- एमबी एसोसिएट्स द्वारा इंदौर में “प्रॉम्प्ट से प्रोडक्टिविटी” पर एक दिवसीय व्यावहारिक एआई कार्यशाला का आयोजन
- द पार्क इंदौर के रेस्तराँ को मिले दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान
- TiE Global Summit 2026 to Bring Global Entrepreneurs and Investors to Indore
- टाई ग्लोबल समिट 2026: इंदौर में जुटेंगे दुनिया भर के उद्यमी और निवेशक
- Madhurima Tuli Gives Major Navratri Vibes in These Stunning Traditional Looks
पहली राजस्थानी पैन-इंडिया फिल्म ‘धूड़’ देशभर के दर्शकों के लिए लेकर आ रही है एक सिनेमाई थ्रिलर
जयपुर, 21 सितंबर: कलाम एकेडमी और समर जैन प्रस्तुत करते हैं ‘धूड़’ (Sandstorm), सोल ऑफ डेजर्ट प्रोडक्शन, स्टूडियो ऐनाक के सहयोग से। राजस्थान की पहली ऐसी फिल्म के रूप में पेश की जा रही ‘धूड़’, जो देशभर में रिलीज़ होने जा रही है, यह राजस्थान सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। फिल्म राजस्थान की मिट्टी, संस्कृति और आत्मा से जुड़ी एक बड़े कैनवास की कहानी को देशभर के दर्शकों तक पहुंचाएगी।
आनंद सिंह चौहान द्वारा लिखित एवं निर्देशित ‘धूड़’ (Sandstorm) ड्रामा, शानदार अभिनय और संगीत का खूबसूरत मेल प्रस्तुत करती है। 90 के दशक की शुरुआत के दौर पर आधारित यह पीरियड ड्रामा राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को भी सामने लाता है। फिल्म पारंपरिक समाज में सामंतवाद और सत्ता के प्रभाव जैसे विषयों को एक मनोरंजक थ्रिलर के रूप में प्रस्तुत करती है। मारवाड़ी भाषा में रची-बसी यह फिल्म अपने बारीक विवरण और संवेदनशील सिनेमाई प्रस्तुति के कारण अब तक के पारंपरिक क्षेत्रीय सिनेमा से अलग नजर आती है।
फिल्म में यशपाल शर्मा, अलका अमीन और भवानी सिंह चौहान प्रमुख भूमिकाओं में हैं, जबकि विवेक पारीक, प्रवीण चौधरी और वानिक्की त्यागी इस फिल्म के जरिए अभिनय की दुनिया में अपनी शुरुआत कर रहे हैं। फिल्म के संगीत और ओरिजिनल साउंडट्रैक की रचना चर्चित गुजराती संगीतकार मेहुल सुरती ने की है, जो फिल्म की भावनात्मक और सांस्कृतिक दुनिया को और प्रभावशाली बनाता है।
निर्देशक आनंद सिंह चौहान कहते हैं, “धूड़ राजस्थान की मिट्टी से जन्मी कहानी है, लेकिन इसमें मौजूद भावनाएं और मानसिक द्वंद्व सार्वभौमिक हैं। मैं ऐसी दुनिया रचना चाहता था, जो हमारी संस्कृति से पूरी तरह जुड़ी हो, लेकिन दर्शकों को एक ऐसे संसार में भी ले जाए, जिसे उन्होंने शायद पहले अनुभव न किया हो। फिल्म गहन, अप्रत्याशित और भावनात्मक रूप से बेहद मजबूत है और इसे देशभर के दर्शकों तक पहुंचते देखना हम सभी के लिए बेहद खास क्षण है।”
यशपाल शर्मा कहते हैं, “धूड़ उन कहानियों से बिल्कुल अलग है, जिनके साथ मैं अब तक जुड़ा रहा हूं। मुझे सबसे ज्यादा आकर्षित आनंद द्वारा रची गई इसकी दुनिया और राजस्थान की संस्कृति व परिवेश के साथ जुड़े मनोवैज्ञानिक ड्रामा ने किया। फिल्म में एक ईमानदारी और कच्चापन है, जिससे दर्शक खुद को जोड़ पाएंगे। मैं बेहद उत्साहित हूं कि अब यह कहानी देशभर के दर्शकों तक पहुंचने जा रही है।”
समर जैन, नरेंद्र कृष्णिया, मुकेश पारीक, डी. एस. चौहान और अभिषेक चोपड़ा द्वारा निर्मित ‘धूड़’ (Sandstorm) का उद्देश्य राजस्थानी कहानी कहने की समृद्ध परंपरा को क्षेत्रीय सीमाओं से आगे ले जाकर पैन-इंडिया सिनेमाई मंच तक पहुंचाना है। फिल्म को देशभर में मिराज सिनेमाज का सहयोग प्राप्त है।
यह फिल्म राजस्थान के साथ-साथ देशभर के चुनिंदा सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी, ताकि राजस्थानी जड़ों से जुड़े उन दर्शकों तक पहुंच सके, जो ऐसी सिनेमाई अनुभूति की तलाश में हैं, जिससे वे खुद को जोड़ सकें और अपनी विरासत से जुड़ाव महसूस कर सकें।


