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पीएनबी का पहला एआई शिखर सम्मेलन 2026 एआई-संचालित बैंकिंग के भविष्य को आकार देने के लिए बैंकिंग, नीतिगत और प्रौद्योगिकी जगत के लीडर्स एक साथ आए
~ दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में एआई के प्रयोगों से लेकर उद्यम-स्तरीय प्रभाव तक के परिवर्तन पर चर्चा की गई ~
नई दिल्ली, 03 सितंबर 2026: सार्वजनिक क्षेत्र में भारत के अग्रणी बैंकों में से एक, पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने अपने द्वारका, नई दिल्ली स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय में “इनोवेट, इंटीग्रेट एंड एलीवेट” थीम पर केंद्रित पहले पीएनबी एआईसमिट 2026 का समापन किया। किसी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक द्वारा आयोजित पहले समर्पित एआई सम्मेलनों में से एक के रूप में एक महत्वपूर्ण कीर्तिमान स्थापित करते हुए, इस दो दिवसीय सम्मेलन ने वित्तीय सेवाओं में एआई-संचालित बदलाव के अगले चरण पर विचार-विमर्श करने के लिए नीति निर्माताओं, नियामकों, बैंकिंग और प्रौद्योगिकी के दिग्गजों, फिनटेक और शिक्षाविदों को एक मंच पर लाने का काम किया।
इस शिखर सम्मेलन के अवसर पर वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के अतिरिक्त सचिव श्री डॉ. देबाशीष प्रुस्ती, पीएनबी के एमडी एवं सीईओ श्री अशोक चंद्र, आईबीए के मुख्य कार्यकारी श्री अतुल कुमार गोयल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के क्यूटीसी प्रमुख डॉ. जे.बी.वी. रेड्डी, आईएस सलाहकार श्री गुलशन राय एवं डीन, आईआईटी कानपुर डॉ प्रतीक सेन, डीएफएस, आरबीआई व आईबीए के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उपस्थित रहे। इस चर्चा में एनपीसीआई, एनईजीडी, डीबीएस, एमिरेट्स एनबीडी, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, एसबीआई लाइफ, एडब्लूएस, एनवीआईडीआईए, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और इंफोसिस फिनैकल, मैकिन्जी, बीसीजी, गार्टनर, पीडब्ल्यूसी, ईवाई, आईआईआईटी हैदराबाद और आईएसबी हैदराबाद जैसी संस्थाओं के लीडर्स व विशेषज्ञों की भागीदारी रही।
शिखर सम्मेलन के केंद्र में चार प्रमुख विषय — एआई-संचालित ग्राहक अनुभव, क्रेडिट और एश्योरेंस कार्य में एआई, बैंकिंग में जनरेटिव एआई और एजेंटिक एआई, और उत्तरदायी डेटा व प्रौद्योगिकी फाउंडेशन रहे। पांच से अधिक एआई केस स्टडीज़, 2 शैक्षणिक दृष्टिकोण ने यह प्रदर्शित किया कि कैसे उभरती हुयी तकनीकें बैंकिंग में प्रयोगों से आगे जाकर व्यावहारिक अनुप्रयोगों तक पहुंच रहीं जबकि लगभग 20 कियोस्क ने एआई, जेन एआई, साइबर सुरक्षा, एनालिटिक्स व ग्राहक सेवा से जुड़े समाधान प्रदर्शित किए।
डीएफएस के अपर सचिव, श्री डॉ. देबाशीष प्रुस्ती ने कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में स्मार्ट क्रेडिट डिलीवरी, प्रिडिक्टिव रिस्क मैनेजमेंट, रियल-टाइम फ्रॉड डिटेक्शन और अत्यधिक व्यक्तिगत ग्राहक अनुभव प्रदान करके बैंकिंग के अर्थशास्त्र को मौलिक रूप से बदलने की क्षमता है। भारत के लिए, यूपीआई, अकाउंट एग्रीगेटर और सीकेवाईसी जैसे हमारे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एआई का संगम वित्तीय सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और उत्तरदायी बनाकर वित्तीय समावेशन को अगले स्तर पर ले जा सकता है, विशेष रूप से वंचित और ग्रामीण समुदायों के लिए। जैसे-जैसे भारतीय बैंकिंग प्रणाली एआई को अपना रही है, नवाचार को जिम्मेदार गवर्नेंस के साथ तालमेल बिठाकर आगे बढ़ना होगा। क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए तैयारी करते हुए बैंकिंग में एआई को एकीकृत करने का पीएनबी का प्रयास उस दूरदर्शी दृष्टिकोण को दर्शाता है जिसकी भारतीय वित्तीय क्षेत्र को आवश्यकता है। पीएनबी एआई समिट केवल तकनीक का प्रदर्शन मात्र नहीं है, बल्कि एक व्यापक इकोसिस्टम संवाद की शुरुआत है जो भारत में जिम्मेदार, समावेशी और लचीली एआई-संचालित बैंकिंग के भविष्य को आकार देने में मदद कर सकता है।”
