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फॉर्मल/पार्टीवेयर की मांग फिर बढ़ी; होम डेकोर के ट्रेंड में वृद्धि जारी; सैनिटाइज़र की मांग में गिरावट: पेबैक-यूनोमर ग्राहक खरीदारी अध्ययन में खुलासा
पूर्व कोविड काल की अपेक्षा अनलॉक अवधि में कपड़ों की ऑनलाइन शॉपिंग में 15% की वृद्धि
दवाई की दुकानों और पड़ोस के स्टोर्स के कारण पर्सनल केयर सेगमेंट में ऑफलाइन को ऑनलाइन की तरह समान रूप से पसंद किया जा रहा है
नई दिल्ली. फैशन परिधान, पर्सनल और होम केयर उत्पादों की शॉपिंग के शौकीनों के बीच हाल ही में किए गए अध्ययन में यह सामने आया है कि कोविड-19 के कारण बुरी प्रभावित होने वाले कैटगरी की भी मांग अब बढ़ने लगी है। हालांकि यह देखा गया है कि इनमें से कुछ की खरीदारी के लिए ऑनलाइन शॉपिंग को ज्यादा पसंद किया जा रहा है। भारत के सबसे बड़े मल्टी-ब्रांड लॉयल्टी प्रोग्राम पेबैक और उसके डिजिटल पार्टनर यूनोमर द्वारा संयुक्त रूप से हाल ही में किए गए ग्राहकों की खरीदारी से जुड़े अध्ययन में इसका खुलासा किया गया है।
इस अध्ययन में पहले अनलॉक के समय से लेकर त्योहार/शादी के सीज़न तक शॉपिंग की प्राथमिकताओं के बारे में करीब 3000 प्रतिभागियों की इच्छा और दृष्टिकोण को परखा गया। इसके लिए सभी महानगरों और टीयर1 शहरों सहित 12 शहरों के विभिन्न आय वाले 25 से 50 वर्ष के आयु वर्ग के ऐसे प्रतिभागियों को चुना गया जो पिछले दो सालों में फैशन परिधानों, पर्सनल केयर और घर की सजावट सामग्री की बार बार खरादारी करने वाले ग्राहक बने थे।
फैशन और परिधानों के सेगमेंट में, अनलॉक अवधि और वर्तमान त्योहार/शादी के सीज़न के बीच पार्टी-वेयर या खास मौंकों पर पहने जाने वाले कपड़ों में 41% की वृद्धि देखी गई, इसके बाद सेमी फॉर्मल या फॉर्मल वेयर में 16% की बढ़ोतरी रही। इसी अवधि में घऱ के लिए नियमित लॉउंज वेयर में 13% की गिरावट, कैजुअल जीन्स/टी-शर्ट इत्यादि में 3% की मामूली गिरावट देखी गई।
शॉपिंग के माध्यम की बात करें तो कोविड के पहले के समय में मॉल सबसे पसंदीदा जगह रहे हैं, हालाँकि अनलॉक अवधि के दौरान ऑनलाइन खरीदी की पसंद में 15% की वृद्धि देखी गई है जबकि मॉल के लिए 38% की गिरावट और हाई-स्ट्रीतट स्टोर्स के लिए 29% की गिरावट देखने मिली है।
यह अध्ययन दर्शाता है कि करीब 75% या तीन चौथाई फैशन परिधानों के खरीदारों में अपने कपड़ों की खरीदी के लिए ऑनलाइन शॉपिंग की ओर झुकाव रहा। यह बदलाव बड़े पैमाने पर महिला खरीदारों के कारण रहा है जिनमें से 84% ने ऑनलाइन शॉपिंग को अपनी पसंद बताया है। 20-35 आयु वर्ग के खरीदारों में गैर-महानगरीय शहरों (74%) में ऑनलाइन शॉपिंग के लिए पसंद ज़्यादा रही है जबकि इसकी तुलना में महानगरों (63%) में यह कम रहा है। हालांकि गैर-महानगरीय और महानगरीय शहरों में ऑफलाइन शॉपिंग के लिए पसंद लगभग समान ही रही है।
एक और लोकप्रिय कैटेगरी – पर्सनल केयर (हाईजीन, स्किन और हेयर केयर) जिसमें महामारी, लॉकडाउन और घर में ही रहने के कारण पसंद में बहुत बड़ा बदलाव देखने मिला, अब इसमें बेहद दिलचस्प आंकड़े सामने आ रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि कोविड के प्रकोप शुरू होने से लेकर अब तक उन्होंने क्या खरीदा है और वे अब क्या जल्द ही खरीदना चाहेंगे तो इसमें सैनिटाइज़र्स में 74% (खरीदा गया) से लेकर 43% (खरीदने की योजना) तक की गिरावट देखने मिली।
