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मध्य प्रदेश के स्कूलों में बच्चों की शिक्षा को बेहतर बना रहा है लीड
राज्य के 2,20,000 छात्रों के शिक्षा परिणामों को बेहतर बनाने का लक्ष्य
मध्य प्रदेश, मई, 2023: भारत का सबसे बड़ा स्कूल एडटेक यूनिकॉर्न लीड, मध्य प्रदेश के स्कूलों में शिक्षा परिणामों को बेहतर बनाते हुए छात्रों में आत्मविश्वास निर्माण कर रहा है। अपने अंतरराष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम, मल्टी मोडल पढ़ाने-पढ़ने की पद्धतियों तथा टेक्नोलॉजी आधारित सुविधाओं के माध्यम से लीड का एनईपी अनुकूल इंटीग्रेटेड स्कूल एडटेक सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि छात्रों को सभी विषयों की गहराई से समझ और विशेषज्ञता प्राप्त हो सके।
राज्य में लीड से जुड़े स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के शिक्षा परिणामों में पिछले दो वर्षों के दौरान कोविड के कारण आई मुश्किलों के बावजूद 40% से अधिक सुधार देखने को मिला है। अब तक मध्य प्रदेश के लगभग 200+ स्कूल लीड का इंटीग्रेटेड स्कूल एडटेक सिस्टम लागू कर चुके हैं, जिससे इनमें पढ़ने वाले 36,000 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो रहे हैं। इसके साथ ही, लीड द्वारा मध्य प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाने वाले लगभग 1000 शिक्षकों को प्रशिक्षित एवं प्रमाणित भी किया गया है।
लीड के स्कूली समाधान पूरे भारत के 400+ शहरों में स्थित 9000 स्कूलों में उपलब्ध कराए जा चुके हैं। लीड की मदद से स्कूल स्टूडेंट्स को जीवन में सफलता प्राप्त करने का आत्मविश्वास हासिल होता है और यह इन स्कूलों में सिखाई जाने वाली वाली भविष्य की महत्वपूर्ण लाइफ स्किल्स – कम्युनिकेशन, टीम के रूप में काम करना और गहराई से सोचना, से संभव हो पाता है।
लीड के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमीत मेहता, का कहना है, “भारत में स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे हर दिन अपने स्कूल में 6-7 घंटे बिताते हैं। इसके बावजूद, सिर्फ भारत के महानगरों में महंगी फीस वाले स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल पाती है। लीड में हम इसी कमी को दूर करना चाहते हैं और इसके लिए हमारे इंटीग्रेटेड स्कूल एडटेक सिस्टम के जरिये भारत के स्कूलों को अधिक सक्षम बनाया जाएगा। मध्य प्रदेश हमारे इस लक्ष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और हम इस राज्य में अपनी उपस्थिति बढ़ाने पर ध्यान देते रहेंगे। हमारी योजना अगले 5 वर्षों में देश भर के 60,000 स्कूलों एवं 2.5 करोड़ छात्रों तक पहुंचना है।”
लीड के बारे में बात करते हुए, रतलाम स्थित साई श्री इंटरनैशनल एकैडेमी की प्रिंसिपल डॉ. श्वेता विंचुरकर ने कहा कि, “साई श्री इंटरनैशनल एकैडेमी की शुरुआत 2012 में हुई थी और आज हमारा स्कूल मध्य प्रदेश के अग्रणी स्कूलों में से एक है। हमें एक इंटीग्रेटेड स्कूल सिस्टम की तलाश थी, जिसमें आधुनिक पाठ्यक्रम, रचनात्मकता एवं टेक्नोलॉजी का तालमेल मौजूद हो, ताकि हमारे छात्र-छात्राएं कॉन्फिडेंट बनें और भविष्य के लिए तैयार हो सकें। लीड हमारी इस ज़रूरत पर पूरी तरह खरा उतरा है।”
उन्होंने आगे कहा कि, “जब शिक्षकों को सही शिक्षा साधन एवं लक्ष्य दिये जाएंगे, तो छात्रों के शिक्षा परिणाम अपने आप बेहतर बनने लगेंगे। लीड के साथ जुड़ने के बाद हमने इसी बदलाव का अनुभव किया है, जिसका श्रेय इनके टीचर ट्रेनिंग मॉड्यूल, ऑब्जेक्टिव लेसन प्लान और क्लासरूम मैनेजमेंट सिस्टम को जाता है। हमारे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे अब अपने विषयों को बेहतर तरीके से समझने लगे हैं और उनकी पढ़ाई में काफी अधिक सुधार आया है। इसके अलावा, लीड के कोडिंग एंड कंप्यूटेशनल स्किल्स (CCS) प्रोग्राम के अंतर्गत हमारे कई छात्रों ने वेबसाइट बनाने जैसे दिलचस्प प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया है। मैं सभी स्कूल संचालकों को लीड से जुड़ने की पुरज़ोर सलाह देना चाहती हूं और मुझे यह विश्वास है कि उन्हें अपने स्कूल में भी स्पष्ट बदलाव देखने को मिलेगा।”
