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नौतपे में भी थाने के खुले कैंपस में बैठकर काम कर रहे हैं प्रशासनिक अधिकारी
आजाद नगर थाना क्षेत्र में कड़े परिश्रम से सुधर रही है स्थिति
इंदौर. इन दोनों नौतपा का सूरज भले ही अपने शबाब पर हो,लेकिन इसका असर आज़ाद नगर थाना क्षेत्र में कार्यरत कोरोना योद्धाओं पर नहीं पड़ा है। यहाँ तैनात प्रशासनिक अफ़सरों से लेकर मैदानी कार्यकर्ता आज़ाद नगर थाने के कैंपस में आपको दिनभर मिल जाएंगे। मैदानी कार्यकर्ता घर-घर जाकर अपने सर्वे के काम में मगन दिख जाएंगे
प्रशासनिक अधिकारियों की दृढ़ इच्छा शक्ति, लगातार परिश्रम और निगरानी से इंदौर के आज़ाद नगर क्षेत्र में स्थिति में तेज़ी से सुधार हुआ है। आजाद नगर थाना क्षेत्र में मदीना नगर, कोहिनूर नगर, नेतराम का बग़ीचा और मूसाखेड़ी जैसी बड़ी बसाहटों के साथ 62 कालोनियां हैं। इस थाना क्षेत्र की समूची आबादी लगभग दो लाख है। यह क्षेत्र कोरोना की दृष्टि से सर्वाधिक संवेदनशील क्षेत्र रहा है।
कलेक्टर श्री मनीष सिंह की अगुवाई में यहाँ तैनात प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की सतत सक्रियता से अब यह क्षेत्र कोरोना की जद से काफ़ी हद तक बाहर आ चुका है। यहाँ तैनात अपर कलेक्टर श्री अभय अरविंद बेडेकर बताते हैं कि आज़ाद नगर में 30 मार्च को कोरोना का पहला पॉज़िटिव केस मिला था।
अभी तक यहाँ कुल 131 पॉज़िटिव केस प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से आधे से ज़्यादा ठीक हो गए हैं। 50 का अभी भी इलाज चल रहा है, जिनकी स्थिति स्थिर और बेहतर है। आज़ाद नगर क्षेत्र में कोरोना की भयवाहता इस बात से आंकलित की जा सकती है कि शुरुआत में ही यहाँ पर सात मृत्यु दर्ज की गई थीं। ऐसे में कलेक्टर श्री मनीष सिंह के मार्गदर्शन में यहाँ विशेष प्रयास किए गए, जिसके अब अनुकूल परिणाम दिखने लगे हैं
अपर कलेक्टर श्री बेडेकर बताते हैं कि यहाँ पर प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल में बेहतर तालमेल से काम किया गया है। एडीशनल एसपी श्री शशिकांत कनकने, सीएसपी श्री एस.बी.एस. तोमर एसडीएम श्री मुनीष सिकरवार और तहसीलदार श्रीमती ममता पटेल के रूप में अनुभवी पुलिस और राजस्व के प्रशासनिक अधिकारी यहाँ तैनात किए गए हैं। इनकी निगरानी में क्षेत्र में लगातार सर्वे, दवा वितरण कोविड पॉज़िटिव मरीज़ों का चिन्हांकन उन्हें अस्पताल भेजना और परिजनों को क्वारंटाइन करने सहित अन्य काम किए गए हैं।
श्री बेडेकर बताते हैं कि आज़ाद नगर थाना क्षेत्र में कुल 54 सर्वे दल कार्यरत हैं। प्रत्येक सर्वे दल के ऊपर सेक्टर आफिसर तैनात हैं। क्षेत्र में पाँच डॉक्टर हैं, जो सर्वे दल द्वारा रिपोर्ट किए जाने पर अथवा सर्वे के ऐप में सर्दी, खाँसी, बुखार की जानकारी मिलते ही तुरंत सक्रिय हो जाते हैं और वहाँ पहुँचकर दवा और उपचार प्रारंभ कर देते हैं। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में एक सैंम्पलिंग टीम लगातार काम कर रही है।
एक डॉक्टर और पैरामेडिकल की टीम कॉन्टेंक्ट ट्रेसिंग का लगातार कार्य कर रही है। साथ ही एक रैपिड रेस्पोंस टीम और एक मेडिकल मोबिलिटी यूनिट टीम भी लगातार काम कर रही है। आज़ाद नगर थाने में दो एंबुलेंस निरंतर उपलब्ध हैं। जहाँ कहीं भी पॉज़िटिव मरीज़ की जानकारी प्राप्त होती हैं, उसे हास्पिटल में भर्ती कराने के साथ ही उनके परिजनों को होम क्वारंटाइन कराने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाती है।
एसडीएम श्री सिकरवार बताते हैं कि सुबह से ही सर्वे टीम निर्धारित क्षेत्र में पहुँच जाती है। सैम्पलिंग और दवा वितरण का कार्य समानांतर रूप से चलता रहता है। प्रत्येक दिन पचास से सौ के बीच सैम्पलिंग की जा रही है। यह सैम्पलिंग अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर की जाती है। पूरे थाना क्षेत्र में अभी तक नौ कंटेंटमेंट क्षेत्र घोषित किए जा चुके हैं।
तहसीलदार श्रीमती ममता पटेल का कहना है कि इनमें से अब अधिकांश खोले जाने की कगार में हैं, क्योंकि यहाँ पर अभी लंबे समय से कोई अन्य पॉज़िटिव मरीज़ नहीं मिला है। कंटेंटमेंट क्षेत्र के लिए दवा वितरण का कार्य जारी है। यहाँ लगभग 1200 घरों में अभी तक काढ़ा के साथ-साथ यूनानी और होम्योपैथिक दवाएँ भी बाँटी जा चुकी हैं। क्षेत्र में तैनात सभी आशा कार्यकर्ता, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, सुपरवाइज़र और नगर निगमकर्मी पूरे समर्पण और सेवाभाव के साथ कार्य कर रहे हैं।
थाना क्षेत्र में लगभग 200 की संख्या में शासकीय कर्मचारी सतत् कार्य कर रहे हैं। आज़ाद नगर थाने में प्रतिदिन सुबह डॉक्टरों के साथ प्रशासनिक अधिकारी ब्रीफ़िंग करते हैं और सर्वे दल के सभी कार्यकर्ताओं से साप्ताहिक रूप से ब्रीफ़िंग रखी जाती है। जिला प्रशासन सर्वे दल में शामिल आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का विशेष ध्यान रख रहा है। इन्हें राशन भी मुहैया कराया जा रहा है और मानदेय की एक किस्त भी सभी को दी जा चुकी है।


