- रैम्प के अंतर्गत गारमेंट टेक्नोलॉजी एक्सपो बेंगलुरु में मध्यप्रदेश के 29 एमएसएमई होंगे शामिल
- आईओसीआई-सीएचएल हॉस्पिटल 114 में स्पेशल कार्डियक वर्कशॉप का आयोजन किया गया
- It’s melody, family and Prem all over again...Yeh Prem Mol Liya title track out now by Rajshri Productions and Himesh Reshammiya Melodies
- हार्ट मेले में 1000+ लोगों ने सीखा दिल बचाने का तरीका, विशेषज्ञों ने दी CPR की ट्रेनिंग
- छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को ‘यूनियन सृजन’ गृह पत्रिका के लिए प्रथम पुरस्कार
आरंभ में नृत्य कला से वातावरण हुआ खुशनुमा
इंदौर। कार्तिक कला अकादमी के तत्वावधान में लोकमान्य नगर स्थित मंगल भवन में कथक संध्या आरंभ की पाँचवीं शृंखला का आयोजन किया गया। नृत्य कला के माध्यम से वातावरण खुशनुमा हो गया।कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से की गई, जिसे विधि गाजरे, शाताक्षी दीक्षित, इशप्रित कौर, अनुष्का चतुर्वेदी, साक्षी बापट और पायल जूनवाल ने सुंदर हावभाव के साथ प्रस्तुत किया।
इसके पश्चात कथक के ताल पक्ष को मनोरम अंग एवं पद संचालन के साथ साक्षी शर्मा, हिमांशी मनावत, अर्निका शर्मा, श्रीया गुप्ता, प्राची सराफ, वैष्णवी साहू ने अपनी गुरु सुषमा चौधरी के साथ पेश किया।
सावन मास में सावन गीत एवं कृष्ण गीत को आर्ना चौकसे, हिमांशी कौशिक, परागी अग्रवाल, ताश्वी जायसवाल, दामिनी विश्वकर्मा, सीमा तड़वाल, आराध्या गोयल, अरुषी कानूनगो, श्रुति पाण्डे और अधिरा अग्रवाल ने सम्पूर्ण वातावरण को खुशनुमा बना दिया।
शिव आराधना के साथ कवितांगी बोलो पर दक्ष यज्ञ ने दर्शकों की वाहवाही लुटी, जिसे अशिति बडोले, अवनि पराशर, लक्ष्मी वर्मा, खुशी मोदी, गुंजन वियानी, आर्ची जैन, वंशिका साहू ने प्रस्तुत किया।
कृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित गीत नंद के लाला गिरिधर गोपाला को नन्ही-नन्ही बालिकाओं निर्वि मोदी, आर्ना लक्कड़, मोली मोदी, माही नीमा, ओस नीमा, माहूरी शेलगाँवकर, उर्वी वोरा, रिदम शर्मा ने मनमोहक रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की मुख्य प्रस्तुति त्रिवट थी, जिसे योगिता गड़ीकर, रेखा मालवीय व सुषमा चौधरी ने प्रस्तुत किया। अंत में सभी शिष्याओं ने अपने गुरुजनों के साथ मिलकर रास नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रायगढ़ घराने की प्रख्यात नृत्यांगना डॉ. सुचित्रा हरमलकर थीं।
आयोजन का निर्देशन संस्था की वरिष्ठ नृत्यांगनाएँ श्रीमती योगिता गड़ीकर, सुश्री रेखा मालवीय व सुश्री सुषमा चौधरी ने किया। संचालन सुवर्णा गोडबोले ने किया।


