- BHIVE Unveils Its First-Ever Brand Film with Milind Soman, Turning Its Campus Workplace Vision into a Movement
- नेशनल अवॉर्ड विनर अंजलि पाटिल की ‘सेल्वी’ ने बुसान प्रीमियर से पहले जारी किया नया पोस्टर
- पूजा बत्रा, अदिति गोवित्रिकर और दीपक तिजोरी ने योगासन चैंपियनशिप में जमाया रंग, फिटनेस को लेकर दिया खास संदेश
- A Soulful Farewell to Bappa: Nirvaan Birla Presents His Rendition of ‘Jai Ganesha Deva’
- Krishna das joins amjad ali khan’s chants for unity for a powerful rendition of om mani padme hum
21 दिन में बदलें सेहत और सोच, इंदौर से शुरू हो रहा पीक परफॉर्मेंस चैलेंज
· सेहत, अनुशासन और जीवन संतुलन सिखाएगा 21 दिन का पीक परफॉर्मेंस चैलेंज
· छोटी आदतें, बड़ा बदलाव: 21 दिन का चैलेंज देगा बेहतर जीवन की दिशा
· खुद के लिए 21 दिन: बेहतर जीवन की ओर एक सशक्त शुरुआत
इंदौर, 31 दिसम्बर 2025: बदलती जीवनशैली, बढ़ता मानसिक दबाव और असंतुलित दिनचर्या आज बड़ी संख्या में लोगों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार स्वास्थ्य केवल दवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुशासन, संतुलित आहार, मानसिक स्पष्टता और सामाजिक जिम्मेदारी भी उतने ही आवश्यक घटक हैं। इसी व्यापक सोच के साथ एक समग्र जीवनशैली आधारित पहल के रूप में 21 दिन का पीक परफॉर्मेंस चैलेंज शुरू किया जा रहा है।
जाने-माने एंडोक्राईनोलॉजिस्ट डॉ. संदीप जुल्का के मार्गदर्शन में यह चैलेंज 4 जनवरी से प्रारंभ होगा। यह कार्यक्रम इस सिद्धांत पर आधारित है कि किसी भी नई आदत को अपनाने या पुरानी आदत को छोड़ने के लिए कम से कम 21 दिनों का निरंतर अभ्यास आवश्यक होता है। 21 दिन के इस चैलेंज का उद्देश्य प्रतिभागियों को शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और सामाजिक स्तर पर संतुलित जीवन की दिशा में प्रेरित करना है।
इस चैलेंज के दौरान प्रतिभागियों को अपने घर से ही दैनिक गतिविधियां करने के निर्देश दिए जाएंगे। इनमें नियमित व्यायाम, प्राणायाम, पर्याप्त जल सेवन और राष्ट्र व समाज के लिए सकारात्मक योगदान जैसे कार्य शामिल होंगे। इसके साथ ही विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन सत्रों के माध्यम से निरंतर मार्गदर्शन भी दिया जाएगा, ताकि प्रतिभागियों को पूरे 21 दिनों तक स्पष्ट दिशा और प्रेरणा मिलती रहे।
कार्यक्रम को लेकर डॉ. संदीप जुल्का ने कहा कि, “यह 21 दिन का पीक परफॉर्मेंस चैलेंज खासतौर पर आम नागरिकों की व्यस्त और तेज़ रफ्तार जिंदगी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। आज नौकरी, व्यवसाय, परिवार और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच लोग अपने स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के लिए समय नहीं निकाल पाते, जिसका असर धीरे-धीरे थकान, तनाव और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के रूप में सामने आता है। यह चैलेंज किसी भारी बदलाव की मांग नहीं करता, बल्कि रोज़मर्रा की दिनचर्या में छोटे, व्यावहारिक और अपनाने योग्य कदम जोड़ता है, जिन्हें कोई भी व्यक्ति अपनी व्यस्तता के बावजूद आसानी से कर सकता है। केवल 21 दिनों का यह अनुशासित अभ्यास लोगों को अपनी आदतों को समझने, उन्हें संतुलित करने और दीर्घकालिक रूप से बेहतर स्वास्थ्य, स्पष्ट सोच और आत्मनियंत्रण की ओर बढ़ने का अवसर देता है। यही 21 दिन आगे चलकर जीवन भर के सकारात्मक बदलाव की नींव बन सकते हैं।”
