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पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए ) के तहत एयूएम 5 ट्रिलियन रुपये के पार पहुंचा
एनपीएस और एपीवाई ग्राहकों ने पीएफआरडीए के तहत 5 ट्रिलियन रुपये के पेंशन फंड का निर्माण किया
नई दिल्ली. पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए ) ने आज घोषणा की है कि एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 5 लाख करोड़ रुपये की सीमा को पार कर गया है। नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के तहत ग्राहकों के योगदान ने 12 साल की अवधि में संयुक्त रूप से इस ऐतिहासिक आंकड़े को छूने में मदद की है।
पिछले कुछ वर्षों में एनपीएस ग्राहकों की संख्या में वृद्धि काफी उल्लेखनीय रही है। सरकारी क्षेत्र के 70.40 लाख कर्मचारी और गैर- सरकारी क्षेत्र के 24.24 लाख कर्मचारी इस योजना में शामिल हुए हैं।
रेगुलेटरी बाॅडी पीएफआरडीए ग्राहक रजिस्ट्रेशन, एग्जिट प्रोसेस और अन्य सर्विस रिक्वेस्ट को सहज और सब्सक्राइबर फ्रेंडली बनाने के लिए नियमित रूप से प्रयासरत है। यह नियमित रूप से ओटीपी / ई-साइनिंग बेस्ड ऑनबोर्डिंग, ऑफलाइन आधार-बेस्ड ऑनबोर्डिंग, थर्ड पार्टी ऑनबोर्डिंग के बाद केवाईसी सत्यापन, ई-नामांकन, एनपीएस सब्सक्राइबर्स के लिए ई-एग्जिट जैसे विभिन्न
सब्सक्राइबर ऑथेंटिकेशन के नए तरीकों को पेश करता रहा है।
पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) के अध्यक्ष, श्री सुप्रतिम बंद्योपाध्याय ने कहा, एयूएम के अंतर्गत 5 लाख करोड़ रुपये की सीमा को हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि है। यह पीएफआरडीए और एनपीएस में ग्राहकों के विश्वास को दर्शाता है। हमने बेहतर प्रणाली और कुशल पेशेवर फंड मैनेजरों के साथ एक मजबूत और खास व्यवस्था पर काम किया है, जो हमारे ग्राहकों को उनके रिटायरमेंट फंड जमा करने में सक्षम बनाता है।
इस महामारी के दौरान, कॉरपोरेट्स और व्यक्तिगत दोनों ही स्तर पर लोगों ने जाना है कि रिटायरमेंट प्लानिंग केवल बचत या कर लाभ प्राप्त करने का विकल्प नहीं है, बल्कि एक आर्थिक सुरक्षा भी है। यही कारण है कि चुनौतियों से भरे इस अवधि के दौरान एनपीएस रजिस्ट्रेशन में लगभग 14% की वृद्धि दर्ज की गई।
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