लीड द्वारा स्कूल संचालन को बेहतर एवं प्रभावी बनाने के लिए स्कूल संचालकों की मदद की जाती है। इन स्कूलों के शिक्षकों का कौशल विकास एवं उनके पढ़ाने के तरीके को अधिक कुशल बनाया जाता है। इसके साथ ही, अभिभावकों और स्कूल के बीच तालमेल बेहतर बनाने में मदद की जाती है। लीड मध्य प्रदेश के किफायती प्राइवेट स्कूलों की कुछ सबसे बड़ी समस्याओं का समाधान कर रहा है, जिसमें शामिल हैं छात्रों के लिए सर्वोत्तम पाठ्यक्रम, अच्छे शिक्षकों की नियुक्ति, छात्रों में अंग्रेज़ी बोलने-लिखने की क्षमता में सुधार करना और एक समग्र स्कूली शिक्षा के लिए सही टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना। लीड से जुड़े स्कूल अब ज्यादा संख्या में एडमिशन प्राप्त करते हैं और अभिभावकों के बीच अधिक पसंद किये जाने लगे हैं।
लीड का ELGA (इंग्लिश लैंग्वेज एंड जनरल अवेयरनेस) प्रोग्राम छात्रों को एक स्किल के रूप में अंग्रेज़ी पढ़ाता है और 1.5 वर्षों में हासिल होने वाली प्रगति सिर्फ एक वर्ष में प्रदान करता है। इसके अलावा, लीड स्टूडेंट चैंपियनशिप जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्लेटफॉर्म के जरिये छात्रों को आधुनिक एवं व्यापक शिक्षा अनुभव मिलता है। इस चैंपियनशिप में भाग लेने वाले छात्रों को आगे बढ़ने के लिए विभिन्न अवसर भी प्राप्त होते हैं। वहीं, लीड द्वारा संचालित की जाने वाली मास्टर क्लासेस में विभिन्न विषयों के एक्सपर्ट्स एवं मशहूर हस्तियां बच्चों को महत्वपूर्ण स्किल्स एवं नई चीज़ें सिखाती हैं। लीड के साथ जुड़ने के बाद स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को जीवन में सफलता प्राप्त करने का आत्मविश्वास हासिल होता है और यह इन स्कूलों में सिखाई जाने वाली वाली भविष्य की महत्वपूर्ण लाइफ स्किल्स – कम्युनिकेशन, टीम के रूप में काम करना और गहराई से सोचना, से संभव हो पाता है।
रतलाम के साई श्री इंटरनैशनल एकैडेमी की टीचर सुश्री ममता मेहता कहती हैं, “लीड द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले पढ़ाने और पढ़ने के तरीके अपनाए जाने के बाद छात्रों में पढ़ने के लिए दिलचस्पी बढ़ गई है। पहले की तरह अब वो तनाव में नज़र नहीं आते। इसका पूरा श्रेय लीड को ही जाता है, जिन्होंने सिर्फ परीक्षा पास करने के लिए पढ़ाने के सिलसिले को खत्म कर दिया। दरअसल, लीड ने परीक्षाओं का डर ही मिटा दिया है, जो कि हमेशा बच्चों और उनके माता-पिता के तनाव का कारण बनती हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि, “ELGA टीचर के रूप में मुझे कुछ नया देखने को मिला जिससे मेरी सोच का दायरा बढ़ गया और मेरा अनुभव भी पहले से काफी बेहतर हो गया है। इसके अलावा, ELGA से यह सुनिश्चित होता है कि विद्यार्थी आसान तरीके से पढ़ सकें और सवालों के जवाब भी दे सकें।”
रतलाम के साई श्री इंटरनैशनल एकैडेमी में क्लास 5 की स्टूडेंट नव्या मालवीय के पैरेंट्स श्री रोहित मालवीय और श्रीमती हेमलता मालवीय ने बताया, “ लीड के प्रोग्राम स्टूडेंट्स को एडवांस्ड और जटिल चीज़ें आसान तरीके से सीखने में मदद करते हैं। लीड की ELGA टेक्नीक ना केवल विषयों की आसान समझ विकसित करती है बल्कि बच्चों में कल्पना शक्ति भी तैयार करती है, ताकि भाषाओं और विषयों के बारे में उनका विज़न स्पष्ट हो सके। हमें इस बात की खुशी है कि हमारी बच्ची ने कई सारी नई चीज़ें सीखी है और कई तरीकों से बेहतर करने में सक्षम बनी है। हमें उसकी पढ़ाई में काफी अधिक सुधार देखने मिला है।”
लीड आज दुनिया भर की कुछ चुनिंदा एडटेक कंपनियों में से एक है, जो छात्र-छात्राओं को उनके विषयों में एक्सपर्ट बनाने की गारंटी देती है।


