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एमवाय अस्पताल में होगा सामान्य मरीजों का इलाज, कोविड-19 मरीज नहीं होंगे भर्ती
एसीएस श्री मोहम्मद सुलेमान ने डेथ रेट रिव्यू करने के दिए निर्देश
इंदौर. अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा श्री मोहम्मद सुलेमान की अध्यक्षता में महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 के दौरान संचालित समस्त चिकित्सकीय व्यवस्थाओं तथा कोरोना के संभावित पीक समय के लिए तैयारियों की समीक्षा की गई।
समीक्षा बैठक में चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव श्री संजय शुक्ला, इंदौर संभाग आयुक्त श्री आकाश त्रिपाठी, आयुक्त चिकित्सा विभाग श्री निशांत वरवड़े, कलेक्टर श्री मनीष सिंह, ओएसडी आईपीएस श्री अखिल पटेल, श्री चंद्रमौली शुक्ला, एमजीएम कॉलेज की डीन डॉ ज्योति बिंदल, सीएमएचओ डॉ एमपी शर्मा, एम आर टीबी अस्पताल के प्रभारी डॉ सलिल भार्गव तथा एमटीएच अस्पताल के प्रभारी डॉ वी.पी. पांडे आदि उपस्थित थे।
एसीएस श्री सुलेमान ने एम वाय अस्पताल को पूर्णतः कोविड-19 संक्रमित मरीजों से मुक्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि एमवाय अस्पताल में ना केवल इंदौर जिले से बल्कि संभाग से भी आसपास के व्यक्ति इलाज हेतु आते हैं। अतः उपयुक्त होगा कि अस्पताल में कोविड-19 के अतिरिक्त अन्य सभी मरीजों का इलाज पूर्वानुसार ही चलता रहे।
श्री सुलेमान ने कोविड-19 संक्रमण के कारण हो रही मृत्यु का रिव्यू करने के आदेश दिए है। उन्होंने कहा कि हमें इस संक्रमण से होने वाली मृत्यु को कम करने के प्रयास करने होंगे। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार तमिलनाडु राज्य में डेथ परसेंटेज काफी कम है, उसी प्रकार हमें भी इस दिशा में पूर्ण मेहनत से प्रयास करने होंगे।
*बैड कैपेसिटी बढ़ाने हेतु प्रपोजल देने के निर्देश*
सरकारी अस्पतालों में बेड की संख्या के बारे में उन्होंने निर्देश दिए कि बेड कैपेसिटी से संबंधित विस्तृत प्रपोजल तैयार कर के दें। जिससे शीघ्र अति शीघ्र प्रोक्योरमेंट कार्यवाही पूर्ण की जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी दिशा में हमें तैयारी से नहीं चूकना है। उन्होंने कोविड-19 के संबंध में टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इक्विपमेंट, बैड एवं बैड साइड फर्नीचर की व्यवस्था शीघ्र करें पूर्ण
उन्होंने कोविड-19 के संभावित पीक समय को ध्यान में रखते हुए समस्त तैयारियों को शीघ्र ही पूर्ण करने के निर्देश दिए। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला प्रशासन तथा संबंधित कॉन्ट्रैक्टर को 15 जून तक समस्त कंस्ट्रक्शन कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही 200 बेड की उपलब्धता सुनिश्चित एवं अस्पताल हेतु उपकरण तथा बेड साइड फर्नीचर भी शीघ्र फिक्स करने के निर्देश दिए।
एमजीएम कॉलेज की डीन डॉ ज्योति बिंदल ने बताया कि वर्तमान में एमआरटीवी अस्पताल की बेड केपेसिटी 100 है। जिसमें 10 आईसीयू, 16 एचडीयू एवं 74 ऑक्सीजन फेसेलिटी वाले बेड हैं। इसी प्रकार एमटीएच अस्पताल के 220 बेड में से 40 आईसीयू ,180 एचडीयू तथा न्यू चेस्ट वार्ड में 35 आईसीयू तथा 65 ऑक्सीजन फेसेलिटी बेड हैं। उन्होंने बताया कि, कोविड- 19 के लिए इलाज हेतु प्रस्तावित बेड की संख्या 1146 है।
डॉ. बिंदल द्वारा जानकारी दी गई कि एमआरटीबी कोविड अस्पताल में कुल 13348 मरीजों को देखा गया तथा 3856 व्यक्तियों के सैंपल लिए गए जिनमें से 1041 व्यक्ति कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए तथा 425 व्यक्तियों को होम क्वॉरेंटाइन किया गया एवं 616 को अस्पताल में भर्ती किया गया।
बैठक में श्री सुलेमान ने प्लास्टिक की एक्स्ट्रा लेयर वाली पीपीई किट के स्थान पर अल्टरनेट व्यवस्था कराने के निर्देश दिये। डॉ. ज्योति बिंदल ने जानकारी दी कि कोविड संक्रमण के समय सभी सीनियर कंसल्टेंट फ्लोर ड्यूटी कर रहे है। इससे जुनियर डॉक्टर्स का हौसला भी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन व्यवस्था हेतु एमआरटीबी, एमटीएच तथा एमवाय अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन टेंक की व्यवस्था है तथा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में यह कार्य प्रगति पर है।


