- मध्य प्रदेश में चार साल में 1,054 करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी, इंदौर में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के जरिए लोगों को सिखाए जा रहे डिजिटल सुरक्षा के गुर
- PPFAS Mutual Fund Opens New Office in Indore
- पीपीएफएएस म्यूचुअल फंड ने इंदौर में नया ऑफिस खोला
- Arjun Kapoor Birthday Special - From Vienna to London, A Look at His Most Memorable Travel Diaries
- Saree' teaser has all the makings of the next chartbuster; fans await Riteish Deshmukh's full visual on June 27
पेप्वाइंट ने सेवा से वंचित ग्रामीण परिवारों के लिए ई-गोल्ड लॉन्च किया
कोई भी व्यक्ति डीमैट एकाउंट खोले बगैर ही 22 कैरेट ई-गोल्ड में न्यूनतम 500 रुपए का निवेश करके अपनी शुरुआत कर सकता है।
मुंबई. जबकि सोना खरीदने के हजार तरीके मौजूद हैं, इनमें से जो तरीका शहरी भारत में लगातार तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, वह है- ई-गोल्ड या डिजिटल गोल्ड। हालांकि डिजिटल साक्षरता और जागरूकता की कमी के चलते ग्रामीण मार्केट में ई-गोल्ड की मांग सुस्त बनी हुई है।
इस अंतर को देखते हुए पेप्वाइंट ने अपने प्लेटफॉर्म पर एक ई-गोल्ड सुविधा का शुरूआत किया है। यह प्लेटफॉर्म 48,000 से अधिक ऐसे वर्तमान भंडारों का नेटवर्क है, जो आखिरी पंक्ति में खड़े ग्राहकों को सारी सुविधाएं प्रदान करते हैं। यह नेटवर्क ग्रामीण परिवारों के लिए निवेश-प्रक्रिया को आसान एवं सुरक्षित बनाता है।
यह पहल तकनीक की जानकारी न रखने वाले ग्राहकों के लिए शुरू की गई है, ताकि वे पेप्वाइंट स्टोर के स्टाफ की निर्देशित सहायता के जरिए अपनी सहूलियत के हिसाब से ई-गोल्ड खरीद और बेच सकें। कोई भी व्यक्ति 22 कैरेट गोल्ड में कम से कम 500 रुपए का भी निवेश कर सकता है।
ई-गोल्ड नॉन-फिजिकल यानी डिजिटल गोल्ड की बहुत कम मात्रा में खरीदारी को संभव करता है; वह भी कोई डीमैट एकाउंट खोले बगैर! इस प्रकार ग्राहक फिजिकल गोल्ड खरीदने के नकारात्मक पक्षों से बच सकते हैं, जैसे कि फिजिकल सोने की वैधता एवं शुद्धता की पहचान करना, सोने की मात्रा और धनराशि ज्यादा होना, उसे सुरक्षित रखना, भंडारण की समस्या आदि।
दूसरी तरफ, जब कोई व्यक्ति पेप्वाइंट से जुड़े समीपी रिटेल या किराना भंडार से ई-गोल्ड खरीदता है, तो उसकी बराबर कीमत का फिजिकल गोल्ड खरीदा जाता है और उसे ग्राहक की तरफ से सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सुरक्षित तिजोरियों में रख दिया जाता है। इसके अलावा एक्सिस बैंक को इन तिजोरियों का ट्रस्टी बनाया गया है। ग्राहकों के हितों का संरक्षण करने के लिए ये उपाय किए गए हैं।

पेप्वाइंट इंडिया के प्रबंध निदेशक केतन दोशी ने इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा, “सोने की टिकिया, सिक्कों या जूलरी के रूप में खरीदने और उसे अपने स्वामित्व में रखने का खर्च बहुत ज्यादा है, क्योंकि वर्तमान में सोना लगभग 5100 रुपए प्रति ग्राम की दर पर है। ऐसे में हम छोटे-छोटे मूल्यों वाले निवेश के सहारे ई-गोल्ड की संकल्पना को आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाना चाहते हैं। इस प्रकार हम कम आय वाले परिवारों को नियमित माइक्रो-सेविंग्स अपनाने के लिए उत्साहित कर रहे हैं।“
उन्होंने आगे बताया, “आज के विचित्र और अभूतपूर्व दौर में, जब कोविड-19 ने दुनिया की नाक में दम कर रखा है, सुरक्षा की जरूरत पहली पायदान पर आ गई है। ई-गोल्ड वाली एसआईपी के बल पर व्यक्ति सीमित आय के बावजूद धीरे-धीरे अपनी परिसंपत्तियां बना सकता है और चुनौती भरे समय में एक स्तर की वित्तीय सुरक्षा हासिल कर सकता है।“
कुछ रिटेलरों के साथ चलाए गए एक पायलट रन के दौरान पेप्वाइंट ने देखा कि ग्राहक जबर्दस्त ढंग से निवेश के इस तरीके को अपना रहे हैं। वे इसको दैनिक, साप्ताहिक और मासिक निवेश के लिए चुन रहे हैं। इस तरह के प्रतिक्रिया से पेप्वाइंट की वित्तीय उत्पादों को आखिरी ग्राहक तक पहुंचाने वाली प्रतिबद्धता को बल मिला है।
पेप्वाइंट रियल-टाइम बुलियन रेट पर निवेश को आवंटित करके अथवा उसका भुगतान करके पारदर्शी मूल्य-निर्धारण का सुविधा देता है। खरीदारी, नकदी की उच्च तरलता, दीर्घकालीन निवेश और सुरक्षा के मामले में असाधारण एवं अद्वितीय सुविधाओं से लैस ई-गोल्ड वाला निवेश पिरामिड में सबसे नीचे स्थित ग्राहकों के लिए निस्संदेह रूप से निवेश का एक सर्वश्रेष्ठ रास्ता है।