इस चैलेंज में विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी मार्गदर्शकों की सक्रिय सहभागिता रहेगी। नेतृत्व गुरु के रूप में मेजर जनरल छावा, ब्रिगेडियर संजीव कुमार और कर्नल यादवेंद्र जादौन प्रतिभागियों को अनुशासन, नेतृत्व, आत्मनियंत्रण और राष्ट्रसेवा के मूल्यों से जोड़ेंगे। उनके सत्रों के माध्यम से यह समझ विकसित की जाएगी कि व्यक्तिगत जीवन में अनुशासन किस प्रकार बेहतर निर्णय क्षमता और स्थिरता लाता है।
ज्ञान गुरु के रूप में डॉ. संध्या चोकसे, श्री बाहुल शास्त्री, श्री अनुभव दुबे, डॉ. भारत रावत और श्रीमती वेदिका श्रीवास्तव प्रतिभागियों से संवाद करेंगे। ये सत्र भारत की विरासत, सांस्कृतिक मूल्यों और ‘गोल्डन इयर्स ऑफ इंडिया’ की समझ के साथ-साथ आज के दौर में स्वस्थ, संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने की सोच पर केंद्रित होंगे।
शारीरिक और मानसिक संतुलन के लिए योग गुरु श्रीमती अश्विनी मालवीय, और व्यायाम गुरु के रूप में श्रीमती मुक्ता सिंह और श्री अंकित सोनी नियमित व्यायाम और शारीरिक सक्रियता के महत्व पर मार्गदर्शन देंगे। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सत्रों में डॉ. मेजर समिता भूषण (मनोचिकित्सक) तनाव प्रबंधन, मानसिक संतुलन और भावनात्मक स्वास्थ्य पर चर्चा करेंगी। आहार और पोषण से जुड़े विषयों पर आहार गुरु श्रीमती प्रिया और सुश्री नायमा मिलेट्स और प्रोटीन आधारित संतुलित आहार के व्यावहारिक विकल्पों की जानकारी देंगी।
इसके अलावा वित्तीय अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर श्री आलोक अजमेरा प्रतिभागियों से संवाद करेंगे। वे बताएंगे कि रोजमर्रा की जिंदगी में सही योजना बनाकर अपने वित्तीय लक्ष्यों को कैसे प्राप्त किया जा सकता है। 21 दिन के इस पीक परफॉर्मिंग चैलेंज की शुरुआत को प्रेरणादायक बनाने के लिए डॉ. (श्रीमती) श्वेता कौल अपने अनुभव साझा करेंगी। वे स्वयं 75 दिनों के एक चैलेंज पर कार्य कर रही हैं और अपने अनुभवों के माध्यम से यह समझाने का प्रयास करेंगी कि निरंतरता और अनुशासन से जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव कैसे लाया जा सकता है।
डॉ. संदीप जुल्का के अनुसार, 21 दिन के इस पीक परफॉर्मेंस चैलेंज की शुरुआत को प्रेरणादायक बनाने के लिए डॉ. (श्रीमती) श्वेता कौल अपने अनुभव साझा करेंगी। वे स्वयं 75 दिनों की एक प्रक्रिया पर कार्य कर रही हैं और अपने अनुभवों के माध्यम से यह समझाने का प्रयास करेंगी कि निरंतरता और अनुशासन से जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव संभव है। आयोजकों का मानना है कि यह सत्र प्रतिभागियों को पूरे 21 दिन के चैलेंज से भावनात्मक रूप से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।


