- इंदौर पिंक पैंथर्स मध्य प्रदेश लीग (MPL) T20-2026 में चैंपियन बनने के लक्ष्य के साथ उतरने को तैयार; टीम ने अपनी सोच और तैयारियों का रोडमैप साझा किया
- द क्रश कॉफी पर अब होगा खास संडे ब्रन्च
- जल, जीवन और जमीन के संरक्षण के लिए वृक्षारोपण आवश्यक : डॉ. ए.के. द्विवेदी
- Triptii Dimri Dives into Comedy with Maa Behen! A Full-Blown Comedy Caper Coming Up Next?
- The Rise of Ram Charan as Indian Cinema’s Complete Hero
साबूदाने में तेजी का रूख: साबु
कुकरी जॉकी ब्रांड को बाज़ार में मिला प्रमुख स्थान
सेलम 7 सितम्बर 2021: साबूदाने के बाज़ार ने पिछले दो तीन महीने अपने तीन वर्षों के न्यूनतम भावों पर व्यापार किया और अब पिछले 7 – 8 दिनों से आगामी त्योहारों जैसे गणेश चतुर्थी, ऋषिपंचमी, नवरात्रि, दशहरा और दीवाली पर खपत बढ़ने की संभावनाओं के चलते निर्माताओं और वितरकों को बेहतर भाव मिलने की उम्मीद बढ़ने लगी है. यह कहना है एफएमसीजी कम्पनी साबु ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निर्देशक श्री गोपाल साबु का, जो इस व्यवसाय में करीब 35 वर्षों का गहन अनुभव रखते हैं।
श्री साबु ने बताया कि पिछले दिनों जहां एक ओर अच्छी क्वालिटी के साबूदाने की दिशावरों की अच्छी माँग निकली है वहीं पुराना स्टॉक होने के बावजूद नये सीजन में दो माह का समय बाकी होने से करीब चार – पाँच सौ रुपये प्रति क्विटल की तेजी की संभावना बन रही है।
श्री गोपाल साबु की कंपनी साबु ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड, सेलम से देश के अनेक राज्यों में शुद्ध किस्म का एगमार्क परीक्षित साबुदाना सच्चामोती, चक्र और सच्चासाबु मार्कों में कन्ज्यूमर पैक में बेचती है और उपभोक्ता इन उत्पादों पर पूरा भरोसा करते हैं।
साबु ट्रेड ने इसी वर्ष एक नया ब्रांड कुकरी जॉकी लांच किया है जिसकी शुरुआत पाँच पुरातन गुणकारी भारतीय मिलेट्स भगर-मोरधन, कोदो, सावां, काकुम तथा रागी के अंतर्राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता वाले छोटे कंज्यूमर पैक से की है, जिन्हें गृहिणियों/उपभोक्ताओं ने अत्यधिक पसंद किया है. आगे भी इसी प्रकार का प्रतिसाद मिलने की आशा है।
ये मिलेटस, कई रोगों के उपचार में सहायक होते हैं, रोग प्रतिरोधक हैं, पौष्टिक हैं और पचाने में आसान हैं. जो स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और अपनी थाली में आने वाले भोजन को लेकर सावधान हैं, उनके लिए विशेषज्ञों का सुझाव है कि मिलेट्स उनके दैनिक नियमित आहार का हिस्सा होना चाहिए।
श्री साबु ने आगे बताया कि भारत में मिलेट्स की पैदावार के दौरान किसी भी प्रकार के कृत्रिम या रासायनिक खाद का उपयोग ना होने से यह पूर्णत: जैविक (Organic) खाद्य ही हैं l कम्पनी ने सेलम (तमिलनाडु) में मिलेट्स के मिट्टी-कंकड़ अलग कर, छिलके उतारकर, सफाई कर पैकिंग करने का आधुनिकतम प्लांट लगाया है ताकि ग्राहकों को सर्वोत्तम प्राकृतिक उत्पाद दे सकें।


