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प्रतियोगी परीक्षाओं में उलझे बच्चों के लिए ओशो का निःशुल्क ध्यानयोग शुरू
इंदौर। पढ़ाई में कमजोर या अच्छे नंबरों से पास होने के बावजूद भविष्य के निर्धारण में असहजता अथवा कमजोर याददाश्त से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर तनाव या अवसाद से घिरे बच्चों के लिए सपना-संगीता के पीछे, अशोक नगर स्थित ओशो ग्लीम्पस पर आज से ओशो के नादब्रम्ह ध्यानयोग शिविर का शुभारंभ हुआ।
आज पहले ही दिन 14 छात्र एवं 6 छात्राएं शिविर में पहंुची और मात्र एक घंटे के ध्यानयोग के बाद स्वयं को बहुत कुछ सहज महसूस किया। इस अवसर पर ओशो ग्लीम्पस की प्रेम गरिमा ने कहा कि ओशो के नादब्रम्ह ध्यानयोग को यदि मात्र एक घंटे सुबह निष्ठा के साथ पूरा कर लिया जाए तो बच्चों को अपनी याददाश्त बढ़ाने, एकाग्रता, सजगता, रचनात्मकता और अपनी बुद्धि पर आत्मविश्वास बढ़ाने में काफी मदद मिल सकती है।
इस तरह के शिविर में नादब्रम्ह ध्यान योग से छात्र-छात्राओं के मन में घुसे बैठे परीक्षा एवं स्पर्धाओं के डर से उपजे तनाव एवं अवसाद से भी मुक्ति मिलती है। यह मूलतः मंत्र ध्यान योग है, जिसके प्रयोग से मस्तिष्क में व्याप्त विभिन्न भ्रांतियों, गलत धारणाओं और नकारात्मक चिंतन से मुक्ति मिलती है।
इस दौरान मनुष्य के मन के भावनात्मक एवं शारीरिक तनावों से छुटकारा पाने के लिए नाद ब्रम्ह ध्यान योग का विश्व के अनेक देशों में सफल प्रयोग हुआ है। साधकों को इसके लिए केवल तीन दिनों तक प्रतिदिन एक घंटे का समय देना होगा। यह पूरी तरह निःशुल्क होगा। ओशो ग्लीम्पस पर यह प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 7.30 से 8.30 तक जारी रहेगा।
इसमें पंद्रह से सत्ताईस वर्ष आयु तक के छात्र-छात्राएं भाग ले सकेंगे। इसके साथ ही गर्मी की छुट्टियों को देखते हुए बच्चों के लिए भी एक विशेष शिविर लगाया जाएगा। आज भी करीब 20 साधकों ने एक घंटे तक इस ध्यान योग का प्रशिक्षण प्राप्त किया।


