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‘साई होम स्कूल’ का शुभारंभ – साई इंटरनेशनल स्कूल में
अब स्कूलों में दसवीं तथा 12 वीं कक्षाएं खुल चुकी हैं. इस पेंडामिक के माहौल में साई इंटरनेशनल एजुकेशन ग्रुप, भुवनेश्वर ने शिक्षा को उन विद्यार्थियों तक पहुंचाने का भरसक प्रयास किया है जो किसी अदृश्य के डर से विद्यालय नहीं आ पा रहे हैं.
शिक्षा के मौजूदा रिवाज से एक कदम आगे बढ़ते हुए साई इंटरनेशनल ने यह समझा है कि आज का न्यू नॉरमल है ब्लेंडेड लर्निंग यानी एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था जिसमें कक्षा में दी जाने वाली आमने- सामने की शिक्षा के साथ-साथ एक मजबूत ऑनलाइन सपोर्ट का मिश्रण हो. निस्संदेह आने वाला दौर टेक्नोलॉजी मिश्रित शिक्षण का है जिसे कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में महत्वपूर्ण बताया गया है.
शिक्षा की प्रत्येक प्रक्रिया में टेक्नोलॉजी को इस्तेमाल करते हुए इस कठिन दौर में विद्यार्थियों के पास सटीक शिक्षण पहुंचाने में हमेशा की तरह साई इंटरनेशनल अग्रणी रहा है. 1 अप्रैल 2020 से साई इंटरनेशनल लगातार इस प्रयास में जुटा है कि विद्यार्थियों के पास टेक आधारित शिक्षा को 360 डिग्री शिक्षण अनुभव के साथ नियमित पहुंचाया जाए.
साईं परिवार के लिए हमेशा सर्वोत्कृष्ट देने के अपने वादे को साकार करते हुए साई इंटरनेशनल आज अपने सर्वश्रेष्ठ टेक्नोलॉजिकल नवोन्मेष के साथ प्रस्तुत है. जिस नवीन आविष्कार के द्वारा साई इंटरनेशनल ने कक्षाओं से वंचित विद्यार्थियों को श्रेणी- शिक्षण जैसा ही वास्तविक शिक्षण-अनुभव देने का प्रयास किया है, उस नवोन्मेष का नाम है- साई होम स्कूल.
साई होम स्कूल (SHS) को अधिगम प्रक्रिया में एक गेम चेंजर के रूप में देखा जा सकता है क्योंकि यह सर्वांगीण शिक्षण के वास्तविक अनुभव को दरवाजे ही नहीं बल्कि घर के अंदर तक पहुंचा सकता है I एस. एच. एस. अधिगम का एक संपूर्ण पैकेज है, जिसमें विषय वस्तु, शिक्षण – सामग्री, शिक्षण- प्रक्रिया तथा समस्या-समाधान–सब कुछ शामिल है.
साई होम स्कूल के प्रत्येक मॉड्यूल में चार विभाग हैं– माइंड मैप, लेशन नोट, होम असाइनमेंट तथा विषयों के वीडियो रेकॉर्डिंग्स I इनके अतिरिक्त समस्या-समाधान के सेशन्स भी हैं जिनके माध्यम से विद्यार्थी निर्दिष्ट शिक्षकों के द्वारा अपनी जिज्ञासा शांत कर सकते हैं.
इस नवीन आविष्कार- साई होम स्कूल के द्वारा यह निश्चित किया जा सकता है कि विद्यार्थी के पास आभासी रूप से श्रेणी गृह के समस्त तत्वों को पहुंचाया जा सके. यह अद्वितीय नवोन्मेष उन विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हो सकता है जो किसी कारणवश श्रेणी- शिक्षा से वंचित रह जाते हैं क्योंकि इससे वह घर बैठे ही निर्बाध शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं.
साई होम स्कूल निश्चय ही ट्यूशंस का एक बेहतर विकल्प हो सकता है. साई होम स्कूल विद्यार्थियों के सत्र-मध्य, सत्रांत तथा बोर्ड परीक्षा के रिवीजन व अभ्यास के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध हो सकता है. इसमें कोई संदेह नहीं कि स्कूल को घर में पहुंचाने का काम ‘साई होम स्कूल’ ने कर दिखाया है. इससे बच्चे घर में ही रह कर जब चाहें, जैसे चाहें, शिक्षण को जारी रख सकते हैं.
शुभारंभ अवसर के दौरान साई इंटरनेशनल एजुकेशन ग्रुप के संस्थापक डॉ विजय कुमार साहू ने कहा—‘जो साल चला गया उसे हम बेहतर शिक्षण प्रदान करने वाला साल कह सकते हैं जिसने हमें तबाही के इस दौर में भी शिक्षा-क्षेत्र में लीक से हटकर सोचने तथा नवोन्मेष करने के लिए प्रेरित किया. यदि हम साल 2020 मैं लौट कर देखें, तब पाएंगे संपूर्ण विश्व इस कठिन काल में स्तब्ध हो गया था तथा बच्चों की पढ़ाई अनिश्चितता की अंधेरी खाई में पहुंच गई थी.
13 मार्च 2020 में पूरे देश में लॉक डाउन की घोषणा की गई थी, लेकिन साई इंटरनेशनल ने इस लॉकडाउन को शिक्षण प्रक्रिया पर हावी होने नहीं दिया. साई इंटरनेशनल ने अपने शिक्षण को आभासी धरातल पर बेहतरीन तरीके से जारी रखा. इसी दौरान हमने शिक्षण-प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटाइज किया. हम विश्वास करते हैं कि हर आपदा विकास की असीम संभावनाओं को अपने आंचल में समेट लाती है I इसलिए यह कहना कतई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि साई होम स्कूल नवीन, बेहतर व डिजिटल भविष्य की तरफ साई इंटरनेशनल की एक उत्कृष्ट उछाल है.


