- Acharya Vinod Kumar Says Current Student Unrest Reflects His Earlier Astrological Forecast, Sees Peaceful Days Ahead
- Amiee Misobbah Voices Her Support for Students Fighting for a Better Education System
- एसुस ने इंदौर में एक्सक्लूसिव स्टोर लॉन्च कर भारत भर में अपनी रिटेल स्ट्रेटेजी को मजबूत किया
- आयुर्वेदिक कफ सिरप: खांसी से राहत का एक प्राकृतिक उपाय
- Inspired by Their Own Love Story: Samiksha Oswal Opens Up About the Real-Life Story Behind Max, Min & Meowzaki
एआई, रोबोटिक्स एवं उद्यमिता के क्षेत्र में फ्यूचर लीडर्स तैयार करने के लिए न्यूटन स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी ने लॉन्च किया बेंगलुरु कैंपस
INDORE जून 2025 : अपने छात्रों की शानदार सफलता को देखते हुए, न्यूटन स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएसटी) ने बेंगलुरु में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी एजुकेशन के लिए अपने नए कैंपस को लॉन्च किया है। न्यूटन स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी के 93 प्रतिशत सेकंड-ईयर अंडरग्रेजुएट छात्रों को रेजरपे, सर्वम एआई और जूमकार जैसी बड़ी टेक फर्म्स और डीआरडीओ जैसे रिसर्च ऑर्गेनाइज़ेशन में इंटर्नशिप मिली है। कुछ छात्रों ने अपना दूसरा साल पूरा होते-होते दो इंटर्नशिप्स कर ली हैं, जो भारत के अंडरग्रेजुएट इकोसिस्टम में एक बड़ी उपलब्धि है।
साथ ही यह एनएसटी के हैंड्स- ऑन, इंडस्ट्री फर्स्ट लर्निंग मॉडल का प्रमाण भी है। भारत के टॉप टेक एवं स्टार्टअप हब इलेक्ट्रॉनिक सिटी में स्थित नए कैंपस को व्यावहारिक एवं जॉब-रेडी टेक एजुकेशन की बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यहाँ 2,500 छात्र पढ़ सकेंगे, साथ ही 1,000 छात्रों के रहने की व्यवस्था होगी। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स एवं टेक एंटरप्रेन्योरशिप में स्पेशलाइजेशन को ध्यान में रखकर तैयार एनएसटी के एकेडमिक मॉडल में क्लासरूम लर्निंग को रियल-वर्ल्ड इंडस्ट्री एक्सपोज़र के साथ मिलाया जाता है। इससे सुनिश्चित होता है कि यहाँ ग्रेजुएट होने वाले हर छात्र के पास व्यावहारिक कौशल, मजबूत पोर्टफोलियो और जॉब-रेडी एक्सपीरियंस हो।
छात्रों को ऑन-कैंपस मेकर्स लैब फॉर रोबोटिक्स, अत्याधुनिक एआई मॉडल्स एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर और उद्योग जगत के अग्रणी लोगों द्वारा तैयार पाठ्यक्रम तक पहुँच मिलेगी । इसके पाठ्यक्रम का आकार देने वाली हस्तियों में अश्विन के (आईसीपीसी वर्ल्ड फाइनलिस्ट, क्रेड के पूर्व टेक लेड), सौमित्र मिश्रा (मेक माई ट्रिप के फॉर्मर प्रिंसिपल इंजीनियर) और सिद्धार्थ मलिक (इसरो के पूर्व वैज्ञानिक) शामिल हैं। यह माहौल प्रॉब्लम सॉल्विंग एवं एक्सपेरिमेंट को बढ़ावा देता है और इससे पहले दिन से ही छात्रों को रियल-वर्ल्ड प्रोडक्ट्स बनाने का मौका मिलता है।
न्यूटन स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी के सह-संस्थापक, सिद्धार्थ माहेश्वरी ने कहा, “न्यूटन स्कूल में हम टेक इंडस्ट्री को क्लासरूम तक ला रहे हैं, जिससे पढ़ाई बहुत प्रैक्टिकल, करेंट एवं प्रभावी बने। नए कैंपस को एक कोलैबरेटिव स्पेस के रूप में डिजाइन किया गया है, जहाँ छात्र सिर्फ थ्योरी ही नहीं पढ़ते हैं, बल्कि वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान भी निकालते हैं। हमारा लक्ष्य महज़ जॉब-रेडी ग्रेजुएट्स तैयार करना नहीं, बल्कि भविष्य के टेक लीडर्स एवं उद्यमियों को तैयार करना है, जो भविष्य के डिजिटल लैंडस्केप को नया आकार देंगे।”
चीन, सिंगापुर और सिलिकन वैली जैसे इनोवेशन हब में वैश्विक स्तर पर बन रहे अवसरों को देखते हुए, प्रोजेक्ट्स के माध्यम से हैंड्स-ऑन लर्निंग, हैकेथॉन एवं लाइव इंडस्ट्री चैलेंज और डेडिकेटेड स्टार्टअप इनक्यूबेशन के साथ यह कैंपस अन्य कॉलेजेस से कहीं अधिक आगे है। यह विशेष उद्देश्य से तैयार कैंपस है, जिसे टेक बिल्डर्स, इनोवेटर्स एवं फ्यूचर फाउंडर्स के लिए डिजाइन किया गया है ।


