- मध्य प्रदेश में चार साल में 1,054 करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी, इंदौर में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के जरिए लोगों को सिखाए जा रहे डिजिटल सुरक्षा के गुर
- PPFAS Mutual Fund Opens New Office in Indore
- पीपीएफएएस म्यूचुअल फंड ने इंदौर में नया ऑफिस खोला
- Arjun Kapoor Birthday Special - From Vienna to London, A Look at His Most Memorable Travel Diaries
- Saree' teaser has all the makings of the next chartbuster; fans await Riteish Deshmukh's full visual on June 27
अपनी विधवा बहन गंगाबाई को अपनाए जाने की लड़ाई लड़ेंगे भीमराव
एण्डटीवी के शो ‘एक महानायक डॉ. भीमराव आम्बेडकर‘ के आगामी एपिसोड्स में, भीमराव (आयुध भानुशाली) एक बहुत ही दर्दनाक स्थिति का सामना करते नजर आयेंगे। भीमराव की बहन गंगाबाई (सपना देवलकर), महामारी से जूझ रहे अपने पति को खो देती है। उनके निधन के बाद, उसके सास-ससुर उसके साथ बुरा व्यवहार करने लगते हैं और अपने बेटे की मौत का जिम्मेदार उसे ठहराते हैं।
जिसके बाद वह अपने बच्चों के साथ उनका घर छोड़कर रामजी (जगन्नाथ निवानगुने) के घर रहने के लिए आती है जोकि इस तरह उसके आने से हैरान हो जाते हैं। लेकिन जल्द ही, उन्हें यह अहसास होता है कि कुछ गड़बड़ है और वो उसे जब तक सब सही नहीं हो जाता, तब तक घर में रहने की अनुमति दे देते हैं।
गंगाबाई के सास-ससुर उसके पीछे-पीछे गांव पहुंच जाते हैं और अपने पोते की कस्टडी लेने की मांग करते हैं और यह बात भीमराव और उसके परिवार को गहराई तक झकझोर देती है। अब ये उनके और उनके परिवार पर निर्भर करता है कि वह गंगाबाई की मदद करें और इस मुद्दे को सुलझाकर यह सुनिश्चित करें कि उसके बच्चे उसके साथ ही रहें।
लेकिन जल्द ही, उनके सामने एक बुरी स्थिति आ जाती है जहां दामोदर गायब हो जाता है, और उसकी जिंदगी को बड़ा खतरा होता है, इन सबके बीच उसके गायब होने के लिए भीमराव को दोषी ठहराया जाता है। क्या गंगाबाई और उनका परिवार दामोदर के गायब होने के लिए भीमराव पर सवाल खड़े करेंगे? भीमराव इस संकट से कैसे निपटेंगे? रामजी सकपाल (जगन्नाथ निवानगुने) ने कहा, श्भीमराव अपनी बहन गंगाबाई और उसके ससुराल वालों के बीच हाथापाई में पकड़ा जाएगा।
वह विनायक और दामोदर को उनकी मां, गंगाबाई की उनकी जिंदगी में महत्व को समझाने की कोशिश करता है। हालांकि, उसके ससुराल वाले इस मामले को सुलझाने की उसकी सभी कोशिशों को खारिज कर देते हैं। रामजी इस स्थिति को सुलझाना चाहते हैं लेकिन वह पूरी तरह से असहाय महसूस करते हैं। ऐसे में, क्या रामजी और भीमराव इस स्थिति को संभालने में समर्थ होंगे, ये देखने वाली बात होगी?


