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देश में दालों पर एक जैसा मंडी टेक्स लगाए सरकार
ग्रेन एक्स इंडिया एक्जीबिशन के समापन पर उद्योगपतियों की मांग
इंदौर। ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन द्वारा लाभ गंगा कन्वेंशन सेंटर में 3 दिवसीय ग्रेन एक्स एग्जीबिशन आयोजित की जा रही है।
रविवार को एग्जीबिशन के समापन अवसर पर ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के साथ दाल इंडस्ट्री के निलेश त्रिवेदी एम एस आई के निदेशक, अनूप कुमार व्यापारी दाल मिल उद्योग दिल्ली सहित अनेक दिग्गजों ने कच्चे माल की उपलब्धता और कमी, जीएसटी के प्रभाव, पैकेजिंग की चुनौतियां और अन्य सरकारी नीतियां तथा उनके निराकरण पर चर्चा की।
ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि 1 लाख 70 हजार टन एक साल में पूरे देश से दाल विदेश गई। विदेशों में दाल सप्लाई करने वाले राज्यों में महाराष्ट्र ,साउथ ,कोलकाता, मुंबई के बाद मध्यप्रदेश चौथे स्थान पर है। राज्य सरकार द्वारा दाल उद्योग को जो सुविधा मिल रही है, उसकी कास्ट ज्यादा है।
इसके साथ ही दाल उद्योग को मंडी टैक्स के कारण परेशानी आ रही है। इससे हर राज्य में अलग टैक्स लगाया जा रहा है। महाराष्ट्र में 1 प्रतिशत, गुजरात में 1 प्रतिशत राजस्थान में 1.6 प्रतिशत यूपी में 2.5 प्रतिशत मध्य प्रदेश में 1.7 प्रतिशत टैक्स लग रहा है। यदि पूरे देश में सरकार 0.50 एक समान मंडी टैक्स कर दे तो इससे दाल व्यापार में काफी फायदा होगा। पूरे देश में एक समान टैक्स होने से बहू बिंदू टैक्स नहीं होगा और दाल व्यापार को बढ़ाने में ज्यादा मददगार साबित होगा।
इसके साथ ही यदि सरकार 15 प्रतिशत सब्सिडी दे तो इंडिया के बाहर दालों का व्यापार बढ़ेगा। हिंदुस्तान के बाहर दाल का निर्यात कम हो रहा है इसको बढ़ाने के लिए जल्दी भारत सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा। अच्छी क्वालिटी की दाल अमेरिका ,कनाडा ,आदि देशों में भेजने के लिए भारत सरकार व्यापारियों की मदद करें।
नई टेक्नोलॉजी की मशीनों की बढ़ी डिमांड’ नई टेक्नोलॉजी की मशीनों की डिमांड बढ़ने का कारण बताते हुए अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि इन मशीनों के माध्यम से कम कीमत में अच्छी क्वालिटी की दाल मिलती है। पुरानी मशीनें गोल ग्राइंडर मशीन हैं। नई मशीनें गोल पैटर्न में आ रही हैं। 20 से 25 प्रतिशत बिजली बचाने के साथ ही व्यापार को भी बढ़ा रही हैं।


