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जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, इंदौर ने हर्षोल्लास के साथ मनाया 17वाँ स्थापना दिवस
सेठ एम.आर. जयपुरिया लेक्चर सीरीज़ में उद्योग एवं संस्कृति का अनूठा संगम
इंदौर, 5 अगस्त 2026: जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, इंदौर ने आज अपना 17वाँ स्थापना दिवस गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में संस्थान के संकाय सदस्यों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. दीपांकर चक्रवर्ती के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत करते हुए सेठ एम.आर. जयपुरिया लेक्चर सीरीज़ की परंपरा एवं उसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह व्याख्यान श्रृंखला वर्षों से विद्यार्थियों को उद्योग, नेतृत्व, नवाचार एवं समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों से जोड़ने का सशक्त माध्यम रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, नवाचार अपनाने तथा मूल्य-आधारित नेतृत्व विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सेठ एम.आर. जयपुरिया लेक्चर सीरीज़ में दो विशिष्ट अतिथियों ने विद्यार्थियों से संवाद किया। सुश्री लॉली वडास्सेरी, सीएचआरओ, डाटामैटिक्स बिजनेस सॉल्यूशंस लिमिटेड, ने उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं, भविष्य के कौशल, नेतृत्व क्षमता एवं करियर निर्माण से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उनके प्रेरक विचारों ने विद्यार्थियों को व्यावसायिक जीवन के लिए नई दिशा प्रदान की।
इसके पश्चात् सुश्री भार्गवी ठाकुर, प्रख्यात हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका एवं मिक्स्ड मेथड्स रिसर्चर, ने अपनी मधुर एवं भावपूर्ण संगीत प्रस्तुति से उपस्थित सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने समारोह को सांस्कृतिक गरिमा से अभिभूत कर दिया।
सम्पूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय डॉ. रेखा अत्री, डीन – स्टूडेंट्स वेलफेयर द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी विशिष्ट अतिथियों, विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रभावशाली धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
17वें स्थापना दिवस का यह आयोजन शिक्षा, उद्योग और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के उत्कृष्ट समन्वय का प्रतीक रहा तथा संस्थान की उत्कृष्टता, नवाचार, उद्योग-अकादमिक सहभागिता एवं मूल्य-आधारित शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ करता है।


