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डेविड फिंचर जैसा खौफ लेकर आ रही है करण कापड़िया की ‘हुंकार’
निर्देशक करण डी. कापड़िया और नित्या मेहरा की बहुप्रतीक्षित कोर्टरूम ड्रामा सीरीज ‘हुंकार: द रोर’ 25 सितंबर से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी। यह सिर्फ एक शो नहीं, बल्कि न्याय के लिए एक बुलंद आवाज है। करण बताते हैं कि इसका विचार कोविड के बाद एक लेख पढ़ने से आया, जिस पर उन्होंने ‘बिग गर्ल्स डोंट क्राई’ के साथ-साथ काम शुरू किया।
इस प्रोजेक्ट को आकार देने में लगभग एक साल तक राइटर्स रूम में काम चला। करण ने पहले कहानी लिखी, फिर बीट-शीट बनाई और हर लेखक को एपिसोड बांटे गए। कई ड्राफ्ट के बाद वह टोन मिली जिसकी उन्हें तलाश थी। टाइटल के लिए भी लंबी खोज के बाद ‘हुंकार’ नाम मिला। करण कहते हैं, “यह टाइटल चेहरे पर थप्पड़ की तरह लगा।”
सीरीज को डेविड फिंचर जैसी सिहरन और मनोवैज्ञानिक तनाव के साथ बनाया गया है। करण का मकसद किसी धार्मिक विवाद से बचना और देश की सबसे बड़ी समस्या – रेप की महामारी पर फोकस करना था। वे कहते हैं, “यह उन महिलाओं को सलाम है जो हर रोज लड़ाई लड़ रही हैं। यह डेविड बनाम गोलियत की कहानी है, सच बोलने की हिम्मत की कहानी।”
शो का हर फ्रेम किरदारों के ट्रॉमा को दर्शाता है। सेट डिजाइन, लाइटिंग और परफॉर्मेंस में एक अजीब सा डर बुना गया है। करण कहते हैं, हमारे यहां पीड़िता के ट्रॉमा की अंदरूनी यात्रा पर बात नहीं होती। उसे एक ही कहानी 14-15 बार वकील, जज, पुलिस को बतानी पड़ती है।
कहानी एक बेरोजगार वकील, एक नई पुलिस अफसर और 17 साल की लड़की की है, जो सिस्टम जितनी ताकतवर सत्ता से लड़ते हैं। मुख्य भूमिका में अनीत पड्डा हैं, जिन्हें करण पहले ‘खट्टी मीठी यादें’ शॉर्ट फिल्म और ‘बिग गर्ल्स डोंट क्राई’ में निर्देशित कर चुके हैं। अनीत को वे ऑर्गेनिक और मेथड एक्टर बताते हैं। वहीं फातिमा सना शेख ने भूमिका के लिए कई जांच अधिकारियों और उनके परिवारों से मुलाकात की।
बिरला स्टूडियोज, अप्लॉज एंटरटेनमेंट, प्रियंका चोपड़ा की पर्पल पेबल पिक्चर्स और मंगटा फिल्म्स द्वारा निर्मित यह सीरीज उम्मीद की जीत का संदेश देती है।


