नए वर्ष में अ.भा. अग्रवाल महासभा देश के एक करोड़ बंधुओं को जोड़ेगी

कोटा अधिवेशन में प्री वेडिंग शूट एवं तलाक के बढ़ते मामलों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय

इंदौर, दिसम्बर। अ.भा. अग्रवाल महासभा नए वर्ष में देश के एक करोड़ अग्रवाल बंधुओं को संगठन की मुख्य धारा से जोड़ने के साथ ही प्री वेडिंग शूट एवं तलाक संबंधी मामलों की बढ़ती संख्या की रोकथाम के अलावा प्रत्येक समाज बंधु के घर कुलदेवी महालक्ष्मी एवं पितृ पुरुष महाराजा अग्रसेन की तस्वीरें लगाने और मांगलिक प्रसंगों पर 21 से अधिक व्यंजनों के निर्माण को नियंत्रित करने जैसे सामाजिक सुधार के अभियान भी चलाएगी। महासभा ने इंदौर उज्जैन मार्ग को महाराजा अग्रसेन मार्ग घोषित करवाने के लिए भी पुरजोर मांग उठाने का निर्णय लिया है।

राजस्थान के कोटा शहर में संपन्न हुए महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के 33 राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पडोसी देश नेपाल के अग्रवाल बंधु भी इस अधिवेशन में भागीदार बने। अध्यक्षता महासभा के अध्यक्ष सतीश अग्रवाल ने की। इस अवसर पर राष्ट्रीय महामंत्री हरि अग्रवाल (इंदौर), मालवा प्रान्त के अध्यक्ष अशोक गोयल (इंदौर) ने अधिवेशन के लौटकर बताया कि अधिवेशन में सामाजिक सुधार की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

कोटा की जिला समिति की ओर से उद्योगपति एवं अ.भा. रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष राजेश बिरला के मुख्य आतिथ्य में इस अवसर पर समाज सेवा एवं संगठन में योगदान के लिए हरि अग्रवाल एवं अशोक गोयल का सम्मान भी किया गया। नेपाल महासभा के अध्यक्ष केके अग्रवाल, मुंबई से आए किशोर गुप्ता, कोलकाता के रमेश जैन, महिला समिति की अध्यक्ष मृदुला अग्रवाल, दिल्ली के हरिओम गर्ग, जयपुर के भानुप्रताप बंसल , कोटा के सुरेश कुमार गर्ग, दिल्ली के रामेश्वर दास गर्ग आदि ने समाजहित में अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

महासभा के अध्यक्ष सतीश अग्रवाल ने अधिवेशन में लिए गए निर्णयों के अनुसार नए वर्ष में देश के सभी प्रमुख अग्रवाल बाहुल्य शहरों में महासभा के माध्यम से प्री वेडिंग शूट और तलाक के बढ़ते मामलों पर जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प व्यक्त किया। वहीं समाज के सभी घरों में पितृ पुरुष महाराजा अग्रसेन एवं कुलदेवी महालक्ष्मी की तस्वीरें लगाने के लिए महासभा के सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने शहरों में अग्रवाल संगठनों के माध्यम से अभियान चलाएँ।

इंदौर उज्जैन मार्ग को राज्य शासन द्वारा तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में महाराजा अग्रसेन मार्ग घोषित करने के निर्णय पर भी महासभा की ओर से राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलकर मांग करने का निर्णय लिया गया। इसी तरह मांगलिक प्रसंगों पर 21 से अधिक व्यंजनों के निर्माण एवं फिजूलखर्ची रोकने के लिए भी देशभर में जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया।

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