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समूह नृत्य में लोकनृत्यों ने बांधा समां, स्किट से दिया देशभक्ति का संदेश
इन्दौर. युवा उत्सव 2018-19 में भाग लेने के लिए विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक दल गठन के लिए चयन प्रक्रिया आयोजित की गई.
सर्वप्रथम शास्त्रीय एकल नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें 3 प्रतिभागियों ने कथक नृत्य की प्रस्तुति दी, तत्पश्चात 5 दलों ने सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति दी जो राजस्थानी, पंजाबी एवं गुजराती नृत्यों पर आधारित थी. इस प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ. नितीन शिराले थे.
रंगमंचीय विधाओं में स्किट, माईम एवं मिमिक्री की प्रस्तुतियां दी गई. स्किट में कुल 6 दल, माईम में 3 एवं मिमिक्रि में 2 प्रतिभागियों ने प्रस्तुतियां दी. स्किट के विषय ‘देवताओं के वाहनों का छुट्टी पर जानाÓ, ग्लोबल वार्मिंग एवं भ्रष्टाचार, पर आधारित थे.
माईम की प्रस्तुतियां देश भक्ति एवं संविधान की धारा 377 पर आधारित थीं. इन विधाओं के निर्णायक थे संतोष जोशी. तालवाद्य में 2 प्रतिभागियों ने तबले पर प्रस्तुति दी एवं स्वर वाद्य में 4 प्रतिभागियों ने बांसुरी वादन किया. ललित कलाओं में काटूर्निंग का विषय था ‘बढ़ता डॉलर-गिरता रूपयाÓ जिसमें 7 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.
पोस्टर मेंकिंग में 13 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया जिसका विषय था ‘सेव डॉटर-साईकोलाजिकल रिस्पांस्बिलिटीÓ. ऑन द स्पाट पेंटिंग का विषय था ‘सन राईस” जिसमें 15 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. ललित कला विधाओं के निर्णायक थे श्रीमती स्वर्णा मोदी एवं प्रो. प्रतिभा शर्मा.


