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अखिल भारतीय दिव्यांग क्रिकेट संघ द्वारा फिजिकल डिसएबिलिटी क्रिकेट वर्ल्ड सीरीज़- 2019 जीतने वाली भारतीय टीम का स्वागत
मुंबई, : दिव्यांग क्रिकेट के शीर्ष शासी निकाय, अखिल भारतीय दिव्यांग क्रिकेट संघ (AICAPC) ने आज फिजिकल डिसएबिलिटी क्रिकेट वर्ल्ड सीरीज़ चैम्पियनशिप- 2019 में भारत की जीत का जश्न मनाने के लिए एक विशेष समारोह का आयोजन किया।
एमसीए, बीकेसी मुंबई में AICAPC द्वारा आयोजित इस शानदार कार्यक्रम में कई दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ियों के अलावा सरकारी अधिकारियों और खेल प्रेमियों ने भाग लिया।
कुछ दिनों पहले ही माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, श्री नितिन गडकरी ने AICAPC के प्रबंधकों के साथ इंग्लैंड में 13 अगस्त, 2019 को दिव्यांगों हेतु आयोजित विश्व कप जीतने के लिए टीम के सदस्यों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में भारत के पूर्व टेस्ट क्रिकेट खिलाड़ी कर्सन घावरी (जो AICAPC के उपाध्यक्ष भी हैं), चयनकर्ता प्रसाद देसाई तथा कार्यकारी समिति के सदस्य, अनिल जोगलेकर शामिल थे।
इधर हम स्वतंत्रता दिवस के जश्न की तैयारी कर रहे थे, और उधर भारतीय क्रिकेट टीम ने कोच सुलक्षण कुलकर्णी के मार्गदर्शन तथा विक्रांत केन्नी की शानदार कप्तानी में इंग्लैंड को 36 रनों से हराते हुए वर्ल्ड सीरीज़ चैम्पियनशिप जीत ली।
इस टीम को वाडेकर वारियर्स का नाम दिया गया था, जिसने न्यू रोड स्टेडियम, वॉर्सेस्टर के घरेलू मैदान पर ब्रिटिश टीम को बुरी तरह से हराते हुए फिजिकल डिसएबिलिटी क्रिकेट वर्ल्ड सीरीज़- 2019 जीत लिया।
स्वागत कार्यक्रम के दौरान अपने विचार व्यक्त करते हुए AICAPC के उपाध्यक्ष, कर्सन घावरी ने कहा: “वाडेकर वारियर्स सही मायने में भारतीय क्रिकेट टीम है, और उन्होंने देश को गौरवान्वित किया है। इस साल वर्ल्ड कप जीतने वाली यह एकमात्र भारतीय टीम है, और इसे मुख्यधारा की टीम की तरह पहचान मिलनी चाहिए। उनके पास धैर्य और दृढ़ संकल्प की कोई कमी नहीं है।
परंतु एक विश्वस्तरीय टीम की तरह उन्हें भी बुनियादी सुविधाओं एवं आर्थिक सहायता की जरूरत है। दिव्यांगों के इस वर्ल्ड सीरीज़ में बीसीसीआई ने वाडेकर वारियर्स को भारत की आधिकारिक टीम के रूप में मान्यता देकर हमें सम्मानित किया है।
अब हमारी अपील है कि उन्हें बुनियादी सुविधाएं एवं आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए इस सम्मान को व्यावहारिक बनाया जाए। 2019 के वर्ल्ड कप में पूरी टीम ने सामूहिक प्रयास से जीत हासिल की। और हम चाहते हैं कि अखिल भारतीय प्रयास से हमें 2020 की जीत हासिल हो।”
इस अवसर पर माननीय मंत्री, श्री नितिन गडकरी ने कहा: “यह सभी भारतीयों के लिए गर्व का लम्हा है। वर्ल्ड कप जीतने वाली इस अखिल भारतीय टीम ने राष्ट्रीय एकता के लिए एक छक्का मारा है। हमारी सरकार अपने कार्यक्रमों के माध्यम से सुगम्य भारत के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। खेलों को सभी के लिए सुगम्य बनाना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।”
दरअसल वर्ल्ड कप में मिली जीत, इस साल वाडेकर वारियर्स एवं AICAPC की इकलौती जीत नहीं थी। अप्रैल में, BCCI ने AICAPC को फिजिकल डिसएबिलिटी वर्ल्ड कप के लिए एक टीम के निर्माण को औपचारिक मान्यता दी।
परंतु केवल यही बात पिछले महीने की जीत में सहायक नहीं बनी। वास्तव में यह जीत तो दिव्यांग क्रिकेटरों को मुख्यधारा के क्रिकेटरों की तरह मान्यता दिलाने के लिए AICAPC द्वारा 30 से अधिक वर्षों के अथक प्रयासों की परिणति थी।
उपाध्यक्ष के सुर में सुर मिलाते हुए चयनकर्ता, प्रसाद देसाई ने कहा: “फिजिकल डिसएबिलिटी वर्ल्ड कप 2019 में जीत हासिल करने के लिए टीम ने सभी चुनौतियों का दृढ़तापूर्वक सामना किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर भारतीय टीम की अन्य प्रतिस्पर्धाओं की तरह हमारे खिलाड़ियों ने भी भरपूर प्रयास किया।
लेकिन अफसोस की बात यह है कि, सबसे बड़ी चुनौती अभ्यास और तैयारी नहीं थी। बल्कि टीम को इंग्लैंड ले जाने के लिए स्पॉन्सरशिप हासिल करना ही सबसे बड़ी चुनौती थी। आधिकारिक तौर पर आर्थिक सहायता एवं बुनियादी सुविधाएं ही दो ऐसी चीजें हैं, जिनकी हमें पहले से कहीं ज्यादा जरूरत है।”


