- Solaryaan Joins Haryana Green Energy Roadshow as Inverter Sales Cross 1 Lakh in H1 FY27
- फेयरफील्ड बाय मैरियट इंदौर में 7 अक्टूबर को शुरू होगा, ग्लास स्काई रूफटॉप रेस्टोरेंट, मिलेगा खास डाइनिंग एक्सपीरियंस
- ICICI Bank brings back ‘Festive Bonanza’ with exciting deals across shopping, travel, and lifestyle brands
- आईसीआईसीआई बैंक ने खरीदारी, यात्रा और लाइफस्टाइल ब्रांड्स पर आकर्षक ऑफर के साथ ‘फेस्टिव बोनांजा’ की फिर की शुरुआत
- Mumbai Deputy Mayor Sanjay Ghadi Honored with Mumbai Achievers Awards 2026
शिलांग से इंदौर के प्रख्यात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. ए.के. द्विवेदी को विशेष आमंत्रण
भारतीय होम्योपैथी की वैश्विक पहचान की ओर एक और कदम
इंदौर। होम्योपैथी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए इंदौर के प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. ए.के. द्विवेदी को एक और महत्वपूर्ण सम्मान प्राप्त हुआ है। उत्तर-पूर्वी आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान (NEIAH), शिलांग द्वारा उन्हें विश्व होम्योपैथी दिवस 2026 के भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि (Chief Guest) के रूप में आमंत्रित किया गया है।
यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम 10 अप्रैल 2026 को शिलांग स्थित NEIAH परिसर में आयोजित किया जाएगा, जो होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनिमैन की 271वीं जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम
“भारतीय होम्योपैथी: परंपरागत ज्ञान को ठोस एवं प्रमाणित विज्ञान में रूपांतरित करने की दिशा”
रखी गई है, जो भारतीय होम्योपैथी की वैज्ञानिक प्रगति, अनुसंधान आधारित दृष्टिकोण एवं वैश्विक स्वीकार्यता को सशक्त रूप से प्रदर्शित करती है।
संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) विजय कुमार द्वारा भेजे गए आधिकारिक आमंत्रण पत्र में डॉ. द्विवेदी से न केवल मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है, बल्कि उनसे वैज्ञानिक सत्र में एक विशेष व्याख्यान देने का भी आग्रह किया गया है। इस सत्र में देशभर के फैकल्टी सदस्य, मेडिकल अधिकारी, पीजी छात्र एवं शोधार्थी भाग लेंगे, जिससे ज्ञान-विनिमय एवं नवाचार को नई दिशा मिलेगी।
डॉ. ए.के. द्विवेदी का होम्योपैथी के क्षेत्र में, विशेष रूप से अप्लास्टिक एनीमिया, प्रोस्टेट कैंसर एवं जोड़ो के दर्द रीढ़ की हड्डियों में दर्द तथा त्वचा रोगों के उपचार में, योगदान अत्यंत सराहनीय रहा है। उनके वर्षों के अनुभव, शोध कार्य एवं सामाजिक जागरूकता अभियानों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है।
वे निरंतर होम्योपैथी को वैज्ञानिक आधार पर स्थापित करने की दिशा में सक्रिय हैं।
यह आमंत्रण न केवल डॉ. द्विवेदी के व्यक्तिगत सम्मान का प्रतीक है, बल्कि इंदौर और मध्यप्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है। उनके मार्गदर्शन एवं विचारों से होम्योपैथी के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होने की प्रबल संभावना है, जो आने वाले समय में चिकित्सा जगत को नई दिशा प्रदान करेगा।


