- मध्य प्रदेश में चार साल में 1,054 करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी, इंदौर में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के जरिए लोगों को सिखाए जा रहे डिजिटल सुरक्षा के गुर
- PPFAS Mutual Fund Opens New Office in Indore
- पीपीएफएएस म्यूचुअल फंड ने इंदौर में नया ऑफिस खोला
- Arjun Kapoor Birthday Special - From Vienna to London, A Look at His Most Memorable Travel Diaries
- Saree' teaser has all the makings of the next chartbuster; fans await Riteish Deshmukh's full visual on June 27
उपासना कामिनेनी कोनिडेला ने मंदिरों की भूमि को वेलनेस और हीलिंग केंद्र बनाने पर छेड़ी राष्ट्रीय चर्चा
उपासना कामिनेनी कोनिडेला की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने एक महत्वपूर्ण और विचारोत्तेजक चर्चा को जन्म दिया है। देश के सबसे संवेदनशील और अक्सर टाले जाने वाले विषयों में से एक—मंदिरों की भूमि—पर बात करते हुए उन्होंने एक साहसिक लेकिन गहराई से जुड़ा हुआ विचार प्रस्तुत किया है: इन स्थानों को वेलनेस, योग, ध्यान और सामुदायिक उपचार के केंद्रों में बदलना।
मंदिरों को केवल पूजा स्थल ही नहीं, बल्कि समग्र कल्याण के केंद्र के रूप में पुनः परिकल्पित करते हुए उपासना यह दर्शाती हैं कि धर्म, योग और सामूहिक हीलिंग के माध्यम से लोगों को जोड़ना भारत में बीमारियों के बोझ को काफी हद तक कम कर सकता है और देश के ‘हैप्पीनेस कोटिएंट’ को बढ़ा सकता है।
इसे भारत के लिए एक सच्चा “आहा मोमेंट” बताते हुए उनका संदेश देश से आह्वान करता है कि वह अपनी प्राचीन ज्ञान परंपरा को पुनः अपनाए और उसे आधुनिक जीवन में सार्थक रूप से लागू करे—ताकि भारत अधिक स्वस्थ, अधिक खुशहाल और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बन सके।
यह एक ऐसा विचार है जो परंपराओं को चुनौती देता है, फिर भी स्वाभाविक रूप से सही लगता है—एक ऐसी सोच जिसे अब भारत को अपनाना ही होगा।


