सूरज विज़न एंड डेंटल सेंटर ने पेश किया स्कैनओ

दांतों के इलाज को आसान और देखभाल को आदत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम

इंदौर 17 अगस्त 2026। सूरज विज़न एंड डेंटल सेंटर ने आज इंदौर में स्कैनओ लॉन्च किया। स्कैनओ एक अत्याधुनिक एआई संचालित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जो जो मुंह के स्वास्थ्य की देखभाल को सरल, सुलभ और दैनिक प्राथमिकता बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। इस सुविधा का उद्घाटन ए सी पी (क्राइम ब्रांच) श्री राजेश दंडोतिया ने किया।

स्कैनओ – भारत में बना, दुनिया के लिए” एक ऐसा टेक्निकल इनोवेशन है जो समाज के हरेक व्यक्ति के मुंह के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संकल्प है। स्कैनओ, शैक्षणिक संस्थाओं, कॉर्पोरेट कंपनियों, भीड़ भारी जगहों पर बिना संपर्क के स्क्रीनिंग की सुविधा देता है, जो कुछ ही सेकंड में 40 से अधिक स्थितियों की पहचान कर सकता है और तुरंत व्हाट्सएप्प पर रिपोर्ट भेज देता है।

उद्घाटन के अवसर पर एसीपी (क्राइम ब्रांच) श्री राजेश दंडोतिया ने कहा— “मुंह के स्कैन की इस एआई – आधारित तकनीक ने सिर्फ 1 मिनट में मेरा डायग्नोसिस करके रिपोर्ट भी जनरेट कर दी है। इंदौर में इस तरह की पहल से आम नागरिकों को समय रहते अपनी सेहत का ध्यान रखने का अवसर मिलेगा। एआई के इनोवेशन आम लोगों तक पहुँचने चाहिए, जो इसका इस्तेमाल करेंगे वही आगे बढ़ सकेंगे।”

सूरज विज़न एंड डेंटल सेंटर की डायरेक्टर डॉ. शिल्पा धाकड़ ने कहा कि “हमें खुशी है कि इस सुविधा को आम – जन के लिए आसान और किफायती बना पा रहे हैं। हमारी कोशिश है कि लोग इसके उपयोग से मुंह और दांतों की सेहत का ध्यान रखने को अपनी दैनिक आदत बनाएँ और समय रहते समस्याओं की पहचान कर सकें। मुँह शरीर का सबसे कम ध्यान दिया जाने वाला हिस्सा है और बड़े पैमाने पर दांतों के इलाज के तरीके में बदलाव लाने का तरीका एआई के माध्यम से ही हो सकता है।”

सूरज विज़न एंड डेंटल सेंटर की डायरेक्टर डॉ. शिखा धाकड़ ने कहा – “इंदौर में स्कैनओ का लॉन्च टेक्निकल इनोवेशन है, जो दांत की बीमारियों की रोकथाम और जल्दी पहचान करने में मददगार साबित होगा। स्कैनओ का लॉन्च मुंह की सेहत के लिए चलाये जा रहे प्रिवेंटिव प्रोग्राम का हिस्सा है। स्कैनओ एक एआई संचालित ओरल‑हेल्थ स्क्रीनिंग प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उपयोग नौ देशों में 1,000 से अधिक डेंटल क्लीनिक कर रहे हैं।

इसके साथ ही स्कैनओ ने टिशू एआई भी लॉन्च किया है — एक ऐसा टूल जो दंत चिकित्सकों को मुंह के सॉफ़्ट टिश्यू में शुरुआती बदलावों का पता लगाने में मदद करता है, जो प्री‑कैंसर या कैंसर का संकेत हो सकते हैं। भारत में हर साल 1,35,000 से अधिक नए मुंह के कैंसर के मामले सामने आते हैं। टिशू एआई उच्च‑रिज़ॉल्यूशन इंट्रा‑ओरल फ़ोटोग्राफ़ का विश्लेषण कर संभावित जोखिम क्षेत्रों की पहचान करता है और चिकित्सकों को समय रहते रोग की रोकथाम में सक्षम बनाता है।

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