पीएनबी एमडी एवं सीईओ, श्री अशोक चंद्र ने कहा, “पीएनबी एआई समिट भारत के बैंकिंग क्षेत्र में तकनीक के मामले में सबसे आगे रहने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जैसे-जैसे हम पारंपरिक और प्रेडिक्टिव एआई से आगे बढ़कर जनरेटिव और एजेंटिक एआई की ओर बढ़ रहे हैं, एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के रूप में हमारी जिम्मेदारी केवल इन प्रौद्योगिकियों को अपनाने की ही नहीं है, बल्कि आरबीआई के एआई फ़्रेमवर्क के अनुरूप पारदर्शिता, जवाबदेही और ऑडिटेबिलिटी के साथ इन्हें लागू करने की भी है। पीएनबी ने एआई एवं जेन एआई का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया है। पीएनबी एनआईएसटी, यूएसए द्वारा प्रमाणित 86 पब्लिक-फेसिंग एप्लीकेशन में क्वांटम-प्रूफ क्रिप्टोग्राफी को तैनात करने वाला देश का पहला बैंक बनकर अपनी अग्रणी भूमिका पहले ही साबित कर चुका हैं। पीएनबी एआई समिट बैंकों, नियामकों और प्रौद्योगिकी दिग्गजों को एक साथ लाने, यूज़ केसेस को साझा करने तथा माननीय प्रधानमंत्री के बड़े पैमाने पर एआई क्षमताओं का निर्माण करने के विजन के साथ तालमेल बिठाते हुए, सामूहिक रूप से एक जिम्मेदार, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार एआई इकोसिस्टम का निर्माण करने के लिए एक मंच प्रदान करता है।”
इस समिट की एक प्रमुख विशेषता वित्त मंत्रालय के डीएफएस के तत्वावधान में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ‘हैकाथॉन सीरीज 2026’ के हिस्से के रूप में आयोजित ‘पीएनबी साइबर सुरक्षा हैकाथॉन 2026’ का सम्मान था। आईआईटी कानपुर के सहयोग से पीएनबी द्वारा आयोजित इस हैकाथॉन की थीम “क्वांटम-प्रूफ सिस्टम्स फॉर पब्लिक-फेसिंग एप्लिकेशंस” थी। प्रतिभागियों ने पब्लिक-फेसिंग एप्लिकेशंस का मूल्यांकन करने, क्रिप्टोग्राफिक कार्यान्वयन की पहचान करने, पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (पीक्यूसी) की तैयारी का आकलन करने और क्रिप्टोग्राफिक बिल ऑफ मटेरियल्स (सीबीओएम) तैयार करने के लिए समाधान विकसित किए। बैंकिंग क्षेत्र में साइबर सुरक्षा लचीलेपन को मजबूत करने के उद्देश्य से दिए गए नवोन्मेषी समाधानों के लिए विजेता टीमों को नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
पहले दिन की थीम “दिशा निर्धारण: वैश्विक सबक और भारत का संदर्भ” के तहत इस बात पर चर्चा की गई कि कैसे एआई वैश्विक स्तर पर बैंकिंग को नया आकार दे रहा है और यह भारत के लिए क्या अवसर प्रदान करता है। इन चर्चाओं में एआई-संचालित डिजिटल भुगतान, ग्राहक अनुभव, एंटरप्राइज ट्रांसफॉर्मेशन, बहुभाषी एआई, जिम्मेदार गवर्नेंस और ‘एआई-फर्स्ट बैंक’ का उद्भव शामिल था। दूसरे दिन, “पायलट से स्केल तक: प्रौद्योगिकी, निष्पादन और गति देना” थीम के तहत ध्यान कार्यान्वयन और स्केलिंग पर केंद्रित रहा। इसमें एजेंटिक एआई, एक्सप्लेनेबिलिटी, साइबर लचीलेपन, एआई-संचालित निर्णय लेने की प्रक्रिया, एंटरप्राइज एआई एजेंटों, क्लाउड इकोनॉमिक्स और एआई आर्किटेक्चर के साथ-साथ लीगेसी टेक्नोलॉजी के माहौल से एआई-नेटिव एंटरप्राइजेज की ओर बदलाव पर विचार-विमर्श किया गया।
इन दो दिनों के दौरान लगातार उभरा एक प्रमुख विषय यह था कि बैंकिंग में एआई का उपयोग केवल प्रूफ-ऑफ़-कांसेप्ट तक सीमित न रहकर एंटरप्राइज-वाइड ट्रांसफॉर्मेशन की ओर बढ़ रहा है। इसकी सफलता मजबूत डेटा नीव, सुरक्षित आर्किटेक्चर, कुशल प्रतिभा, गवर्नेंस फ्रेमवर्क और मापने योग्य बिजनेस इम्पेक्ट पर निर्भर करती है।
पीएनबी एआई समिट 2026 ने वित्तीय, प्रौद्योगिकी और शैक्षणिक इकोसिस्टम के बीच सहयोग को प्रगाढ़ करने के बैंक के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम चिह्नित किया। इस समिट से उभर कर आए दृष्टिकोण और यूज केसेस पीएनबी की चल रही एआई यात्रा को मजबूती प्रदान करेंगे। साथ ही, वे भारतीय बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के लिए सुरक्षित, जिम्मेदार, समावेशी और स्केलेबल एआई क्षमताओं के निर्माण पर उद्योग स्तर की व्यापक चर्चा में अपना योगदान देंगे।


