज़िंदगी बदल गई। “आखिर मुझे बोला गया कि एक जगह है, वहां जाओ। मैं गई और मुझे मेरा गोकुल मिल गया। मेरे को बेटियां मिल गईं। नाती मिल गए। बेटा मिल गया। बेटी मिल गई। सब मिल गए। अब मुझे और कुछ नहीं चाहिए।”

भावनाओं से भरी हुई विमला जी ने आगे कहा, “दिशा बहुत ध्यान रखती है मेरा। बस और क्या चाहिए? बड़ा साल से मैं उसके साथ हूं।”

इन भावुक कहानियों ने मंच पर मौजूद सभी को गहराई से छू लिया। साफ दिखा कि दिशा की कोशिशें सिर्फ देखभाल और सहारा देने तक सीमित नहीं हैं। कई लोगों के लिए वह परिवार बन चुकी हैं, साथ निभाने वाली और मुश्किल वक्त में उम्मीद का सहारा।

एपिसोड का समापन बेहद दिल छू लेने वाले अंदाज़ में हुआ जब दिशा के पति ने एक भावुक कविता के ज़रिए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। इस कविता ने खूबसूरती से दिखाया कि किस तरह दिशा ने अपने आसपास के अनगिनत लोगों की ज़िंदगी पर असर डाला है। उन्होंने साझा किया, “पर खुशी अधूरी थी पहले, अब हर पल खास लगता है। बस एक वजह है तुम हो ना। हर सवाल का जवाब, हर मुश्किल का रास्ता। बस साथ तुम्हारा रहे, फिर लगता है सब ठीक है। क्योंकि तुम हो ना।”

यह भावुक श्रद्धांजलि दिशा की जर्नी को पूरी तरह बयां करती है एक ऐसी महिला जिसकी करुणा और निस्वार्थ सेवा ने अनगिनत लोगों को सिर्फ देखभाल और सहारा ही नहीं दिया, बल्कि अपनापन, परिवार और उम्मीद का असली अहसास दिलाया।

देखिए तुम हो ना – घर की सुपरस्टार, राजीव खंडेलवाल के साथ, हर सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे सिर्फ सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न और सोनी लिव पर।

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