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दावणगेरे शुगर कंपनी लिमिटेड ने 45 केएलपीडी तक किया अपनी क्षमता का विस्तार, 15000 एकड़ अतिरिक्त गन्ना उत्पादन क्षेत्र का रखा लक्ष्य
चीनी, सस्टेनेबल पॉवर और इथेनॉल सॉल्यूशन में अग्रणी कंपनी दावणगेरे शुगर कंपनी लिमिटेड (डीएससीएल) (बीएसई: 543267, एनएसई: DAVANGERE) ने अपनी डिस्टिलरी और ऑपरेशन का विस्तार किया है।
अनाज डिस्टिलरी की क्षमता में 45 केएलपीडी की वृद्धि
कंपनी ने 45 केएलपीडी अनाज की एक यूनिट को 54 करोड़ रूपये के एक प्रोजेक्ट से जोड़कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बैंकों के साथ फाइनेंशियल टाई अप पूरा हो चुका है और लगभग रु 2 करोड़ का निवेश सिविल कार्यों में किया गया है। मशीनरी सप्लायर के साथ बातचीत पूरी हो गई है। यह कंपनी और स्थानीय कृषि समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो रही है। इस विस्तार से अब कंपनी साल के 330 दिनों तक स्वतंत्र रूप से संचालित हो सकेगी, जिससे एक स्थिर और मजबूत प्रोडक्शन साइकिल तय होगी।
डीएससीएल के एमडी श्री गणेश ने कहा, “हम स्थानीय किसानों के साथ अपने सहयोग को गहरा और मजबूत करने के लिए उत्साहित हैं। उनकी गुणवत्ता वाली फसलें इथेनॉल उत्पादन की आधारशिला हैं, और यह विस्तार हमें और अधिक रोजगार पैदा करने, स्थानीय आय को बढ़ाने और साल भर हमारे उच्च मानकों को बनाए रखने की अनुमति देता है। यह विस्तार न केवल डिस्टलरी की उत्पादन क्षमता को बढ़ाता है बल्कि किसानों को उनकी उपज के लिए एक विश्वसनीय बाजार भी देता है। यह पारस्परिक रूप से संबंध एग्रीकल्चर लैंडस्कैप के लिए लाभदायक होता है साथ ही यह कृषि क्षेत्र को समृद्ध करने का वादा करता है, जो सभी शामिल लोगों के लिए स्थिरता और विकास के नए अवसर प्रदान करता है।
15,000 एकड़ में अतिरिक्त गन्ना उगाने का लक्ष्य:
डीएससीएल सिर्फ गन्ना की खेती करने के लिए ही नहीं, बल्कि इसकी वृद्धि और तरीकों में क्रांति लाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। हमारी प्रमुख पहलों में से एक यह है कि जो मौजूदा गन्ना उत्पादन क्षेत्रों और पारंपरिक रूप से गन्ने की खेती से जुड़े नहीं हैं उन 15000 एकड़ के क्षेत्रों तक गन्ने की फसलों को बढ़ावा देना और उनका विकास करना शामिल है। जिन क्षेत्रों में गन्ना उत्पादन नहीं होते उनमे विस्तार करने और कंपनी के लिए पर्याप्त कच्चा माल तो मिलता ही है साथ ही बल्कि स्थानीय किसानों के लिए सामाजिक-आर्थिक लाभ भी प्राप्त होते हैं।
कंपनी ने आगे कहा, “हमारा मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों के किसानों को उनकी उपज पर सुनिश्चित और समय पर लाभ प्रदान करना है। हम उनके सामने आने वाली चुनौतियों को समझते हैं और वित्तीय सहायता और ऋणों सहित विभिन्न माध्यमों से उन्हें कम करने का प्रयास करते हैं। ये संसाधन किसानों को सशक्त बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जिससे वे आधुनिक कृषि पद्धतियों में निवेश करने, गुणवत्तापूर्ण बीज खरीदने और आवश्यक उपकरण प्राप्त करने में सक्षम हो सकें।”
गन्ना की खेती के लिए हमारा दृष्टिकोण लाभ कमाने से कहीं ज्यादा है; यह इन्क्लूसिव ग्रोथ को बढ़ावा देने, समुदायों को सशक्त बनाने और स्थायी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है। डीएससीएल के नेतृत्व में, गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में गन्ना की खेती न केवल एक व्यावहारिक विकल्प बन जाएगी, बल्कि ग्रामीण विकास और आर्थिक परिवर्तन के लिए प्रेरणा भी बनेगी।
35 टीपीडी क्षमता वाले CO2 प्रोसेसिंग प्लांट
एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी और बिजनेस ग्रोथ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, डीएससीएल को अत्याधुनिक 35-टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना की घोषणा की है। यह फैसिलिटी एनवायरमेंटल एमिशन को काफी कम करने और कंपनी के लिए एडिशनल रिवेन्यु स्ट्रीम्स बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है।
यह नया CO2 प्लांट कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को रोकेगा और उसका पुन: उपयोग करेगा, जिससे उन्हें फ़ूड-ग्रेड CO2, ड्राई आइस और औद्योगिक कार्यों के लिए CO2 एप्लीकेशन जैसे मूल्यवान उत्पादों में बदल दिया जाएगा। इन उत्पादों का विभिन्न उद्योगों में काफी मांग हैं, जो इको फ्रेंडली प्रैक्टिस को बढ़ावा देते हुए एक स्थिर रिवेन्यु फ्लो सुनिश्चित करते हैं। उत्सर्जन को उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित करके, कंपनी न केवल अपने एनवायरमेंटल फुटप्रिंट को कम कर रही है बल्कि अपने रिवेन्यु सोर्सेस में भी विविधता ला रही है।
इस पहल से डीएससीएल के इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी के लिए प्रतिबद्धता का पता चलता है, जो जलवायु के परिवर्तन से निपटने और साथ ही साथ ऑपेरशन क्षमता को बढ़ाने के प्रयासों के अनुरूप है।दावणगेरे शुगर कंपनी लिमिटेड ने 45 केएलपीडी तक किया अपनी क्षमता का विस्तार, 15000 एकड़ अतिरिक्त गन्ना उत्पादन क्षेत्र का रखा लक्ष्य


