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हिण्डालको महान के सीएसआर विभाग द्वारा संचालित योजना हुनरबाज से खराब हैण्डपम्प खुद ही बना सकेंगे ग्रामवासी
हिण्डालको महान निगमित सामाजिक दायित्व के तहत सदैव इस बात पर ज्यादा जोर देता है कि ज्यादा से ज्यादा लोग स्वावलम्बी हो इसके लिये आवश्यकतानुसार समय-समय पर स्किल इण्डिया के तहत कई प्रशिक्षण कार्यक्रमो का संचालन करता रहता है जिससे लोग प्रशिक्षित होकर लोग स्वयं का रोजगार संचालित कर सके।
हिण्डालको महान आस-पास के क्षेत्रो में पीने योग्य पानी के दिक्कत को देखते हुये कई नवीन हैण्डपम्पो का उत्खनन कराया है। जिसमें 6 वर्षो में अब तक 100 से ज्यादा हैण्डपम्प का सफल संचालन हो रहा है। लेकिन गांवो में खराब हैण्डपम्पो की संख्या में भी इजाफा देख गया है। हैण्डपम्प रिपेयरिंग न होने की वजह से लोगो को जल संकट से जुझना पड़ता है।
इसी को देखते हुये समय-समय पर हैण्डपम्पो का सुधार कर उन्हे जीर्णोध्दार कर चलाया जा रहा है। गांवो में इस समस्या के निराकरण के लिये हिण्डालको महान अपने सीएसआर विभाग द्वारा संचालित योजना ‘‘प्रोजेक्ट हुनरबाज‘‘ के तहत सीएसआर विभाग द्वारा आदर्श गावं बनाने हेतु गोद लिये गांवो में लोगो को संचालित हैण्डपम्प रिपेयरिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन करने का निर्णय लिया है.
जिसमें गांव के स्थानिय लोग ही अपने गावं के हैण्डपम्पो का सुधार कर सके, इससे खराब हैण्डपम्पो की संख्या में कमी आयेगी और गांव के लोग ही स्थानिय स्तर पर किसी बाहरी मैकैनिक के बजाय खुद ही हैण्डपम्प का जीर्णोध्दार कर सकेगें।
“प्रोजेक्ट हुनरबाज” के संचालक सीएसआर विभाग प्रमुख यसवंत कुमार ने बताया की इस प्रशिक्षण से जल संकट से जुझ रहे लोगो को राहत मिल सकेगी और साथ ही स्वावलम्बन के क्षेत्र में कई हुनरबाज भी तैयार हो सकेंगे।