इसके साथ ही यह गिरावट ट्रिमर /एपिलेटर, 27% (खरीदा गया) से 17% (खरीदने की योजना) और स्किन एवं हेयर केयर प्रोडक्ट्स् 58% (खरीदा गया) से 46% (खरीदने की योजना) तक देखी गई। इसके संभावित कारण यह हो सकते हैं कि शुरू में इसका माल घरों में ज़्यादा रख लिया जाता है और इनमें से कुछ के खरीदे जाने की अवधि का चक्र भी लंबा होता है (ट्रिमर जैसी ड्यूरेबल वस्तुएँ)। इस कैटेगरी के उत्पादों में शॉपिंग के माध्यम ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्लैटफॉर्म में समान रूप से पसंद किए गए हैं।
परिधानों और पर्सनल केयर कैटेगरी दोनों के गैर-खरीदार मुख्य रूप से दुकानों में सुरक्षा के उपायों और ऑनलाइन शॉपिंग के लिए (65%) डिलीवर किए जाने वाली चीज़ों के सैनिटाइज़ होने को लेकर चिंतित थे।
अंत में एक ऐसी कैटेगरी जो त्योहारों/शादी के मौसम से सबसे ज़्यादा प्रभावित रही – होम डेकोर यानी घऱ की सज़ावट – इसमें 44% का सुधार देखा जा रहा है जो 27% (खरीदा गया) से लेकर 39% (खरीदने की योजना) आंकड़े तक पहुँच गई है।
ग्राहक खरीदारी सर्वेक्षण पर अपना परिदृश्यज प्रस्तुदत करते हुए श्री ममाकांत खंडेलवाल, सीएमओ, पेबैक इंडिया ने कहा, “हमारे ग्राहक अध्ययन कोविड के बाद की वास्तविक स्थिति में विभिन्न लोकप्रिय कैटेगरी में ग्राहकों की भावनाओं का अध्ययन करने के लिए तैयार है। यह सर्वेक्षण हमें दर्शाता है कि महामारी ने किस तरह खरीदारों के व्यवहार को ऑनलाइन शॉपिंग की ओर तेज़ी से आकर्षित किया है, खास तौर पर परिधानों के लिए क्योंकि उन्होंने डिजिटल जीवन को एक तरह से अपना लिया है। हम उम्मीद करते हैं कि हमारे निष्कर्षों से विभिन्न ब्रांड को उनकी मार्केटिंग रणनीतियों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। ”
इस सर्वेक्षण पर अपने विचार साझा करते हुए यूनोमर के सीईओ श्री विनय बापना ने कहा, “ फैशन और परिधानों जैसी डायनैमिक कैटेगरी के लिए ग्राहकों की मांग के साथ कदम मिलाकर चलना ब्रांड और रिटेलर के लिए जरूरी होता है ताकि उन्हें ग्राहकों के ट्रेंड की जानकारी रहे। प्रॉडक्ट डिज़ाइन, उत्पादन योजना, वितरण और मार्केटिंग के लिए मिलने वाला अग्रिम समय पूरी तरह ग्राहकों की पसंद और पैसे खर्च करने के व्यवहार के साथ तालमेल बिठाकर चलने वाला होना चाहिए और इसका फैसला आंकड़ों और गहन जानकारी के आधार पर लिया जाना चाहिए।”
पेबैक के कई खर्च श्रेणियों में भारी संख्याु में सदस्यक हैं और प्लैटफॉर्म बेहतरीन एंगेजमेंट एवं रिटेन्शान रणनीतियां तैयार करने के लिए शीर्ष ब्रांडों के साथ सहयोग कर रहा है। ट्रैवल, किराना सामग्री, ईंधन, मनोरंजन, परिधान, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि जैसी कई महत्वपूर्ण कैटेगरी में खरीदारी व्यवहार की संपूर्ण समझ के साथ, पेबैक इंडिया ब्रांड्स के लिए अवसरों का निर्माण कर रही है ताकि वे इन गहन जानकारियों का लाभ उठा सकें और अपने डिजिटल प्ले टफॉर्म्सस एवं साझेदारियों के जरिये सही रणनीतियां बना सकें।


