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स्वच्छ सर्वेक्षण में अव्वल आने के तौर-तरीके नगरीय निकायों को बताये गये
इंदौर में स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के संभागीय कार्यशाला का आयोजन
इन्दौर. इंदौर में आज स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के लिए संभागीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में इंदौर और उज्जैन संभाग के सभी नगरीय निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण शामिल हुए। प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन श्री संजय दुबे ने कहा कि इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए चुनौतियां कहीं अधिक बड़ी है। इस बार पूर्व में हुए सर्वेक्षण से भिन्न मापदंड अपनाए जाएंगे।
श्री दुबे ने कहा कि सर्वेक्षण के लिए नियमों को समझना बहुत ज़रूरी है। नए मापदंडों पर ध्यान दिया जाए, ताकि उसके अनुरूप कार्य हो सके। श्री दुबे ने महापौर और नगरीय निकायों के अध्यक्षों से आह्वान किया कि वे इस सर्वेक्षण के लिए नेतृत्व प्रदान करें। मेरा शहर-स्वच्छ शहर का जज़्बा हर शहरी के मन में होगा, तभी हमें कामयाबी मिलेगी। उन्होंने आह्वान किया कि मध्य प्रदेश के दूसरे शहर भी स्वच्छता के मामले में इंदौर को टक्कर दें ।
आयुक्त नगरीय प्रशासन श्री पी. नरहरि ने कार्यशाला में कहा कि मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स भारत सरकार ने आज पहली कार्यशाला मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में आयोजित की है। यह इन्दौर और मध्य प्रदेश के महत्व को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि इस बार सर्वेक्षण के तौर तरीक़ों में कुछ बदलाव हुए हैं। इन बदलावों को समझना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने नगरीय निकायों से कहा कि आप जो भी काम कर रहे हैं उनका दस्तावेजीकरण बहुत ज़रूरी है।
इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण के 4 प्रमुख घटक होंगे। नागरिक प्रतिक्रिया, प्रत्यक्ष अवलोकन, प्रमाणीकरण और सेवाओं के प्रदाय पर अंक दिए जाएंगे। आने वाले 5 महीने बेहद महत्वपूर्ण हैं, हमें निर्धारित 6 हज़ार अंकों में से अधिकतम अंक हासिल करना है।
श्री नरहरि ने कहा कि नगरीय निकाय व्यवहार परिवर्तन पर अपना फ़ोकस करें। हमें बेहतर और स्वच्छ वातावरण बनाना है। इस कार्य के लिए जन प्रतिनिधियों को लीडरशिप लेनी होगी। वे जनता के बीच जाएं अपनी बात रखें, तो परिणाम अधिक अच्छे आएंगे। कार्यशाला में श्री अनिल प्रकाश, पीएमयु भारत सरकार ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण2020 का कार्य 31 जनवरी 2020 तक होगा।
उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए अपनायी जा रही प्रक्रिया और अंकों के वर्गीकरण से सभी को अवगत कराया। कार्यशाला में इंदौर और उज्जैन संभाग के सभी नगरीय निकायों के महापौर, नगर पालिका और नगर परिषदों के अध्यक्ष तथा नगरीय निकाय के अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए नगर निगम इंदौर के सभापति श्री अजय सिंह नरुका ने कहा कि यह कार्यशाला आने वाले समय में हमें कार्य करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में उपस्थित श्री संजय दुबे, श्री मनीष सिंह और श्री पी नरहरि जैसे अधिकारियों ने इंदौर को देश में पहचान दिलाने में एक बड़ी भूमिका निभाई है। अब वे मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय को लीड कर रहे हैं। ऐसे में समूचे मध्य प्रदेश में अच्छे परिणाम आएंगे।
नगर निगम इंदौर में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती फौजिया शेख़ अलीम ने कहा कि इंदौर में सभी जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिकगण मिलकर काम करेंगे तो इंदौर को इस बार चौका लगाने से कोई नहीं रोक सकता।


