- आरंभ गरबा महोत्सव 2026: इंदौर की सांस्कृतिक धरोहरों का भव्य उत्सव
- Hindi Zee 5 Unveils Trailer of Jio Studios, Fresh Lime Films and MA+TH Entertainment Networks’ Sumo Didi, A powerful story of grit, resilience, and breaking Stereotypes!
- Bollywood Actors Show Ways to Paint the Town Red this Navratri
- Karan D Kapadia Delves into the Mind of Hunkkaar: The Roar: The show acts as a small catalyst for change
- अक्षय कुमार और विपुल अमृतलाल शाह की ‘समुक’ ने यूके में पूरा किया शूटिंग शेड्यूल, अब मुंबई में होगा आखिरी पड़ाव
छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को ‘यूनियन सृजन’ गृह पत्रिका के लिए प्रथम पुरस्कार
मुंबई, 20 सितंबर 2026: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी हिंदी गृह पत्रिका ‘यूनियन सृजन’ के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु ‘ख’ भाषाई क्षेत्र में गृह पत्रिकाओं के लिए राजभाषा कीर्ति पुरस्कार योजना के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया।
यह पुरस्कार गृह मंत्रालय, भारत सरकार के राजभाषा विभाग द्वारा सिडको एक्ज़िबिशन केंद्र, नवी मुंबई, महाराष्ट्र में आयोजित 6वें अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में प्रदान किया गया।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार श्री अमित शाह, माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार के कर-कमलों से श्री आशीष पाण्डेय, प्रबंध निदेशक एवं सीईओ, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को प्रदान किया गया। सम्मेलन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस, उप मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे तथा उप मुख्यमंत्री सुश्री सुनेत्रा अजीत पवार भी उपस्थित थे।
सम्मेलन के द्वितीय सत्र में बैंक की ‘विविध आयाम’ पुस्तक शृंखला के अंतर्गत ‘कारोबार सर्वोपरि, अनुपालन निरंतर’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया। साथ ही, श्री नित्यानंद राय, माननीय गृह राज्य मंत्री और श्री बंडी संजय कुमार, माननीय गृह राज्य मंत्री द्वारा 05 दृष्टि दिव्यांगजनों को एआई-संचालित चश्मे भी प्रदान किए गए।
इस अवसर पर माननीय श्री अमित शाह, माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। श्री आशीष पाण्डेय, प्रबंध निदेशक एवं सीईओ, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने उनका स्वागत एवं सम्मान करते हुए उन्हें नव-प्रकाशित पुस्तक की प्रति भेंट की।
यह उपलब्धि बैंकिंग कार्यों में राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रयोग एवं संवर्धन के प्रति यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।


