- इंदौर पिंक पैंथर्स मध्य प्रदेश लीग (MPL) T20-2026 में चैंपियन बनने के लक्ष्य के साथ उतरने को तैयार; टीम ने अपनी सोच और तैयारियों का रोडमैप साझा किया
- द क्रश कॉफी पर अब होगा खास संडे ब्रन्च
- जल, जीवन और जमीन के संरक्षण के लिए वृक्षारोपण आवश्यक : डॉ. ए.के. द्विवेदी
- Triptii Dimri Dives into Comedy with Maa Behen! A Full-Blown Comedy Caper Coming Up Next?
- The Rise of Ram Charan as Indian Cinema’s Complete Hero
ब्रांडेड के नाम से बेचता था नकली घी
क्राइम ब्रांच, खजराना पुलिस और खाद्य विभाग ने की संयुक्त कार्रवाई
इंदौर. क्राइम ब्रांच ने पुलिस और खाद्य विभाग की टीम के साथ शुक्रवार को खजराना क्षेत्र में एक रूम में नकली घी बनाकर बाजार में खपाने वाले युवक को गिरफ्तार किया. आरोपी इंदौर, उज्जैन सहित अन्य पड़ोसी जिलों के व्यापारियों को नकली घी बेचता था. यह डालडा में सनफ्लावर तेल और सुगंध वाला केमिकल मिलाकर बड़े ब्रांड के नाम से व्यापारियों को 300 रु. किलो में बेचता था.व्यापारी इस घी को 500 से 600 रुपए किलो में लोगों को खपाते थे.
क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि इलियास कॉलोनी खजराना में एक व्यक्ति नकली घी बनाकर सांची के नाम से पैकिंग कर उसे बाजार में खपा रहा है। वह ब्रांड बताने के लिए सांची के खाली रैपर और पैकेट छपवा कर उस पर नकली होल मार्क एवं सील भी लगाता है. इस पर एक टीम ने खजराना पुलिस और खाद्य विभाग के साथ इरफान गौरी के मकान, कुबा मस्जिद के पास खजराना पैलेस इंदौर पर दबिश दी.
इलयास कॉलोनी के बताए पते पर टीम पहुंची तो यहां अशरफ पिता शमशेर अली निवासी 11 हबीब कॉलोनी सेक्टर बी इंडियन जिम वाली गली बड़े भगोने में नकली घी बना रहा था। उसने बताया कि मकान इरफान गौरी का है, जिसे उसने किराए से ले रखा है. टीम को यहां अमूल, सांची, नोवा घी के डिब्बे मिले।
उसने बताया कि वह इस मकान पर करीब 2 साल से नकली घी बनाने का काम कर रहा है। इसके लिए वह वनस्पति डालडा को सनफ्लावर तेल के साथ मिलाकर बड़े तबेले में गर्म करता है और उसमें घी की सुगंध वाला केमिकल मिला देता था. पैकिंग के लिए स्थानीय प्रिंटिंग प्रेस पर सांची और अमूल के खाली कार्टून पैकेट छपवा लेता है. उसके बाद सांची और अमूल कंपनी की तरह एयर टाइट पैकिंग कर डिब्बों पर सील लगा देता है। इसके अलावा वह नकली बारकोड का इस्तेमाल भी करता है.
अशरफ ने बताया कि वह 2 साल से नकली घी इंदौर में सियागंज के व्यापारियों के अलावा उज्जैन मैं व्यापारियों और मंदिरों के आसपास दुकानों में काफी मात्रा में खपाता आ रहा है।आरोपी ने पूछताछ में बताया कि सांची और अमूल का नकली घी 300 किलो में दुकानदारों को सप्लाई करता था। दुकानदार इसे 500 से 600 रुपए किलो में ग्राहकों को शुद्ध सांची एवं अमूल का घी बताकर बेच देते थे.


