ईडीआईआई के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला को इंडियास्पार्क ने ‘फेस ऑफ इंडिया 2026’ के रूप में सम्मानित किया

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यह सम्मान भारत और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में उद्यमिता शिक्षा, उद्यम विकास, नीतिगत समर्थन और जमीनी स्तर पर इनोवेशन के क्षेत्र में उनके तीन दशकों के योगदान को मान्यता देता है

अहमदाबाद, 12 सितंबर 2026: एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (ईडीआईआई) के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला को उद्यमिता शिक्षा, संस्थान निर्माण और भारत के उद्यमिता इकोसिस्टम के विकास में उनके योगदान के लिए इंडियास्पार्क द्वारा ‘फेस ऑफ इंडिया 2026’ के रूप में सम्मानित किया गया है।

यह सम्मान भारत भर में उद्यमिता को आगे बढ़ाने की दिशा में डॉ. शुक्ला की तीन दशकों से अधिक की यात्रा और योगदान को मान्यता देता है। उनके कार्यों में उद्यमिता शिक्षा, इनक्यूबेशन, एमएसएमई विकास, जमीनी स्तर पर इनोवेशन, नीतिगत अनुसंधान और समावेशी उद्यम विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उनके नेतृत्व में पारंपरिक शहरी केंद्रों से आगे उद्यमिता के अवसर पैदा करने तथा युवाओं, ग्रामीण समुदायों और उभरते उद्यमियों के लिए इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

उनके नेतृत्व में ईडीआईआई ने विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में उद्यमिता और उद्यम विकास को संस्थागत स्वरूप देने के लिए कार्य किया है। उनकी पहलों में कारीगरों, जनजातीय समुदायों और वंचित समूहों को सहयोग देने वाले कार्यक्रमों के साथ-साथ लद्दाख, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गोवा, पुदुच्चेरी और पूर्वोत्तर क्षेत्र सहित विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में उद्यमिता विकास से जुड़ी पहलें शामिल हैं। ईडीआईआई से जुड़ी ‘एंटरप्राइजिंग लद्दाख’, ‘हस्तकला सेतु’ (गुजरात में) और ‘देवभूमि उद्यमिता’ (उत्तराखंड में) जैसी पहलों में समावेशी और जमीनी स्तर की उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।

डॉ. शुक्ला ने अनुसंधान और परामर्श संबंधी पहलों के माध्यम से उद्यमिता से जुड़े व्यापक नीतिगत परिदृश्य में भी योगदान दिया है, जिसमें नेशनल एंटरप्रेन्योरशिप पॉलिसी, एआईसीटीई स्टार्ट-अप पॉलिसी और एमएसएमई पॉलिसी फ्रेमवर्क्स से संबंधित कार्य शामिल हैं। उनके कार्यों में आजीविका के अवसर पैदा करने, समुदायों को मजबूत बनाने और समावेशी आर्थिक विकास को सक्षम बनाने के माध्यम के रूप में उद्यमिता को लगातार बढ़ावा दिया गया है।

उनके विजन का एक महत्वपूर्ण पहलू उद्यमिता को महानगरीय इकोसिस्टम से आगे ले जाना रहा है। उनके दृष्टिकोण में टियर 2, टियर 3 और ग्रामीण युवाओं को स्थानीय अवसरों की पहचान करने और सतत उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक कौशल, मेंटरशिप, इनक्यूबेशन सहयोग और इकोसिस्टम तक पहुंच प्रदान करने पर विशेष जोर दिया गया है।

भविष्य को ध्यान में रखते हुए, डॉ. शुक्ला ने विशेष रूप से ग्रामीण भारत में ज्ञान, कौशल और उद्यमिता के अवसरों तक पहुंच को सभी के लिए सुलभ बनाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संभावनाओं को भी रेखांकित किया है। उनका विजन उद्यमिता विकास को समावेशी इनोवेशन और विकसित भारत @2047 की भारत की व्यापक महत्वाकांक्षा के साथ जोड़ता है।

‘फेस ऑफ इंडिया – 2026’ के रूप में मिला यह सम्मान भारत में उद्यमिता की संस्कृति को विकसित करने में डॉ. शुक्ला के योगदान के साथ-साथ उद्यमियों को तैयार करने, उद्यमों को मजबूत बनाने और अधिक समावेशी एवं सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के निर्माण में योगदान देने के ईडीआईआई के व्यापक मिशन को और मजबूती प्रदान करता है।

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