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पंजाब नैशनल बैंक की डिजिटल वित्तीय समावेशन के प्रति प्रतिबद्धता को सशक्त बना रहे हैं ‘पीएनबी श्रम साथी व पीएम ई-स्वनिधि अभियान’
नई दिल्ली, 1 जुलाई 2026: डिजिटल इंडिया दिवस के अवसर पर, भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने डिजिटल बैंकिंग समाधानों के माध्यम से औपचारिक ऋण तक आसान पहुँच सुनिश्चित करके वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की हैं।
पीएनबी ने पीएनबी श्रम साथी और पीएम ई-स्वनिधि जैसी ग्राहकों के अनुकूल डिजिटल ऋण समाधान योजनाएं शुरू की हैं। इन्हें सुलभ, किफायती और डिजिटल रूप से सक्षम ऋण के माध्यम से फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं, सामुदायिक सेवा प्रदाताओं और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को सशक्त बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
पीएनबी श्रम साथी विशेष रूप से केंद्र और राज्य सरकार के विभागों या सरकार समर्थित एजेंसियों में कार्यरत सामुदायिक और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए बनाई गई एक व्यक्तिगत ऋण योजना है। यह योजना आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, स्वच्छता कर्मचारियों, मिड-डे मील रसोइयों, वन कर्मियों और कई अन्य आवश्यक सेवा प्रदाताओं की ज़रूरतों को पूरा करती है। पात्र ग्राहक अपनी व्यक्तिगत वित्तीय आवश्यकताओं को आसानी से पूरा करने के लिए बिना किसी गारंटी के ₹10,000 से ₹1 लाख तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इसमें शून्य प्रसंस्करण शुल्क और 36 महीने तक की पुनर्भुगतान अवधि शामिल है।
वित्तीय समावेशन को और मजबूत करते हुए पीएनबी पीएम ई-स्वनिधि योजना का सक्रिय रूप से समर्थन करना जारी रखे हुए है। यह योजना यूपीआई सक्षम क्रेडिट सुविधाओं के माध्यम से डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को बिना किसी गारंटी के कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करती है। इस योजना के तहत ₹5,000 से लेकर ₹50,000 तक की प्रगतिशील ऋण किश्तें दी जाती हैं, जहाँ समय पर पुनर्भुगतान करने वाले विक्रेताओं को अधिक ऋण सीमा का लाभ मिलता है। पात्र ऋण राशियों पर शून्य मार्जिन और शून्य प्रसंस्करण शुल्क के साथ, यह पहल विक्रेताओं को अपने व्यवसाय को औपचारिक रूप देने, डिजिटल भुगतान अपनाने और दीर्घकालिक वित्तीय मजबूती हासिल करने में सक्षम बनाती है।
इस अवसर पर अपने व्याख्यान में डिजिटल बैंकिंग ट्रांसफॉर्मेशन डिवीजन के महाप्रबंधक श्री देबाशीष गांगुली, पीएनबी ने कहा: “डिजिटल इंडिया सिर्फ तकनीक के बारे में नहीं है, बल्कि यह वित्तीय सेवाओं को हर नागरिक के लिए अधिक सुलभ, समावेशी और सशक्त बनाने के बारे में है। पीएनबी में, हम वित्तीय कमियों को दूर करने और भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले समुदायों तक औपचारिक ऋण का विस्तार करने के लिए डिजिटल बैंकिंग का लाभ उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ‘पीएनबी श्रम साथी’ और ‘पीएम ई-स्वनिधि’ जैसी पहलों के माध्यम से, हम देश के डिजिटल रूप से सशक्त समाज के दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए व्यापक वित्तीय समावेशन को सक्षम बना रहे हैं।”
जहां देश डिजिटल इंडिया दिवस मना रहा है, पीएनबी डिजिटल नवाचार के माध्यम से समावेशी विकास को गति देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है। बैंक यह सुनिश्चित कर रहा है कि फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं से लेकर छोटे उद्यमियों तक, प्रत्येक नागरिक के पास ऐसी औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक पहुँच हो, जो उनकी आकांक्षाओं का समर्थन करती हैं और भारत की आर्थिक प्रगति में योगदान देती हैं।


