अल्पास्टिक एनीमिया से पीड़ित लालाराम यादव को होम्योपैथी उपचार ने दी नई जिंदगी, अब दूसरों को भी देते हैं धूम्रपान से बचने की सलाह

डॉ. द्विवेदी के एनीमिया मुक्त भारत अभियान में एक और बड़ी सफलता

इंदौर। जुलाई 2025 एक समय था जब मेरा हीमोग्लोबीन मात्र 6-7 ग्राम और प्लेटलेट्स 10-15 हजार के बीच रहते थे। देश के कई प्रमुख डाक्टर्स को दिखाया, हर कोई यह कहता कि अब इसका इलाज संभव नहीं है। इस कारण जीवन में अंधकार गहराता जा रहा था। लेकिन इसी बीच इंदौर में होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. ए.के. द्विवेदी द्वारा दिए गए होम्योपैथिक उपचार ने मुझे नई जिदंगी दे दी। अब मैं पुरी तरह स्वस्थ हूं। और सभी को धूम्रपान नहीं करने की सलाह देता हूं।
यह कहना है जयपुर निवासी 65 साल के लालाराम यादव का
जो अप्लास्टिक एनीमिया जैसी जानलेवा बीमारी से ग्रसित थे। लालाराम बताते हैं कि बोन मैरो की जांच से पुष्टि हुई और पता चला कि उन्हें अप्लास्टिक एनीमिया हैं। देश के अनेक विशेषज्ञ डॉक्टर्स ने उपचार में असमर्थता जताई। इसी बीच इंदौर के एडवांस्ड होम्यो हेल्थ सेंटर और होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. एके द्विवेदी जी के बारे में पता चला। तो संपर्क कर इंदौर पहुंचे। डॉ. द्विवेदी जी ने सभी जांच रिपोर्ट को गहराई से अध्ययन किया और होम्योपैथिक उपचार प्रारंभ कर दिया। डॉ. द्विवेदी ने मुझे होम्योपैथिक उपचार के साथ ही भावनात्मक रूप से हिम्मत भी दी और जीवन का भरोसा दिया। होम्योपैथिक उपचार के बाद अब मेरी रक्त जांच की रिपोर्ट्स सामान्य है और बिना किसी दवा के सामान्य जीवन जी रहा हूं।

बुरी लत है धूम्रपान इससे दूर रहें

लालाराम यादव कहते हैं कि एक समय था मैं धूम्रपान (बीड़ी) का आदि था जिससे मेरा प्लेटलेट्स कम हो गया और मुझे नाक व मुंह से बार-बार ब्लीडिंग होती थी। लेकिन डॉ. द्विवेदी जी से होम्योपैथिक उपचार लेने के बाद मैंने धूम्रपान जैसी बूरी लत को पूरी तरह से छोड़ दिया है। और अब मैं दूसरों को भी धूम्रपान से दूर रहने की सलाह देता हूं।

क्या है अप्लास्टिक एनीमिया

अप्लास्टिक एनीमिया एक गंभीर रक्त विकार है। यह रोग अस्थि मज्जा (बोन मैरो) में रक्त कोशिकाओं के निर्माण को बाधित करता है। जिससे शरीर में RBC, WBC और प्लेटलेट्स की भारी कमी हो जाती है। इस रोग के दौरान ऑक्सीजन की कमी, संक्रमण का खतरा, रक्तस्त्राव की आशंका और मौत तक का कारण बन सकता है।

सैकड़ों रोगियों पहुंचा चुके हैं राहत डॉ. द्विवेदी

एडवांस्ड होम्यो हेल्थ सेंटर इंदौर के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. ए.के. द्विवेदी, जो आयुष मंत्रालय की केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच), नई दिल्ली के वैज्ञानिक सलाहाकर बोर्ड के 2015 से लगातार सदस्य है। वे 27 सालों से अप्लास्टिक एनीमिया पर गहन होम्योपैथी चिकित्सा एवं शोध कर रहे हैं। उनके द्वारा दिए जाने वाले 50 मिलिसिमल पोटेंसी की होम्योपैथिक उपचार से अब तक सैकड़ों रोगियों को राहत मिली है। वहीं कई रोगी पूर्णत: स्वस्थ होकर बिना किसी दवा के सामान्य जीवन जी रहे हैं। वहीं डॉक्टर ए.के. द्विवेदी का एनीमिया मुक्त भारत अभियान
आज जन स्वास्थ्य की दिशा में एक अभिनव पहल बन चुका है।

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