- Riteish Deshmukh takes a leap into Telugu cinema with Ram Pothineni’s RAPO23
- From Ananya Panday to Kashika Kapoor to Janhvi Kapoor - 5 OG Bollywood Beauties Who Will Give You the Perfect Garba Looks You Need This Navratri
- From Reena Malhotra to Kamalpreet Dhanoa: 25 Years of Dia Mirza and Her Evolution as an Actor
- Who is Pragati Srivastava? The Fresh Face Set for a Promising Bollywood Debut with Aanand L Rai’s Nakhrewaalii
- Mia by Tanishq Launches "Lightscapes": A Jewellery Collection Inspired by the Magic of Festive Lights
बेटे की मौत और आठ साल की याददाश्त खोने के सदमे से तबाह हुई सोनी सब के ‘यादें’ में डॉ. देव की दुनिया
मुंबई, अप्रैल 2026: सोनी सब का नया शो यादें अपनी गहरी कहानी और भावनात्मक परतों से दर्शकों का दिल जीत रहा है। सोमवार से शनिवार रात 8 बजे प्रसारित होने वाला यह शो डॉ. देव मेहता (इक़बाल खान) की ज़िंदगी की कहानी है, जो एक हादसे के बाद अपनी आठ साल की यादें खो देता है। अपनी पुरानी ज़िंदगी और रिश्तों से कटे हुए, डॉ. देव को एक ऐसी हकीकत का सामना करना पड़ता है, जो उसके लिए बिल्कुल अनजानी है। उसे अपने ही बदले हुए रूप को पहचानने और स्वीकारने की जद्दोजहद करनी पड़ती है।
शो में डॉ. देव को एक बेहतरीन डॉक्टर के रूप में दिखाया गया है, जो लोगों की जान बचाने के लिए समर्पित है। लेकिन, उसकी निजी ज़िंदगी में कई जटिलताएँ छिपी हैं। जैसे ही वह एक छोटे मरीज की मौत की सच्चाई जानने की कोशिश करता है, उसे उस बच्चे के दुखी पिता की गोली लग जाती है। यह घटना उसकी ज़िंदगी को पूरी तरह बदल देती है। जब डॉ. देव होश में आता है, तो उसे पता चलता है कि उसकी आठ साल की यादें मिट चुकी हैं। आने वाले एपिसोड्स में, जब डॉ. देव अपने बेटे ध्रुव के बारे में पूछता है, तो उसे चुप्पी का सामना करना पड़ता है। आखिरकार सच सामने आता है कि ध्रुव अब इस दुनिया में नहीं है। यह खुलासा डॉ. देव को भीतर तक तोड़ देता है। एक पिता, जिसे अपने बेटे की मौत का कोई स्मरण नहीं है, अचानक उस गहरे दुख से टकराता है। यही पल उसकी ज़िंदगी में भावनात्मक मोड़ लाता है और उसके सफर को नए मायने देता है एक सफर, जिसमें उसे अपने दर्द से उबरना है और खुद को फिर से पहचानना है।
इस ट्रैक के बारे में बात करते हुए इक़बाल खान ने कहा, “डॉ. देव का यह चरण निभाना मेरे लिए बेहद चुनौतीपूर्ण और भावुक रहा। वह सिर्फ अपने बेटे की मौत का सामना नहीं कर रहा है, बल्कि उस नुकसान का सामना कर रहा है, जिसे उसने कभी महसूस ही नहीं किया। बतौर अभिनेता हम अक्सर एक सीन से दूसरे सीन में जल्दी बढ़ जाते हैं, लेकिन यह सीन मेरे साथ लंबे समय तक रहा। इसने मुझे सोचने पर मजबूर किया कि ज़िंदगी कितनी नाज़ुक है और हम अक्सर अपने प्रियजनों के साथ बिताए पलों को हल्के में ले लेते हैं। यही निजी एहसास मुझे डॉ. देव की भावनाओं को ईमानदारी से निभाने में मदद करता रहा। मुझे यकीन है कि दर्शक इससे जुड़ेंगे, क्योंकि इसकी जड़ में प्यार, खोना और उन लोगों को थामे रखने की इंसानी ज़रूरत है, जो हमारे लिए सबसे अहम हैं।”
देखिए ‘यादें’, हर सोमवार से शनिवार रात 8 बजे, सिर्फ सोनी सब पर।


