- अब बिना ऑपरेशन भी हटेगी ब्रेस्ट की गांठ, इंदौर में शुरू हुई नई तकनीक
- जियो स्टूडियोज़ और सिख्या एंटरटेनमेंट की फिल्म 'डोरोथी' का टाइटल आउट, TIFF प्रीमियर से पहले बड़ा सरप्राइज
- सन नियो लेकर आ रहा है 'राजनंदिनी' : बदला, प्यार और रहस्यों से भरी एक नई कहानी
- Sun Neo Announces Raajnanndini: A Powerful Story of Revenge and Love
- दिल धोखा और डिज़ायर से लेकर लॉक अप सीज़न 2 तक… आकांक्षा चमोला का धमाकेदार सफर
सौ से अधिक पेड़ों का किया स्थानांतरण
इंदौर. स्टरलाइट पावर ने पिछले 8 दिनों में 105 पेड़ों को स्थानांतरित करने का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस कैम्पेन का उद्देश्य मध्यप्रदेश के इंदौर, सनवाड़, बुदवाहा, शिरपुर और धुले जिलों में हरित परिवेश को बरकरार रखना था.
परियोजना से लाभान्वित गांवों, मोरतक्का, पलासमर, बरोडा कारा और कुंडिया के लोगों ने न सिर्फ इस पहल में सहयोग किया, बल्कि कैम्पेन में कंपनी के साथ साझेदारी भी की। इस पहल का पायलट इंदौर में इसके खरगौन ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट (केटीएल) के तहत शुरू किया गया था. 189 किमी का केटीएल प्रोजेक्ट इंदौर को खंडवा के 1320 मेगावाट के थर्मल पावर के साथ जोड़ेगा।
इस परियोजना से घरेलू, व्यावसायिक, कृषि संबंधित और औद्योगिक सेगमेंट्स को फायदा होगा. स्टरलाइट पावर के ग्लोबल इंफ्रा बिजनेस सीओओ संजय जौहरी ने कहा हमने ग्रीन इकोलॉजी को बरकरार रखने के नजरिये के साथ इस परियोजना की परिकल्पना की थी। हमें बड़े पेड़ों को सुरक्षित रखने की जरूरत है, ताकि बड़ी आधारभूत परियोजनाओं से जलवायु पर उत्पन्न होने वाले किसी भी नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सके।
इससे पेड़ों को सुरक्षित तरीके से आस-पास के क्षेत्रों में स्थानांतरित करने के लिये मशीनों का इस्तेमाल करने के हमारे विजन को पंख मिले. स्थानांतरित किये गये पेड़ों की औसत परिधि 51.55 सेमी है, जो इसकी परिपक्वता और जड़ों को विकसित करने की योग्यता को दर्शाती है.
ट्री ट्रांसप्लांटेशन से बड़ी स्तर की परियोजनाओं को बिना पेड़ों की कटाई किये बनाने में मदद मिलती है। बड़े जीवित पेड़ हमें ढेरों लाभ देते हैं और इसलिये उन्हें जीवित बचाये रखना बेहद जरूरी है। इससे इको सिस्टम के संतुलन को बरकरार रखने और पराबैगनी (यूवी) किरणों के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है।


