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ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस का अनिश्चितकालीन राष्ट्रव्यापी चक्काजाम 20 जुलाई से
इंदौर. परिवहन क्षेत्र बढ़ती परिचालन लागत और अवास्तविक माल के साथ गहरे घाटे में चल रहे सहित अन्य मुद्दों को लेकर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने सड़क परिवहन समुदाय से 20 जुलाई को अनिश्चितकालीन राष्ट्रव्यापी चक्काजाम करने का आह्वान किया है.
इस आन्दोलन के बारे में कोआर्डिनेशन कमिटी के चेयरमैन अमृत लाल मदान ने बताया कि भारत के सड़क परिवहन समुदाय ने सरकार के विमुद्रिक्रण, जीएसटी और ई-वे बिल का समर्थन किया, लेकिन सरकार इस क्षेत्र के खराब स्वास्थ्य और इसकी समस्याओं को सहानुभूति पूर्वक हल करने में विफल रही है. बहुत से मुद्दे जिनका प्रतिकूल असर सडक परिवहन व्यवसाय पर पड़ा है वे लम्बे समय से लंबित हैं. यह हमारे लिए एक त्रासदी से कम नहीं और अब इन समस्याओं के कारण परिवहन व्यवसाय विनाश के कगार पर आ चूका है. सड़क परिवहन समुदाय अब और सहने में सक्षम नहीं है. सड़क परिवहन क्षेत्र को बचाने के लिए कुछ मुद्दों पर तत्काल निवारण की आवश्यकता है, जिनमें डीजल की कीमतें कम होनी चाहियें, राष्ट्रीय स्तर पर समान मूल्य निर्धारण और डीज़ल कीमतों में त्रैमासिक संशोधन, टोल बैरियर मुक्त भारत, तृतीय पक्ष बीमा प्रीमियम (टी.पी.पी.) निर्धारण में पारदर्शिता, इस पर जी.एस.टी की छूट और कोम्प्रेहेंसिव पॉलिसी के माध्यम से एजेंटों को भुगतान किए जा रहे अतिरिक्त कमीशन को समाप्त करना. सहित अन्य बिंदु है. पूर्व अध्यक्ष बल मलकीत सिंह और परविंदर सिंह भाटिया – फेडरशन ऑफ़ गुड ट्रांसपोर्ट मध्य प्रदेश ने आगे बताया – हमने इन मुद्दों को लेकर सरकार के पास पर्याप्त प्रतिनिधित्व किया है और समय समय पर परिवहन व्यापार के महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने के लिए सकारात्मक एवं रचनात्मक कोशिश की है, लेकिन सरकार ने परिवहन व्यापार कि हमेशा उपेक्षा की है और केवल झूठे आश्वासनों से झांसा दिया है. परिवहन व्यवसाय पहले से ही वित्तीय घाटे की गहरी गर्त में जा चूका है. अब सरकार को जागृत होने की और इस क्षेत्र की ओर पूरा ध्यान देने की जरुरत है। लंबे समय से कई गंभीर मुद्दे लंबित हैं और इस क्षेत्र के परिचालन में प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रहे हैं. इस चक्काजाम का समर्थन प्रदेश और शहर के सभी ट्रंासपोर्ट संगठन ने किया है.


