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उज्ज्वल भारत अभियान के अन्तर्गत औषधीय पौधों का रोपण कर्यक्रम सम्पन्न
इन्दौर। एडवांस योग एवं नेचुरोपैथी चिकित्सालय ग्रेटर ब्रजेश्वरी पिपलियाहाना इन्दौर पर उज्ज्वल भारत अभियान के अन्तर्गत औषधीय सहित फलदार वृक्षों का रोपण किया गया। वृक्षा रोपण का आयोजन श्री गोपाल पंचोली द्वारा किया गया।
जिस तरह दैनिक जीवन में उपयोगी आवश्यक वस्तुओं का महत्व होता है, उसी प्रकार अच्छी बारिश के लिये पर्यावरण व पेड़ पौधों की नितान्त आवश्यकता होती है। इसलिये प्रत्येक नागरिक का कत्र्तव्य बनता है कि, वह क्षमतानुसार पौधों का रोपण करे।
सद्विचारों में कहा गया हैं कि, जल है तो कल है, या जल ही जीवन है, तात्पर्य यह कि, हरे पेड़ पौधों के बिना जल की कल्पना नहीं की जा सकती। प्रायः देखा जाता है कि, घने वृक्ष वाले क्षेत्र या जंगली इलाकों में अच्छी बारिश होती है, वहीं रेगिस्तानी इलाकों में बारिश का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम होता है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाॅ. ए.के. द्विवेदी, सदस्य, वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार ने विटामिन-सी से भरपूर गुणकारी आँवले के बारे में बताते हुये कहा कि, डायबिटीज, एसिडिटी, पथरी की समस्या, रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी, आँखों, याददाश्त, चेहरे के दाग-धब्बे, बालों को काला, घना और चमकदार बनाने के लिये अत्यन्त लाभकारी है।
प्राचीन काल से विभिन्न औषधीय प्रयोजनों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे औषधीय पौधों और जड़ी बूटियों जैसे हल्दी, अदरक, तुलसी के पत्ते, पुदीना और दालचीनी आमतौर पर भारतीय व्यंजनों में उपयोग किए जाते हैं और वे कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। इसी प्रकार के अश्वगन्धा, अर्जुन की छाल व अशोक के औषधीय गुणों के बारे में बताया।
डाॅ. द्विवेदी ने बताया कि, इम्युनिटी यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की सलाह हर किसी को दी जा रही है। जिसकी प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है वे कभी बीमार नहीं होते। इम्युनिटी बढ़ाने के लिये हमारे आसपास कई ऐसे औषधीय पौधे पाये जाते हैं, जिन्हें हम जानते तो पर उनकी उपयोगिता के बारे में नहीं जानते।
ज्ञान के अभाव में इम्युनिटी बढ़ाने के लिये हम दवाईयों का सेवन करते हैं, जबकि दवाईयांे के सेवन के बजाय हमारे आसपास मौजूद औषधीय युक्त पौधों के बारे में जानें। औषधीय पौधों में तुलसी की बात करें तो तुलसी लगभग सभी के घरों में पायी जाती है जो औषधि गुणों से युक्त प्रतिरोधक क्षमता के लिये अत्यन्त लाभकारी है।
इसी प्रकार पपीता भी औषधीय गुणों से युक्त है, बारिश के मौसम में डेंगू बुखार से प्लेटलेट्स की कम संख्या को बढ़ाने में पपीता लाभकारी होता है।
पौधा रोपण कार्यक्रम में डाॅ. विवेक शर्मा, डाॅ. जितेन्द्र कुमार पुरी, मनोज चैधरी, विनय पाण्डेय, जितेन्द्र जायसवाल आदि उपस्थित थे।


