रैम्प योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के MSMEs एवं स्टार्टअप्स का आईपीएचईएक्स 2026 में एक्सपोज़र विजिट

भारत सरकार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME मिनिस्ट्री) की वर्ल्ड बैंक समर्थित रैम्प (रेज़िंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस) योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के 15 MSMEs एवं स्टार्टअप्स के प्रतिनिधिमंडल द्वारा 08 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित आईपीएचईएक्स 2026 – इंटरनेशनल एग्ज़िबिशन फॉर फार्मा एंड हेल्थकेयर का एक्सपोज़र विजिट किया गया।

इस एक्सपोज़र विजिट का आयोजन मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम (MPLUN) एवं डिपार्टमेंट ऑफ माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (डीओएमएसएमई), Government of Madhya Pradesh द्वारा रैम्प योजना के अंतर्गत किया गया।

एक्सपोज़र विजिट का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश के MSMEs एवं स्टार्टअप्स को फार्मास्युटिकल, हेल्थकेयर एवं संबद्ध क्षेत्रों में नवीनतम तकनीकों, उत्पादों, बाजार के रुझानों, नवाचारों तथा व्यावसायिक अवसरों से परिचित कराना था।

आईपीएचईएक्स 2026 में सहभागिता के दौरान प्रतिनिधिमंडल के उद्यमियों एवं स्टार्टअप्स को देश-विदेश के उद्योग प्रतिनिधियों, संभावित खरीदारों, तकनीकी विशेषज्ञों एवं व्यवसायिक साझेदारों के साथ बी2बी नेटवर्किंग करने तथा नए बाजारों और सहयोग की संभावनाओं को समझने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रदर्शनी के माध्यम से प्रतिभागियों ने फार्मा एवं हेल्थकेयर क्षेत्र में उभरती तकनीकों, उत्पादों और बाजार की मांग से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

रैम्प योजना के उद्देश्यों के अनुरूप इस प्रकार के एक्सपोज़र विजिट प्रदेश के MSMEs एवं स्टार्टअप्स की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने, तकनीकी एवं व्यावसायिक ज्ञान को सुदृढ़ करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने, बाजार विस्तार तथा निर्यात क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

इस विजिट से सहभागी MSMEs एवं स्टार्टअप्स को फार्मा एवं हेल्थकेयर क्षेत्र में उपलब्ध राष्ट्रीय एवं वैश्विक अवसरों की जानकारी प्राप्त हुई। साथ ही, उन्हें अपने व्यवसाय के विस्तार, तकनीकी उन्नयन, नए उत्पादों एवं बाजारों की पहचान तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक नेटवर्क से जुड़ने के लिए उपयोगी अनुभव प्राप्त हुआ।

MPLUN एवं डीओएमएसएमई, Government of Madhya Pradesh द्वारा रैम्प योजना के अंतर्गत आयोजित यह पहल प्रदेश के MSMEs एवं स्टार्टअप्स को नए बाजारों, तकनीकों और व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने तथा उन्हें अधिक प्रतिस्पर्धी एवं वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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