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नकली पुलिस बनकर करता था लोगों से ठगी, गाड़ी कम दाम में दिलाने का देता था झांसा
क्राईम ब्रांच ने किया गिरफ्तार
इन्दौर. क्राइम ब्रांच ने नकली पुलिस बनकर ठगी करने वाला आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी स्वयं को पुलिस अधिकारी बताथा और कम दाम में गाड़ी दिलवाने के नाम पर ठगी करता थी. यहीं नहीं आरोपी महाराष्ट्र में भी लोगों से ठगी कर चुका है. पकड़े जाने के बाद ठिकाना बदलकर इंदौर में वारदातों को अंजाम. दे रहा था.
क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना प्राप्त हुई थी कि थाना अन्नपूर्णा क्षेत्र मे कोई व्यक्ति फर्जी तरीके से स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से ठगी कर रहा है. सूचना पर कार्यवाही करते हुए क्राइम ब्रांच की टीम ने अन्नपूर्णा की टीम को साथ लेकर चंद्रशेखर उर्फ अनिल मालवीय पिता देवराम भंजाले (43) निवासी खंडवा को अन्नपूर्णा क्षेत्र से घेराबंदी कर पकङा.
संदेही चंद्रशेखर उर्फ अनिल ने पूछताछ के दौरान पुलिस टीम को बताया कि वह पंधाना में नाई की दुकान का काम करता है और पंधाना में ही उसका हेयर सेलून है.
चंद्रशेखर ने बताया कि एक साल पहले वह अपनी सेलून की दुकान बंद करके इंदौर काम करने आ गया था और बैंक कॉलोनी, विशाल नगर में अन्नपूर्णा रोड पर किराये से मकान लेकर रह रहा था. आरोपी ने इंदौर में बसने के बाद से अपने सभी परिचितोंको स्वयं की पहचान, इंदौर पुलिस का अधिकारी होना बताई थी.
आरोपी ने बैंक कॉलोनी में रहने वाले योगेश नाम के व्यक्ति को स्वंय को क्राईम ब्रांच का अधिकारी होना बताकर सस्ते दामों में मारूती वेन दिलाने की बात की थी जिसके एवज में आरोपी ने योगेश से 30000 रुपए ले लिये थे और कुछ दिनों बाद ही वह वहां से मकान खाली करके चला गया था.
उसने अपनी यामाहा एमएच-12/एलजेड-8124 गाङी पर, पुलिस कलर की पट्टी रंगवा रखी थी जिससे लोग उसे पुलिस वाला समझते थे. आरोपी ने स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर जप्त की हुई गाङिय़ों को कम दाम में दिलवाने का बोलकर धोखाधङी पूर्वक, अन्नपूर्णा निवासी अनुराग व रवि पिता गिरधारी मोदी से दो लाख रूपये स्विफ्ट डिजायर गाङी दिलवाने एवं रुपेन्द्र भदौरिया से एक्सयूवी 500 गाङी दिलवाने के नाम पर 12 लाख 40 हजार रूपये ले लिये थे. इस प्रकार आरोपी ने लोगों के साथ करीब 14 लाख 50 हजार रुपये की ठगी की थी.
महाराष्ट्र में भी की ठगी
आरोपी ने बताया कि उसका ससुराल पुणे, महाराष्ट्र में है और वह पूर्व में भी थाना जामनेर जिला जलगांव महाराष्ट्र में ठगी के प्रकरणों मे बंद हो चुका है. महाराष्ट्र में वह अपने साढ़ू के साथ मिलकर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था लेकिन वहां पर पकड़े जाने के बाद से उसने अपना ठिकाना बदल दिया था जोकि वर्तमान में इंदौर में रहकर ठगी की वारदातें कर रहा था. आरोपी महाराष्ट्र में अपने साढू भाई खंडू उर्फ पोपट के साथ अपराध करने के जुर्म में निरूद्ध हुआ था.
महाराष्ट्र में वह लोगों को नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगता था. आरोपी ने जलगांव के एक व्यक्ति से भारतीय रेलवे भोपाल म.प्र. मे टीसी की नौकरी लगवाने के नाम पर चार लाख पचास हजार रूपये लिये थे. आरोपी हमेद्गाा से लोगों को पुलिस अफसर बताकर डराता-धमकाता था और ठगी की वारदातो को अजांम दे रहा था. क्राइम ब्रांच ने आरोपी को थाना अन्नपूर्णा के सुपुर्द किया गया है. आरोपी से विस्तृतपूछताछ जारी है, जिसमें उसके द्वारा नकली पुलिस बनकर की गयी अन्य घटनाओं के खुलासा होने की संभावना है।


